पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Market Watch
  • SENSEX52574.460.44 %
  • NIFTY15746.50.4 %
  • GOLD(MCX 10 GM)47005-0.25 %
  • SILVER(MCX 1 KG)67877-1.16 %
  • Business News
  • Rules Changing From 1 April 2021 News Update; Tax On EPF Interest, Check Full Details

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत:1 अप्रैल से PF पर टैक्स और बैंकिंग सहित 10 नियम बदल जाएंगे, इनका आप पर सीधा असर होगा

नई दिल्ली3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

1 अप्रैल से नया फाइनेंशियल ईयर शुरू हो रहा है। इसी के साथ नौकरीपेशा, पेंशनर, आम लोगों, बैंकिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े कई नियम बदल जाएंगे। इसका सीधा असर आप पर पड़ेगा।
हम आपको ऐसे ही 10 बदलावों के बारे में बता रहे हैं।

1. EPF से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स
बजट 2021-22 में एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स की घोषणा की गई थी। अब एक वित्त वर्ष में 2.5 लाख तक EPF में निवेश ही टैक्स फ्री होगा। उससे ज्यादा निवेश करने पर एडिशनल अमाउंट पर ब्याज से होने वाली कमाई पर टैक्स लगेगा। मतलब अगर आपने 3 लाख रुपए सालाना जमा किया है, तो 50 हजार रुपए पर ब्याज से जो कमाई होगी उस पर आपकी टैक्स स्लैब की दर से टैक्स लगेगा।

2. सैलरी से जुड़े नियमों में बदलाव
1 अप्रैल से सैलरी का नया वेज कोड लागू करने की तैयारी में है। नया वेज रूल लागू होते ही आपकी सैलरी में बदलाव होंगे। नए वेज कोड के मुताबिक आपको इन हैंड मिलने वाली सैलरी में वेतन का हिस्सा 50% होना चाहिए। यानी बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ता और रिटेनिंग अलाउंस को मिलाकर मिलने वाली सैलरी आपकी कुल सैलरी का आधा होना चाहिए। यानी 1 तारीख से आपके सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव हो जाएगा।

3. पोस्ट ऑफिस अकाउंट से लेनदेन पर चार्ज लगेगा
अगर आपका अकाउंट इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (IPPB) में है तो आपको 1 अप्रैल 2021 से पैसे जमा करने या निकालने के अलावा आधार आधारित पेमेंट सिस्टम (AEPS) पर चार्ज देना होगा। यह चार्ज फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट के खत्म होने के बाद लिया जाएगा। यानी अगर आपके ट्रांजैक्शन की फ्री लिमिट खत्म हो जाएगी, तभी यह चार्ज देना होगा।

1 अप्रैल से पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट से पैसा निकालने और जमा करने पर देना होगा चार्ज

4. प्री-फिल्ड ITR फॉर्म
कर्मचारियों की सहूलियत के लिए और इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रकिया को आसान बनाने के लिए इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स को अब 1 अप्रैल 2021 से प्री-फिल्ड ITR फॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ITR फाइल करना आसान हो जाएगा।

5. सुपर सीनियर सिटिजंस को ITR फाइल करने से छूट
1 अप्रैल 2021 से 75 साल से ज्यादा उम्र के नागरिकों को ITR फाइल नहीं करना होगा। यह छूट उन सीनियर सिटिजंस को दी गई है जो पेंशन या फिर फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज पर आश्रित हैं।

6. ITR फाइल नहीं करने पर दोगुना TDS
सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करने वालों के लिए नियम काफी सख्त किए हैं। इसके लिए सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट में सेक्शन 206AB जोड़ दिया है। इसके तहत अब ITR फाइल नहीं करने पर 1 अप्रैल, 2021 से दोगुना TDS देना होगा। नए नियमों के मुताबिक, जिन लोगों ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है, उन पर टैक्स कलेक्शन ऐट सोर्स (टीसीएस- TCS) भी ज्यादा लगेगा। नए नियमों के अनुसार 1 जुलाई 2021 से पीनल TDS और TCL दरें 10-20% होंगी जो कि आमतौर पर 5-10% होती हैं।

7. कार में ड्यूल एयर बैग होगा जरूरी
अगले महीने 1 अप्रैल से पैसेंजर कारों में सेफ्टी मानकों में बदलाव हो रहे हैं। अब ड्राइवर के साथ-साथ बगल वाली सीट के लिए भी एयरबैग लगाना अनिवार्य किया गया है।

8. 45 से ज्यादा उम्र के लोगों को मिलेगी कोरोना वैक्सीन
एक अप्रैल से 45 साल और इससे ऊपर के सभी लोग कोरोना वैक्सीनेशन के दायरे में आएंगे। उन्हें सिर्फ कोविन पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद वे सरकारी या प्राइवेट सेंटर पर जाकर टीका लगवा सकेंगे।

1 अप्रैल से सरकारी और प्राइवेट मेडिकल सेंटर पर टीका लगवा सकेंगे, सिर्फ कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा

9. ओरिएंटल और यूनाइटेड बैंक की चेकबुक और IFSC कोड बदलेंगे
पंजाब नेशनल बैंक ने कहा है कि ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की पुरानी चेकबुक और IFSC/MICR Code सिर्फ 31 मार्च तक ही काम करेंगे। इसके बाद आपको बैंक से नया कोड और चेकबुक लेना होगा। ग्राहक ज्यादा जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001802222/18001032222 पर फोन भी कर सकते हैं। 1 अप्रैल 2020 को सरकार ने पंजाब नेशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का मर्जर कर दिया था।

10. नॉन-सैलरीड क्लास को देना होगा ज्यादा TDS
1 अप्रैल से नॉन-सैलरीड क्लास लोगों जैसे फ्रीलांसर्स, टेक्निकल सपोर्टर्स वगैरह की जेब पर अतिरिक्त टैक्स की मार पड़ने वाली है। अभी ऐसे लोगों को अपनी कमाई में से 7.5% बतौर TDS देना होता था लेकिन अब इन्हें 10% TDS देना होगा।