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ECLGS प्रोग्रेस रिपोर्ट:81 लाख MSME के लिए 2.05 लाख करोड़ रुपए का लोन मंजूर, 40 लाख को 4 दिसंबर तक 1,58,626 करोड़ रुपए मिल चुके

नई दिल्ली5 महीने पहले
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इस कारोबारी साल के लिए पहली पूरक अनुदान मांग के तहत ECLGS के लिए 4,000 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है - Money Bhaskar
इस कारोबारी साल के लिए पहली पूरक अनुदान मांग के तहत ECLGS के लिए 4,000 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है
  • पिछले महीने जारी हुए आत्मनिर्भर भारत पैकेज-3 के तहत ECLGS को ECLGS 2.0 के जरिये 26 स्ट्रेस्ड सेकटर्स और हेल्थकेयर सेक्टर के लिए आगे बढ़ाया गया है
  • ECLGS 2.0 के दायरे में वे कंपनियां आएंगी, जिनपर 29 फरवरी 2020 को 50 से लेकर 500 करोड़ रुपए तक का बकाया है और यह बकाया अधिकतम 30 दिनों का है

वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि कोरोनावायरस महामारी से प्रभावित MSME सेक्टर के लिए 3 लाख करोड़ रुपए वाली इमर्जेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) के तहत बैंकों ने करीब 81 लाख अकाउंट्स के लिए 2,05,563 करोड़ रुपए के लेान का मंजूरी दे दी है। मंत्रालय ने सोशल नेटवर्किंग पोस्ट में कहा कि 40 लाख MSME अकाउंट्स ने 4 दिसंबर तक 1,58,626 करोड़ रुपए हासिल कर लिए हैं। इस कारोबारी साल के लिए पहली पूरक अनुदान मांग के तहत इस योजना के लिए 4,000 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।

12 नवंबर को आत्मनिर्भर भारत पैकेज-3 की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था कि ECLGS 1.0 के तहत 2.05 लाख करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं और 1.52 लाख करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। आत्मनिर्भर भारत पैकेज-3 के तहत ECLGS को ECLGS 2.0 के जरिये 26 स्ट्रेस्ड सेकटर्स और हेल्थकेयर सेक्टर के लिए आगे बढ़ाया गया है। ECLGS 2.0 के दायरे में वे कंपनियां आएंगी, जिनपर 29 फरवरी 2020 को 50 से लेकर 500 करोड़ रुपए तक का बकाया है और यह बकाया अधिकतम 30 दिनों का है।

ECLGS 2.0 के तहत दिए जाने वाले लोन का टेनर 5 साल का होगा

ECLGS 2.0 के तहत दिए जाने वाले लोन का टेनर 5 साल का होगा, जिसमें से 1 साल तक मूलधन के भुगतान पर मोरेटोरियम होगा। पूरी योजना (ECLGS 1.0 और ECLGS 2.0) 31 मार्च, 2021 तक लागू रहेगी। कामत कमेटी ने वन टाइम डेट रिस्ट्रक्चरिंग के लिए पावर, कंस्ट्रक्शन, रियल एस्टेट, टेक्सटाइल्स, फार्मास्यूटिकल्स, लॉजिस्टिक्स, सीमेंट, ऑटो कंपोनेंट्स और होटल्स, रेस्तरां व टूरिज्म जैसे सेक्टरों की पहचान की थी।

RBI ने अगस्त में किए था कामत कमेटी का गठन

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ICICI बैंक के पूर्व चेयरमैन केवी कामत की अध्यक्षता वाली समिति का गठन अगस्त में किया था। समिति को 'कोविड-19 संबंधी स्टेस के लिए रिजॉल्यूशन फ्रेमवर्क' के तहत रिजॉल्यूशन प्लान के लिए वित्तीय पैमाना का सुझाव देने की जिम्मेदारी दी गई थी। साथ ही इन पैमाने के लिए सेक्टर स्पेशिफिक बेंचमार्क रेंज का सुझाव देने की भी जिम्मेदारी दी गई थी।

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