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पहली सैलरी से ही करें रिटायरमेंट प्लानिंग:जितनी जल्दी शुरू करेंगे उतनी आसानी से तैयार होगा बड़ा फंड, सिर्फ PF के भरोसे रहना सही नहीं

नई दिल्ली15 दिन पहले
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अक्सर देखा जाता है कि बच्चों की पढ़ाई शादी की प्लानिंग के बीच लोग सही रिटायरमेंट की प्लानिंग करना भूल जाते हैं। ऐसे में रिटायरमेंट के बाद उनको अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। अगर आपने भी अभी तक रिटायरमेंट की प्लानिंग शुरू नहीं की है तो आज से ही कर दें। हम आपको कुछ ऐसी बातें बता रहे हैं जो आपको रिटायरमेंट के बाद भी वित्तीय सुरक्षा देंगे।

सिर्फ PF के भरोसे न रहे
अक्सर लोग अपने रिटायरमेंट के लिए बचत नहीं करते हैं। उनको लगता है कि PF और बीमा जैसे लाभ पर्याप्त होंगे। हालांकि ये आपकी रिटायरमेंट की सभी जरूरतों को पूरा नहीं करेंगे। इसीलिए आपको सक्रिय रहने और अपने रिटायरमेंट की योजना बनाने की जरूरत है। आप अपनी सैलरी का एक छोटे हिस्से के जरिए अपने लिए पर्याप्त रिटायरमेंट फंड तैयार कर सकते हैं।

जितनी जल्दी हो सकें शुरू करें रिटायरमेंट के लिए निवेश
रिटायरमेंट के लिए बचत शुरू करने का सही समय वह है जब आपको पहली तनख्वाह मिलती है। ध्यान रखें लंबे समय में बचत में कम्पाउंडिंग की ताकत होती है। जितना देर से बचत शुरू करेंगे तय रकम जोड़ने के लिए उतनी अधिक रकम निवेश करनी होगी।

मान लीजिए आप यदि कोई 25 साल का व्यक्ति 60 की उम्र में रिटायरमेंट तक 1 करोड़ रुपए जोड़ने की प्लानिंग करता है, मान लें निवेश पर 12% सालाना दर रिटर्न मिल रहा हो तो उसे प्रतिमाह करीब 2 हजार रुपए निवेश करने होंगे। जबकि 45 साल की उम्र से निवेश शुरू करने वाले को प्रतिमाह 12 हजार रुपए निवेश करने होंगे।

एसेट एलोकेशन जरूरी
रिटायरमेंट प्लानिंग में हम अक्सर एसेट एलोकेशन को भूल जाते हैं। ऐसे लोग जिनका रिटायरमेंट 20 साल बाद होना है उन्हें पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा इक्विटी का रखना चाहिए, क्योंकि इस उम्र में आपको पैसा बनाना है, यहां जोखिम लेकर आप कम्पाउंडिंग की मदद से बड़ी रकम जोड़ सकते हैं। ऐसे लोग जो 50 से अधिक उम्र के हैं उन्हें अपने पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा डेट फंडों में निवेश करना चाहिए क्योंकि इसमें जोखिम बहुत कम होता है। उम्र बढ़ने के साथ या रिटायरमेंट की उम्र करीब आने के साथ आपको अपने पोर्टफोलियो में एसेट एलोकेशन इक्विटी से डेट की ओर शिफ्ट करना चाहिए।

रिटायमेंट फंड का सही हिसाब लगाएं
महंगाई बचत को प्रभावित करती है। यह हर साल लाइफ स्टाइल के खर्च को बढ़ाती रहेगी। आज के मुकाबले रिटायरमेंट के बाद आपको लाइफ स्टाइल पर अधिक रकम खर्च करनी हाेगी। उम्र के साथ इलाज का खर्च भी बढ़ेगा। आप रिटायमेंट पर कितना फंड चाहते हैं इसका एक मोटा अनुमान आपके पास होना चाहिए। ताकि आपको उसे इकट्ठा करने में मदद मिले।

कहां करें निवेश?
बैंक और पोस्ट ऑफिस द्वारा ऐसी चलाई जा रही हैं , जिनमें निवेश करके आप अपने लिए रिटायरमेंट फंड तैयार कर सकते हैं। इनमें PPF, रिकरिंग अकाउंट (RD) और नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट स्कीम सहित अन्य स्कीम्स शामिल हैं। इसके अलावा आप म्यूचुअल फंड स्कीम या स्टॉक मार्केट में भी निवेश कर सकते हैं। कई फंड हाउस रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए अलग स्कीम चला रहे हैं।

पेंशन प्लान भी जरूरी
आज सरकार और LIC के अलावा कई अन्य प्राइवेट म्यूचुअल फंड कंपनियां पेंशन प्लान ऑफर कर रहे हैं। ऐसे में आप इनमें निवेश करके अपने लिए पेंशन का इंतजाम भी कर सकते हैं। सरकार द्वारा भी अटल पेंशन और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना चलाई जा रही हैं।