पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Business News
  • Reserve Bank Rate, Policy Rate, Repo Rate, Reverse Repo, Loan Rate, Interest Rate, Bank Loan, RBI

रिजर्व बैंक ने नहीं बढ़ाया रेट:आपने लोन लिया है तो जानिए क्या होगा असर, कैसे सस्ता रख सकते हैं कर्ज

मुंबई8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

रिजर्व बैंक ने एक बार फिर रेपो और रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले अंतिम बार मई 2020 में रेपो रेट को घटाया गया था। इसके मायने ये हैं कि जिन लोगों ने कर्ज लिया है, वे अभी कुछ और समय तक कम ब्याज दरों का आनंद ले सकते हैं। पर जो लोग कर्ज लेना चाहते हैं, उन्हें क्या करना चाहिए, हम बता रहे हैं।

2001 अप्रैल के बाद रेपो-रिवर्स रेपो सबसे कम

रिजर्व बैंक की 8 दिसंबर को मौद्रिक नीति कमिटी (MPC) की 3 दिनों की बैठक खत्म हुई। रेपो रेट 4% पर और रिवर्स रेपो रेट 3.35% पर बरकरार है। रेपो रेट का यह लेवल 2001 अप्रैल के बाद सबसे निचला लेवल है। रिजर्व बैंक के फैसले के बाद ज्यादातर बैंक अभी निकट समय में ब्याज की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं करेंगे।

होम लोन में ब्याज दर काफी जरूरी फैक्टर

होम लोन जिन लोगों ने ले रखा है, उनके लिए ब्याज दर काफी जरूरी फैक्टर होता है। यही फैसला करता है कि कितना आप लोन का पेमेंट किस्त के रूप में कर सकते हैं। होम लोन सबसे लंबे समय का लोन होता है। कर्ज लेने वाले ज्यादातर लोग ब्याज दरों में कमी चाहते हैं।

नए लोन वालों को ज्यादा समय मिलता है

जो नए लोन लेने वाले लोग हैं उनको ज्यादा समय मिलता है। ज्यादातर होम लोन फ्लोटिंग रेट पर दिया जाता है। रिजर्व बैंक ने अक्टूबर 2019 से फ्लोटिंग रेट को अनिवार्य किया है। बैंक इसे अपने एक्सटर्नल बेंचमार्क जैसे रेपो रेट से जोड़ देते हैं। यानी इसका मतलब यह हुआ कि जब भी रेपो रेट घटेगा या बढ़ेगा, आपका ब्याज उसी आधार पर घटता बढ़ता रहेगा। यही फ्लोटिंग रेट है।

चूंकि होम लोन अपने 20 साल के निचले स्तर पर है, इसलिए अभी भी सस्ते लोन का आनंद आप ले सकते हैं। इस बार रेट में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है, इसलिए जो लोग लोन लेने की योजना बना रहे हैं, वे अभी भी सस्ते ब्याज दर पर लोन ले सकते हैं।

पुराने लोन पर ज्यादा ब्याज देना होगा

जिन लोगों ने पहले ही होम लोन ले रखा है, उनके लिए आज के रिजर्व बैंक के फैसले का मतलब है कि आपको उसी दर से ब्याज चुकाना है, जिस पर आपने लोन लिया है। हालांकि अगर आपका होम लोन 5 साल पुराना है तो आपको इसके लिए ब्याज दरों को एक बार चेक करना चाहिए।

जिस दर पर लोन लिया है, उसे चेक करें

आपको जिस दर पर होम लोन मिला है, पहले आप उसे एक बार चेक करें। यानी पांच साल पहले आप कितनी किस्त दे रहे थे और अभी कितनी दे रहे हैं। अगर आपका होम लोन एक्सटर्नल बेंचमार्क से लिंक नहीं है तो आप इसे लिंक करा सकते हैं। हो सकता है कि आप इसकी वजह से ज्यादा ब्याज दे रहे हों। आप बैंक से चेक करें और अगर ऐसा है तो आपको तुरंत इसे एक्सटर्नल बेंचमार्क से लिंक करना चाहिए या फिर दूसरे बैंक में लोन को शिफ्ट करना चाहिए।

लोन स्विच करने की फीस भी देनी होगी

दूसरे बैंक में लोन को स्विच करने के लिए आपको कुछ फीस भी देनी होगी। इससे पहले प्रोसेसिंग फीस भी चेक करनी होगी। अगर प्रोसेसिंग फीस मामूली है तो आपको लोन स्विच करने के बारे में सोचना चाहिए, पर ब्याज दरों की भी तुलना कर लेनी चाहिए। अगर आपको लगता है कि सब मिलाकर फायदा हो रहा है, तो फिर लोन स्विच कर लेना चाहिए। जानकारों का मानना है कि अगर ब्याज दरों में आधा पर्सेंट का अंतर है तो लोन को स्विच कर देना चाहिए।

पुराना लोन है तो स्विच कर सकते हैं

अगर आपने पहले से लोन लिया है तो फिर आप उसे दूसरे बैंक में स्विच कर सरते हैं। इसके लिए लोन का कम से कम 2 साल पुराना होना जरूरी है। लोन स्विच करने से पहले आपको फोरक्लोजर यानी समय से पहले लोन बंद करने का जो भी एग्रीमेंट बैंक के साथ हुआ है, उसे चेक करना चाहिए। आमतौर पर बैंक इस तरह के फिक्स्ड लोन तय समय से पहले बंद करने पर चार्ज लेते हैं। अगर यह कम है और ब्याज दरों का अंतर ज्यादा है तो फिर आप इसके बारे में सोच सकते हैं।

पर्सनल लोन पर ब्याज दरें अभी नहीं बढ़ेंगी

पर्सनल लोन की बात करें तो बैंक अभी इस पर भी ब्याज दरें बढ़ाने के मूड में नहीं हैं। पर्सनल लोन 3-5 सालों के लिए होता है। लोन के मामले में सबसे ज्यादा ब्याज इसी टाइप के लोन पर लगता है। अगर आप नया पर्सनल लोन लेना चाहते हैं तो आपको अपना क्रेडिट स्कोर सही रखना होगा। इससे आपको ब्याज दरों में फायदा मिल सकता है। ज्यादा क्रेडिट स्कोर इसमें आपकी मदद करेगा।

अगर आपने पहले से पर्सनल लोन लिया है तो फिर इस पर बहुत फायदा नहीं मिलेगा आपको। पर्सनल लोन 12 से 16% के बीच मिलते हैं। अगर यह 16% पर है तो आप इसे स्विच करने के बारे में सोच सकते हैं। अगर आपका यह लोन दो साल पुराना है तभी इसको स्विच करने में फायदा है।

ऑटो लोन 5-7 साल का होता है

कार लोन की बात करें तो ऑटो लोन का अधिकतम समय 5 से 7 साल का होता है। ज्यादातर कार लोन फिक्स्ड रेट पर होते हैं। यानी लोन लेते समय जो ब्याज दर तय होगी, वही रेट अब भी आपको देनी होगी। इसलिए अगर आप नए लोन लेने जा रहे हैं तो आपको सस्ते दर पर लोन मिल जाएगा। कई बैंक कार लोन भी 7.75% पर दे रहे हैं। इसलिए अभी आप कार लेने की सोच रहे हैं तो यह सही समय है।