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रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक शुरू:4 जून को दरों में बदलाव होने की उम्मीद कम, जस का तस रह सकता है रेपो रेट

मुंबई17 दिन पहले
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  • कोरोना और महंगाई की अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है
  • रिजर्व बैंक इसीलिए इस बार भी रेट में बदलाव नहीं करेगा

भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की हर दो महीने में होने वाली बैठक आज शुरू हो गई है। इसका अंतिम रिजल्ट 4 जून को आएगा। ऐसा माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक की कमिटी इस बार भी रेपो रेट सहित अन्य दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। यानी स्थिति जस की तस रहनेवाली है।

अप्रैल में दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था

MPC पैनल ने अप्रैल 2021 में हुई अपनी पिछली बैठक में भी दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। अगर 4 जून को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होता है तो यह लगातार छठवीं ऐसी MPC मीट होगी जिसमें आरबीआई की अहम दरें वर्तमान स्तरों पर ही बरकरार रखी जाएंगी। बैठक में गर्वनर शक्तिकांता दास 4 जून को MPC के फैसलों का एलान करेंगे।

अनिश्चितताओं की वजह से नहीं होगा बदलाव

जानकारों का मानना है कि कोरोना से जुड़ी अनिश्चितताओं और महंगाई से जुड़ी आशंकाओं के चलते आरबीआई अपने अहम दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। रेपो रेट 4 पर्सेंट पर है जो इसी पर रह सकता है। इस वजह से रिवर्स रेपो रेट भी 3.5 पर्सेंट पर रहेगा। रिजर्व बैंक की दरों में बदलाव की उम्मीद इसलिए भी कम है क्योंकि इसने मई में जारी सालाना रिपोर्ट में कहा था कि 2021-22 के दौरान मॉनिटरी पॉलिसी का निर्धारण माइक्रो इकोनॉमिक स्थितियों और महंगाई के निर्धारित लक्ष्य के अंदर रहने पर निर्भर करेगा।

कंज्यूमर महंगाई में उतार-चढ़ाव हो सकता है

आरबीआई के अनुमान के मुताबिक कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी सीपीआई अनुमान में आगे उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर मॉनसून पर निर्भर करेगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आरबीआई वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान अपनी मौद्रिक नीतियों के अनुरुप ही लिक्विडिटी को सही स्तर पर बनाए रखने का पूरा प्रयास करेगा। साथ ही वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने पर पूरा फोकस करेगा।

कोरोना की लहर अभी भी घातक है

ICRA की अदिती नायर का कहना है कि कोरोना की वर्तमान लहर के चलते अर्थव्यवस्था की स्थितियां अनिश्चित बनी हुई हैं। इस वजह से रिजर्व बैंक दरों में बदलाव नहीं करेगा। इंडियन बैंक के एमडी सीईओ पी. चुंद्रू का कहना है कि एमपीसी की नजर महंगाई पर रहेगी। इकोनॉमी कोरोना की वजह से लागू लॉकडाउन के चलते अभी भी पूरी तरह से खुली नहीं है। जिसको देखते हुए लगता है कि आरबीआई अपनी दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

दरों को कई बार घटाया है

रिजर्व बैंक ने कई बार दरों को घटाया है, पर बैंक इसका पूरा फायदा ग्राहकों को नहीं देते हैं। पिछले कोरोना से लेकर अब तक रिजर्व बैंक ने करीबन 1.50 पर्सेंट से ज्यादा की दरों में कटौती की है। हालांकि इस समय लोन पर जो ब्याज दरें हैं, वह ऐतिहासिक रूप से सबसे कम हैं और यही हाल आपकी बैंक में जमा रकम पर भी है। उस पर भी सबसे कम ब्याज मिल रहा है।