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सस्ते नहीं होंगे होम और ऑटो लोन:RBI ने रेपो रेट में बदलाव नहीं किया, गवर्नर ने GDP में 10.5% की ग्रोथ का अनुमान जताया

मुंबई3 महीने पहले
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  • ब्याज दरें अब ऊपर की ओर जा सकती हैं, ऐसे में सस्ते लोन का यह अंतिम दौर साबित हो सकता है
  • रिजर्व बैंक और सरकार का फोकस ग्रोथ पर, 2021-22 में GDP में 10% से ज्यादा ग्रोथ का अनुमान

अगर आपने होम लोन, ऑटो लोन या किसी भी तरह का लोन लिया है तो यह अभी सस्ता नहीं होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि रिजर्व बैंक (RBI) ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने रेपो रेट को 4% और रिवर्स रेपो रेट को 3.35% पर बरकरार रखा है। इधर, RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने 2021-22 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 10.5% की ग्रोथ का अनुमान जताया है।

RBI से कर्ज लेने पर बैंक जिस रेट पर ब्याज चुकाते हैं, उसे रेपो रेट कहा जाता है। वहीं, अपनी बचत RBI के पास रखने पर बैंकों को मिलने वाला ब्याज रिवर्स रेपो रेट कहलाता है। RBI हर दो महीने में ब्याज दरों पर फैसला लेता है। यह काम 6 सदस्यों वाली मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) करती है। 1 फरवरी को बजट पेश होने के बाद 3 से 5 फरवरी तक हुई MPC की मीटिंग में यह फैसला लिया गया।

रेपो रेट 15 साल के निचले स्तर पर पहुंचा
MPC की पिछली 3 मीटिंग में भी रेपो और रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ था। अभी रेपो रेट 4% है, जो 15 साल के निचले स्तर पर है, वहीं रिवर्स रेपो रेट भी 3.35% पर बना हुआ है। पिछले साल फरवरी से अब तक रेपो रेट में कुल 115 बेसिस पॉइंट की कटौती की जा चुकी है।

एक्सपर्ट बोले- महंगाई से राहत मिल सकती है
ICICI सिक्योरिटीज की सीनियर इकोनॉमिस्ट अनघा देवधर ने कहा कि MPC का यह फैसला उम्मीद के मुताबिक रहा। इससे आने वाले दिनों में महंगाई से राहत मिल सकती है। कुल मिलाकर, MPC का फैसला विकास और वित्तीय स्थिरता के लिए अच्छा है।

ब्याज दरें ऊपर की ओर जा सकती हैं
रिजर्व बैंक अब महंगाई और ग्रोथ पर फोकस कर रहा है। सरकार भी ग्रोथ बढ़ाने पर ही फोकस कर रही है। इससे ब्याज दरों में गिरावट रुकेगी और आगे चलकर ये बढ़ भी सकती हैं। कुछ बैंकों के चेयरमैन मानते हैं कि मई-जून के बाद ब्याज दरें ऊपर जा सकती हैं। तब तक आर्थिक स्थिति सुधरने और मांग बढ़ने की उम्मीद है। उस समय तक कोरोना भी काफी हद तक काबू में आ जाएगा।

घरेलू इकोनॉमी पर भरोसा जता रहे विदेशी निवेशक
RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि विदेशी निवेशक भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा जता रहे हैं। इसका ही नतीजा है कि हाल के महीनों में FDI और FPI निवेश का फ्लो लगातार बढ़ा है। वहीं, चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के लिए खुदरा मंहगाई दर (CPI) 5.2% रहने का अनुमान है, जबकि पहले इसके 5.8% रहने का अनुमान लगाया गया था।

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