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नए उद्यमों की फाइनेंसिंग /​​​​​​​स्टॉर्टअप की राह हुई आसान, आरबीआई ने उन्हें प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग के दायरे में शामिल किया

एग्रीकल्चर, एमएसएमई, एक्सपोर्ट क्रेडिट, एजुकेशन, हाउसिंग, सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर, रीन्यूएबल एनर्जी और कुछ अन्य क्षेत्र पीएसएल में पहले से शामिल हैं एग्रीकल्चर, एमएसएमई, एक्सपोर्ट क्रेडिट, एजुकेशन, हाउसिंग, सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर, रीन्यूएबल एनर्जी और कुछ अन्य क्षेत्र पीएसएल में पहले से शामिल हैं

  • आरबीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक 36% स्टार्टअप्स ने बैंक व अन्य संस्थानों से लोन लिए
  • उसी रिपोर्ट के मुताबिक 43% स्टार्टप्स के लिए फंडिंग का स्रोत परिवार व मित्र रहे

मनी भास्कर

Aug 06,2020 07:31:25 PM IST

नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को स्टार्टअप को प्रायोरिटी सेक्टर लेडिंग (पीएसएल) के दायरे में शामिल कर लिया। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की 24वीं बैठक में लिए गए फैसले की घोषणा में आरबीआई ने कहा कि पीएसएल के दिशानिर्देश को व्यापक बनाया गया है। इसके दायरे में स्टार्टअप को भी शामिल कर लिया गया है।

एग्रीकल्चर, एमएसएमई, एक्सपोर्ट क्रेडिट, एजुकेशन, हाउसिंग, सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर, रीन्यूएबल एनर्जी और कुछ अन्य क्षेत्र पीएसएल में पहले से शामिल हैं। आरबीआई ने इससे पहले पीएसएल दिशानिर्देश की समीक्षा आखिरी बार अप्रैल 2015 में की थी।

रीन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को कर्ज देने का टार्गेट भी बढ़ा

आरबीआई ने रीन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को कर्ज दिए जाने की सीमा भी बढ़ा दी। इसमें सौर बिजली और कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट शामिल हैं। एक बयान के मुताबिक छोटे और सीमांत किसानों और कमजोर वर्गों के लिए भी लोन का टार्गेट बढ़ा दिया गया। अभी स्मॉल फाइनेंस बैंकों के लिए छोटे और सीमांत किसानों को कर्ज देने का टार्गेट 8 फीसदी है। वहीं स्मॉल फाइनेंस बैंकों के लिए कमजोर वर्ग को कर्ज देने का टार्गेट 10 फीसदी है।

11 फीसदी स्टार्टअप्स को निवेशकों से मिली पूंजी

पिछले साल दिसंबर में आरबीआई ने 1,246 स्टार्टअप्स का सर्वेक्षण कर एक रिपोर्ट जारी की थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि 36 फीसदी स्टार्टअप्स ने बैंक व अन्य संस्थानों से लोन लिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 43 फीसदी स्टार्टप्स के लिए फंडिंग का स्रोत परिवार व मित्र रहे। 11.3 फीसदी स्टार्टअप्स ने निवेशकों से फंड हासिल किया। वहीं 9.7 फीसदी ने इनक्यूबेटर्स से और 7 फीसदी स्टार्टअप्स ने पीई या वीसी से फंड हासिल किया।

स्टार्टअप फंडिंग पर भी सुस्ती का साया

कोरोनावायरस और लॉकडाउन के बीच सुस्ती का असर स्टार्टअप फंडिंग में भी दिख रहा है। वेंचर इंटेलीजेंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2020 की पहली छमाही में डील वैल्यू में 11 फीसदी की और डील वॉल्यूम में 31 फीसदी की गिरावट दिखी। जनवरी से जून के बीच स्टार्टअप ने 270 डील के जरिये 4.1 अरब डॉलर जुटाए, जबकि एक साल पहले की समान छमाही में स्टार्टअप ने 393 डील के जरिये 4.6 अरब डॉलर जुटाए थे।

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