पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Business News
  • Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana (PMJJBY); Insurance Cover Of 2 Lakhs In Rs 330

पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना:इसमें 330 रुपए में मिलता है 2 लाख का इंश्योरेंस कवर, कोरोना से मौत पर भी नॉमिनी को मिलेगा पैसा

नई दिल्ली7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कोरोना काल में टर्म इंश्योरेंस के जरिए आप अपने परिवार को आर्थिक सुरक्षा दे सकते हैं। अगर आप महंगे प्रीमियम के कारण इंश्योरेंस नहीं ले पा रहे हैं तो आप केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) का लाभ ले सकते हैं। ये बीमा योजना केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही है।

योजना में लाभार्थी की किसी भी प्रकार से मौत पर नॉमिनी या परिवार को 2 लाख रुपए की राशि मिलती है। यानी अगर किसी व्यक्ति की कोरोना से भी मौत होती है तो बीमित व्यक्ति के नॉमिनी या परिवार को बीमा की 2 लाख रुपए मिलेंगे।

ये है एक टर्म इंश्योरेंस प्लान
PMJJBY एक टर्म इंश्योरेंस प्लान है। टर्म इंश्योरेंस में पॉलिसी लेने वाले की मौत के बाद ही लाभ मिलता है। यदि पॉलिसीधारक समय पूरा होने के बाद ठीक-ठाक रहता है तो उसे कोई लाभ नहीं मिलता है।

सालाना 330 रुपए का देना होगा प्रीमियम
PMJJBY का लाभ लेने के लिए हर साल 330 रुपए का प्रीमियम देना होता है। प्रीमियम की यह राशि 25 मई से 31 मई के दौरान अपने आप खाते से ले ली जाएगी। इसके लिए आवेदक को अपनी सहमति देनी होगी।

1 जून से 31 मई होता है कवर पीरियड
1 जून से 31 मई इसका कवर पीरियड होता है। इसका मतलब यह हुआ कि PMJJBY पॉलिसी किसी भी तारीख को खरीदी गई हो, पहले साल के लिए उसका कवरेज अगले साल 31 मई तक ही होगा। इसमें रिस्क कवर स्कीम में इनरोलमेंट करवाने के 45 दिन बाद से मिलता है।

बैंक अकाउंट होना जरूरी
PMJJBY का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास एक बैंक खाता होना चाहिए। यह बैंक खाता सरकारी या प्राइवेट बैंक में हो सकता है। इसके बाद आवेदक को PMJJBY का लाभ लेने के लिए आवेदन करना होगा।

कैसे मिलता है इंश्योरेंस क्लेम?
नॉमिनी को उस इंश्योरेंस कंपनी या बैंक में क्लेम करना होता, जहां संबंधित व्यक्ति का इंश्योरेंस था। डेथ सर्टिफिकेट जमा करना होगा। डिस्चार्ज रिसिप्ट के साथ ही दूसरे जरूरी कागजात देने होते हैं।

कहां से ले सकते हैं इसका लाभ?
यह स्कीम LIC के साथ ही दूसरी प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के जरिए चलाई जाती है। व्यक्ति अपने बैंक में जाकर भी जानकारी ले सकता है, कई बैंकों का इंश्योरेंस कंपनियों के साथ टाइअप हैं।