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  • Petroleum And Natural Gas Minister Said 'free Vaccine Is Being Compensated By High Prices Of Petrol And Diesel'

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर सरकार की सफाई:पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री बोले ' पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतों से हो रही फ्री वैक्सीन की भरपाई'

नई दिल्ली2 महीने पहले
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केंद्रीय राज्य मंत्री (पेट्रोलियम और नेचुरल गैस) रामेश्वर तेली ने देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के लिए टैक्स को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि तेल की कीमतें ज्यादा नहीं हैं, उसमें टैक्स शामिल है। वैक्सीन सबको फ्री में मिली है, उसका पैसा कहां से आएगा, भरपाई के लिए ऐसा किया गया है।

मंत्री जी ने क्या कहा?
बीते 9 अक्टूबर को असम में केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली ने ये बयान दिया. उन्होंने कहा कि, "ईंधन की कीमतें ज्यादा नहीं हैं, लेकिन इसमें टैक्स शामिल है। फ्री वैक्सीन तो आपने ली होगी, पैसा कहां से आएगा? आपने पैसे का भुगतान नहीं किया है, इसे इस तरह से एकत्र किया गया"।

टैक्स के बाद 3 गुना महंगे हो जाते हैं पेट्रोल-डीजल
देश में पेट्रोल-डीजल का बेस प्राइस तो अभी 41.32 रुपए है। लेकिन केंद्र और राज्य सरकारों की तरफ से लगने वाले टैक्स से इनकी कीमतें देश के हिस्सों में 115 रुपए के पार पहुंच गई हैं। केंद्र सरकार 32.90 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूल रही है। इसके बाद राज्य सरकारें इस पर अपने हिसाब से वैट और सेस वसूलती हैं। इससे पेट्रोल-डीजल का दाम बेस प्राइज से 3 गुना तक बढ़ गया है। अगर राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां पेट्रोल पर 60 और डीजल पर 48 रुपए के करीब टैक्स वसूला जाता है।

पेट्रोल-डीजल पर टैक्स का गणित

पेट्रोल/लीटर (रु.)डीजल/लीटर (रु.)
बेस प्राइस41.3242.29
भाड़ा0.310.29
एक्साइज ड्यूटी32.9031.80
डीलर कमीशन3.852.60
वैट23.5113.19
कुल कीमत101.8990.17

नोट: ये आंकड़े 1 अक्टूबर को दिल्ली में पेट्रोल-डीजल की कीमत के हिसाब से हैं।

केंद्र व राज्य सरकारें पेट्रोलियम प्रोडक्ट पर टैक्स लगाकर भर रहीं अपना खजाना
2014 में मोदी सरकार आने के बाद वित्त वर्ष 2014-15 में पेट्रोलियम प्रोडक्ट पर एक्साइज ड्यूटी से 1.72 लाख रुपए की कमाई हुई थी। 2020-21 में यह आंकड़ा 4.55 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया। यानी सिर्फ 6 सालों में ही एक्साइज ड्यूटी से केंद्र सरकार की कमाई ढ़ाई गुना बढ़ गई। वहीं राज्यों को पेट्रोल-डीजल पर वैट लगाने से होने वाली कमाई 6 साल में 43% बढ़ी है।

वित्त वर्ष 2014-15 में इससे होने वाली कमाई 1.37 लाख करोड़ थी जो 2020-21 में बढ़कर 2.03 लाख करोड़ पर पहुंच गई। कोरोना की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के बावजूद भी सरकार ने पेट्रोल- डीजल पर भारी टैक्स वसूलकर अपना खजाना भरा है।

इस महीने पेट्रोल 2.80 और डीजल 3.30 रुपए महंगा हुआ
इस महीने 12 दिन में पेट्रोल-डीजल 10 बार महंगे हो चुके हैं। इससे पेट्रोल 2.80 और डीजल 3.30 रुपए तक महंगा हो चुका है। इस साल 1 जनवरी को पेट्रोल 83.97 और डीजल 74.12 रुपए प्रति लीटर था। अब ये 104.44 और 93.17 रुपए प्रति लीटर पर है। यानी 10 महीने से भी कम समय में पेट्रोल 19.57 और डीजल 18.06 रुपए तक महंगा हुआ है।

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