पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Market Watch
  • SENSEX52344.450.04 %
  • NIFTY15683.35-0.05 %
  • GOLD(MCX 10 GM)47122-0.57 %
  • SILVER(MCX 1 KG)68675-1.23 %
  • Business News
  • PC Jeweller Insider Trading Case (SEBI) Update; Return Rs 8.40 Crore And Penalty Rs 1 Crore On Five

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

पीसी ज्वेलर्स में इनसाइडर ट्रेडिंग:सेबी ने 8.40 करोड़ रुपए लौटाने को कहा, 5 लोगों पर एक करोड़ की पेनाल्टी भी लगाई

मुंबईएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सेबी ने पीसी ज्वेलर्स की जांच की और इसमें कारण बताओ नोटिस भेजा। इसी के बाद इसने बुधवार को 53 पेज के ऑर्डर में फैसला सुना दिया। इस रकम को 45 दिनों के अंदर भरना होगा। इसके अलावा सभी को शेयर बाजार में कारोबार करने पर प्रतिबंध भी लगा दिया - Money Bhaskar
सेबी ने पीसी ज्वेलर्स की जांच की और इसमें कारण बताओ नोटिस भेजा। इसी के बाद इसने बुधवार को 53 पेज के ऑर्डर में फैसला सुना दिया। इस रकम को 45 दिनों के अंदर भरना होगा। इसके अलावा सभी को शेयर बाजार में कारोबार करने पर प्रतिबंध भी लगा दिया
  • सभी पांच पर शेयर बाजार में कारोबार करने पर प्रतिबंध लगा दिया है
  • यह सभी पांचो कंपनी के चेयरमैन के रिश्तेदार थे

सेबी ने पीसी ज्वेलर्स के शेयर में इनसाइडर कारोबार के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इस कारोबार में जिन लोगों ने फायदा कमाया, उनसे 8.40 करोड़ रुपए लौटाने को कहा है। साथ ही 5 लोगों पर 1 करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई है।

53 पेज के ऑर्डर में जानकारी दी

सेबी ने बुधवार को 53 पेज का ऑर्डर जारी किया। इसमें उसने 5 लोगों पर 20-20 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई। सेबी ने कहा कि पीसी ज्वेलर्स के एमडी पदम चंद गुप्ता हैं। वे कंपनी से कनेक्टेड थे। जबकि बलराम गर्ग कंपनी के एमडी थे। दोनों भाई हैं और कंपनी के प्रमोटर्स हैं। सेबी ने जांच में पाया कि कंपनी के एमडी बलराम कंपनी के बायबैक में हर कदम से जुड़े थे। जांच में पता चला कि बोर्ड के मिनट्स में बायबैक कमिटी को बोर्ड ने अप्रूव किया था।

बायबैक वापस लिया गया

हालांकि यह बायबैक बाद में वापस ले लिया गया था। पर बलराम गर्ग के पास काफी सारी जानकारी थी। इसमें शिवानी गुप्ता सचिन गुप्ता की पत्नी थीं और वे पदम गुप्ता की बहू थीं। पदम गुप्ता ने शिवानी को 1.03 करोड़ शेयर गिफ्ट में दिया। यह गिफ्ट 2 अप्रैल 2018 से 20 अप्रैल 2018 तक ऑफ मार्केट ट्रांसफर के जरिए दिया गया। सेबी ने कहा कि चारों लोग एक दूसरे के रिश्तेदार थे। इसलिए सभी को कंपनी की जानकारी थी। बलराम गर्ग पीसी ज्वेलर्स के पूर्व वाइस चेयरमैन भी थे। उन्होंने शिवानी को अपने अकाउंट के तहत कारोबार की अनुमति दी थी।

सूचनाओं को साझा कर किया कारोबार

सेबी ने जांच में पाया कि जब सूचनाओं को साझा करने का समय बंद किया गया था, उस समय सूचनाओं को इन लोगों ने आपस में साझा किया और उसके आधार पर शेयरों में कारोबार किया। इससे इन लोगों ने 8.40 करोड़ रुपए का फायदा कमाया। यही नहीं, कुछ लोगों ने इसमें आपस में पैसे का भी बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जिससे यह पता चला कि ये लोग मिल जुल कर ये कारोबार कर रहे हैं।

आपस में ही पैसे ट्रांसफर किए

यह भी पता चला कि जिस दिन अमित गर्ग के एचडीएफसी बैंक के खाते में 1 करोड़ रुपए आया, उसी दिन 2.18 करोड़ रुपए और भी उनके खाते में आया। इसमें से उसी दिन 2 करोड़ रुपए कार्वी को दे दिया गया। इसके बाद फिर से कार्वी की ओर से अमित के खाते में 3 करोड़ रुपए का पेमेंट आया। सेबी की जांच में पता चला कि अमित और उनकी पत्नी इस खाते की साइनिंग अथॉरिटी थीं।

सेबी ने इसकी जांच की और इसमें कारण बताओ नोटिस भेजा। इसी के बाद इसने बुधवार को 53 पेज के ऑर्डर में फैसला सुना दिया। इस रकम को 45 दिनों के अंदर भरना होगा। इसके अलावा सभी को शेयर बाजार में कारोबार करने पर प्रतिबंध भी लगा दिया।