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पेटीएम की विफलता का असर:आने वाले कई IPO टल सकते हैं, कई सारे स्टार्टअप इश्यू लाने की तैयारी में

11 दिन पहले
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देश के सबसे बड़े IPO की लिस्टिंग के समय विफलता का असर आने वाले इश्यू पर पड़ सकता है। इस वजह से कई स्टार्टअप कंपनियों को अपने इश्यू को टालना पड़ सकता है।

देश में 37 कंपनियां यूनिकॉर्न बनी हैं

इस साल में देश में 37 कंपनियां यूनिकॉर्न बनी हैं। यानी इनका वैल्यूएशन एक अरब डॉलर से ज्यादा का है। इस साल में तमाम कंपनियां एक के बाद एक लिस्ट हुई हैं। इसमें कई सारी कंपनियों के शेयर्स का भाव दोगुना या फिर तीन गुना तक बढ़ा है।

लिस्टिंग के लिए स्पष्टता जरूरी

बाजार के जानकार कहते हैं कि किसी स्टार्टअप की लिस्टिंग के लिए कुछ स्पष्टता होनी जरूरी है। क्योंकि वैल्यू का निर्माण जमीनी आधार पर होता है। यह बिजनेस मॉडल पर होता है। कुछ स्टार्टअप इसे लिस्टिंग के वैल्यूएशन के रूप में मानते हैं। यही तरीका गलत होता है। पेटीएम से पहले नायका, पॉलिसी बाजार और जोमैटो ने हालांकि अच्छा प्रदर्शन किया। इन तीनों ने सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग और उसके बाद शेयर्स के रिटर्न में अच्छा फायदा दिया।

जोमैटो ने लिस्टिंग पर 52% का फायदा दिया

जोमैटो ने लिस्टिंग पर 52%, पॉलिसी बाजार ने 17%, नायका ने 78%, नजारा टेक ने 43% का फायदा निवेशकों को दिया। जबकि फ्रेशवर्क अमेरिकी बाजार में लिस्ट हुई और इसने 21% का फायदा दिया। स्टार्टअप में पेटीएम का इश्यू ग्लोबल लेवल पर चौथा सबसे बड़ा इश्यू था। जबकि भारत में यह सबसे बड़ा इश्यू अब तक का है।

पेटीएम भविष्य में फायदा नहीं कमाएगी

पेटीएम ने सेबी के पास जो अर्जी जमा कराई थी, उसके मुताबिक यह भविष्य में भी फायदा में आएगी, इसकी गारंटी नहीं है। कंपनी यह बताने में विफल रही कि वह कब फायदा कमाएगी। इसका 20 अरब डॉलर का वैल्यूएशन भी गलत साबित हुआ। लिस्टिंग के बाद इसका वैल्यूएशन 13 अरब डॉलर रहा, जो कि 2019 में 16 अरब डॉलर था और इसी आधार पर 2019 में इसने एक अरब डॉलर की रकम जुटाई थी।

डेलहीवरी, फार्मइजी भी तैयारी में

अभी जो स्टार्टअप IPO लाने की तैयारी कर रहे हैं, उसमें डेलहीवरी, फार्मइजी और अन्य हैं। यह दोनों इसी वित्तवर्ष में आएंगे। जबकि ओला और ओयो भी इश्यू लाने की तैयारी कर रही हैं। पेटीएम का इश्यू शुरू से ही बहुत निराशाजनक रहा। पहले दिन इसे केवल 17%रिस्पांस मिला था जबकि दूसरे दिन तक 37% का रिस्पांस मिला था। अंतिम यानी तीसरे दिन यह महज 1.89 गुना ही भर पाया था। 18,300 करोड़ रुपए का यह IPO हाल के समय में सबसे खराब रिस्पांस पाने वाला रहा।

अनुमान से ज्यादा टूटा शेयर

खराब रिस्पांस के बाद यह अनुमान था कि कंपनी का शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर 2-5% डिस्काउंट के साथ लिस्ट हो सकता है। हालांकि इसने इसे गलत साबित किया। इसका शेयर 9% नीचे लिस्ट हुआ और दिन के अंत में यह 27% की गिरावट के साथ बंद हुआ। के.आर. चौकसी के MD देवेन चौकसी कहते हैं कि पेटीएम एक तो घाटे वाली की कंपनी है। दूसरे इसका वैल्यूएशन बहुत ज्यादा लगाया गया था। यानी शेयर महंगे भाव पर आया था। इस वजह से निवेशकों ने इसके IPO में ही तौबा कर लिया था। रही सही कसर लिस्टिंग में पूरी हो गई।