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  • over half a dozen Japanese companies expressed willingness to invest in UP

उत्तर प्रदेश के लिए अच्छी खबर /आधा दर्जन से ज्यादा जापानी कंपनियों ने यूपी में निवेश करने की इच्छा जताई

निवेश प्रस्तावों में 5 हाईटेक फिश हैचरी का विकास,  सिंचाई के लिए 100 मेगावाट के सौर पार्क और एग्री प्रोसेसिंग पार्क की स्थापना भी शामिल हैं निवेश प्रस्तावों में 5 हाईटेक फिश हैचरी का विकास,  सिंचाई के लिए 100 मेगावाट के सौर पार्क और एग्री प्रोसेसिंग पार्क की स्थापना भी शामिल हैं

  • यूपी के एक मंत्री और जापान के निवेशकों के बीच हुई वीडिया कांफ्रेंसिंग में आए प्रस्ताव
  • जापान में भारत के राजदूत संजय वर्मा भी इस कांफ्रेंस में मौजूद थे

मनी भास्कर

Jul 22,2020 09:41:01 PM IST

नई दिल्ली. जापान की आधे दर्जन से ज्यादा कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश करने में रुचि दिखाई है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इनमें मियाची कॉर्प और तोकाची कॉर्प भी शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि इन कंपनियों ने जो निवेश प्रस्ताव रखे हैं, उनमें अत्याधुनिक तकनीक वाली 5 फिश हैचरी का विकास, सिंचाई के लिए 100 मेगावाट के सौर पार्क और एग्री प्रोसेसिंग पार्क की स्थापना भी शामिल हैं।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के एमएसएमई, निवेश और निर्यात संवर्धन मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और जापान की कंपनियों के बीच मंगलवार को हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में ये प्रस्ताव आए। कांफ्रेंसिंग में जापान में भारत के राजदूत संजय वर्मा भी मौजूद थे। उत्तर प्रदेश सरकार विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौजूद एक लाख एकड़ जीआईएस मैप्ड भूमि और एक्सप्रेसवे और एयरकनेक्टिविटी की सुविधा पेश कर रही है।

चीन से बाहर निकलने वाली कंपनियों को आकर्षित करने की तैयारी

सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कोरोनावायरस महामारी के बाद चीन से बाहर निकलने की कोशिश कर रही कंपनियों को राज्य में आकर्षित कर रही है। हम विभिन्न देशों के निवेशकों से बात कर रहे हैं। आज जापान के निवेशकों के साथ वार्ता में कुछ प्रस्ताव आए।

भारत के पास जापान को निर्यात बढ़ाने का अवसर

उन्होंने कहा कि चीन हर साल जापान को 173 अरब डॉलर का निर्यात करता है। जबकि भारत जापान को सालाना करीब 4.8 अरब डॉलर का निर्यात करता है। अभी माहौल चीन के खिलाफ है। कोई देश उसके साथ जुड़ना नहीं चाहता है। भारत इसका लाभ उठा सकता है। यदि चीन से जापान को होने वाले निर्यात का 10 फीसदी हिस्सा भी बाधित होता है, तो इसका मतलब है कि भारत के पास 17.3 अरब डॉलर निर्यात बढ़ाने का अवसर है।

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निवेश प्रस्तावों में 5 हाईटेक फिश हैचरी का विकास,  सिंचाई के लिए 100 मेगावाट के सौर पार्क और एग्री प्रोसेसिंग पार्क की स्थापना भी शामिल हैंनिवेश प्रस्तावों में 5 हाईटेक फिश हैचरी का विकास,  सिंचाई के लिए 100 मेगावाट के सौर पार्क और एग्री प्रोसेसिंग पार्क की स्थापना भी शामिल हैं

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