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  • Oil Prices Fall Again; Investors Alert Ahead Of Opec+ Organization Of The Petroleum Exporting Countries Meeting

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तेल कीमतों में गिरावट:दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों की बैठक से पहले निवेशक सतर्क, उत्पादन में कटौती पर हो सकता है अहम फैसला

नई दिल्ली2 महीने पहले
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2020 में रिकॉर्ड सप्लाई कट के बाद ओपेक+ ग्रुप ने पिछली बैठक में जनवरी 2020 में ऑयल उत्पादन को बढ़ाने पर सहमति जताई थी।  - फाइल फोटो - Money Bhaskar
2020 में रिकॉर्ड सप्लाई कट के बाद ओपेक+ ग्रुप ने पिछली बैठक में जनवरी 2020 में ऑयल उत्पादन को बढ़ाने पर सहमति जताई थी। - फाइल फोटो
  • फरवरी ब्रेंट फ्यूचर्स 96 सेंट गिरकर 47.29 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
  • (WTI) जनवरी क्रूड फ्यूचर्स 1.9% फिसलकर 44.67 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा

दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों के ग्रुप ओपेक (OPEC+) की बैठक से पहले तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। दरअसल, निवेशक क्रूड ऑयल में निवेश को लेकर सतर्क हैं। क्योंकि, ओपेक+ की बैठक में वैश्विक बाजारों में संतुलन के लिए तेल उत्पादन में कटौती पर अहम फैसले लिए जा सकते हैं। हालांकि, नवंबर माह में कोरोना वैक्सीन की उम्मीद से तेल की कीमतों में 5 गुना बढ़त दर्ज की गई है।

भाव में 2% तक की गिरावट

सोमवार को जनवरी ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स, जिसकी कल एक्सपायरी होने वाली है, की कीमत 1.01 डॉलर (2.1%) फिसलकर 47.17 डॉलर प्रति बैरल रही। फरवरी ब्रेंट फ्यूचर्स 96 सेंट गिरकर 47.29 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। दूसरी ओर, यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) जनवरी क्रूड फ्यूचर्स 86 सेंट (1.9%) फिसलकर 44.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

नवंबर माह में रही तेजी

हालांकि, नवंबर में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स और WTI क्रूड फ्यूचर्स 20% से ज्यादा चढ़े हैं। यह मई के बाद अबतक की सबसे बड़ी मासिक बढ़त है। क्योंकि, कोरोना महामारी के लिए तीन कंपनियों की वैक्सीन के सफल होने की उम्मीद है। साथ ही साथ कीमतों को फ्यूल डिमांड का भी सपोर्ट मिला।

कोरोना की दूसरी लहर का असर

ऑयल मार्केट के जानकार और ट्रेडर्स को उम्मीद है कि ओपेक+ कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कारण अगले साल तेल उत्पादन में बढ़ोतरी की योजना को टाल सकते हैं। क्योंकि, ग्लोबल फ्यूल डिमांड इससे प्रभावित हुई है। बता दें कि, तेल उत्पादक देशों का समूह ओपेक और अन्य, जिसमें रूस भी शामिल हैं, को ओपेक+ कहा जाता है।

उत्पादन कटौती पर फैसला

2020 में रिकॉर्ड सप्लाई कट के बाद ओपेक+ ग्रुप ने पिछली बैठक में जनवरी 2020 में ऑयल उत्पादन को बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके तहत प्रतिदिन 20 लाख बैरल उत्पादन अधिक करने का की बात कही गई थी। यह वैश्विक खपत का 2% है। ओपेक+ की बैठक में उत्पादन कटौती पर अहम फैसला सोमवार और मंगलवार को आ सकता है।

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