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कंपनी:इंफोसिस के करोड़पति कर्मचारियों की संख्या बढ़कर हुई 74, एक साल पहले यह 64 थी, सीईओ की सैलरी 39 प्रतिशत बढ़ी

नई दिल्ली2 वर्ष पहले
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इंफोसिस के सीईओ सलिल पारेख के सैलरी पैकेज में 2019-20 में करीब 39 फीसदी बढ़ोतरी हुई है
  • चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने नहीं ली अपनी सैलरी
  • स्टॉक इंसेंटिव की वैल्यू में बढ़ोतरी हुई है

दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस में वित्त वर्ष 2019-20 में करोड़पति कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। एक साल पहले 64 करोड़पति कर्मचारियों के मुकाबले अब करोड़पति क्लब में कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 74 हो गई है। इंफोसिस के सालाना रिपोर्ट के मुताबिक करोड़पतियों की इस लिस्ट में वाइस प्रेसिडेंट और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट स्तर के 74 अधिकारी में शामिल हैं।

इंफोसिस के सीईओ सलिल पारेख के सैलरी पैकेज में 2019-20 में करीब 39 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। इस वृद्धि के बाद उनकी सैलरी 34.27 करोड़ रुपए पर पहुंच गई है।  2018-19 में पारेख की सैलरी 24.67 करोड़ रुपए थी। 2019-20 के लिए कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट से पता चला कि उनके कुल वेतन में 16.85 करोड़ रुपए सैलरी से, 17.04 करोड़ रुपए स्टॉक का शामिल है। 38 लाख रुपए अन्य स्त्रोत से आता है। सैलरी में फिक्स्ड पे, वेरिएबल पे, रिटायरल बेनिफिट और स्टॉक इंसेंटिव का समावेश है।  

दरअसल, इंफोसिस में करोड़पति कर्मचारियों की संख्या बढ़ने की वजह उन्हें मिलने वाले स्टॉक इंसेंटिव की वैल्यू में बढ़ोतरी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंफोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने स्वेच्छा से अपनी सेवाओं के लिए कोई पारिश्रमिक नहीं लिया है। पिछले साल इंफोसिस के बोर्ड ने अपने कर्मचारियों को करोड़ों रुपए के शेयर देने के प्लान को आगे बढ़ाया था।

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