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सिबिल रिपोर्ट:एमएसएमई सेगमेंट में एनपीए रेश्यो जून में बढ़कर 12.8 फीसदी पर पहुंचा, एनबीएफसी का सबसे बुरा हाल

नई दिल्ली7 महीने पहले
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5 अक्टूबर तक ईसीएलजीएस के तहत 50.7 लाख एमएसएमई को 1.87 लाख करोड़ रुपए के लोन की मंजूरी दी जा चुकी है। - Money Bhaskar
5 अक्टूबर तक ईसीएलजीएस के तहत 50.7 लाख एमएसएमई को 1.87 लाख करोड़ रुपए के लोन की मंजूरी दी जा चुकी है।
  • एनबीएफसी का एनपीए रेश्यो करीब दोगुना होकर 9.7% पर पहुंचा
  • रिपोर्ट में दावा- क्रेडिट ग्रोथ धीमी रहने के कारण बढ़ा एनपीए रेश्यो

माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) सेगमेंट में नॉन-परफॉर्मिंग असेट्स (एनपीए) रेश्यो जून 2020 में बढ़कर 12.8 फीसदी पर पहुंच गया है। जून 2019 में यह रेश्यो 11.4 फीसदी पर था। ट्रांसयूनियन सिविल की एमएसएमई पल्स रिपोर्ट के अक्टूबर 2020 अंक में यह बात कही गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार की ओर से एमर्जेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) की घोषणा करने के बाद इस सेगमेंट में लोन वितरण में भी तेजी आई है। सरकारी क्षेत्र के बैंकों ने फरवरी के मुकाबले लोन वितरण 2.6 गुना ज्यादा कर दिया है।

प्राइवेट-सरकारी दोनों तरह के बैंकों का एनपीए रेश्यो बढ़ा

रिपोर्ट के मुताबिक, इस सेगमेंट में प्राइवेट-सरकारी बैंकों के साथ एनबीएफसी का एनपीए रेश्यो बढ़ा है। प्राइवेट बैंकों का एनपीए रेश्यो जून 2020 में बढ़कर 5.8 फीसदी पर पहुंच गया है। जून 2019 में यह 4.6 फीसदी था। सरकारी क्षेत्र के बैंकों का एनपीए रेश्यो जून 2019 के 17.5 फीसदी से बढ़कर जून 2020 में 18.6 फीसदी पर पहुंच गया है। नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनीज (एनबीएफसी) का एनपीए रेश्यो जून 2019 के 5.8 फीसदी से करीब दोगुना होकर जून 2020 में 9.7 फीसदी पर पहुंच गया है।

क्रेडिट ग्रोथ धीमी रहने के कारण बढ़ा एनपीए

रिपोर्ट में कहा गया है कि एनबीएफसी के एनपीए रेश्यो में बढ़ोतरी का कारण एमएसएमई की क्रेडिट ग्रोथ धीमी रहना है। इसके अलावा एमएसएमई का सब सेगमेंट भी इसके लिए जिम्मेदार है। एमएसएमई के सब सेगमेंट में सामान्य तौर पर बड़े साइज के लोन होते हैं और एनपीए रेश्यो भी ज्यादा होता है।

ईसीएलजीएस लागू होने के बाद बढ़ा लोन वितरण

सिबिल की रिपोर्ट के मुताबिक, मेट्रो शहरों में अप्रैल और मई में एमएसएमई लोन वितरण सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में अप्रैल-मई 2020 में लोन वितरण पर कम असर पड़ा है। हालांकि, ईसीएलजीएस स्कीम लागू होने के बाद सभी क्षेत्रों में जून से लोन वितरण में तेजी आई है।

50.7 लाख एमएसएमई को 1.87 लाख करोड़ रुपए मंजूर

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के 5 अक्टूबर तक ईसीएलजीएस के तहत 50.7 लाख एमएसएमई को 1.87 लाख करोड़ रुपए के लोन की मंजूरी दी जा चुकी है। इसमें से 27 लाख एमएसएमई को करीब 1.36 लाख करोड़ रुपए का वितरण किया जा चुका है। इस स्कीम में सरकारी क्षेत्र के 12 बैंक, प्राइवेट क्षेत्र के 24 बैंक और 31 एनबीएफसी लोन का वितरण कर रही हैं।

मई में घोषित की गई थी ईसीएलजीएस

कोविड-19 के आर्थिक प्रभावों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने मई में एमएसएमई के लिए ईसीएलजीएस की घोषणा की थी। इसके तहत एमएसएमई को 3 लाख करोड़ रुपए का लोन दिया जाना है। सरकार ने इस लोन की 100 फीसदी गारंटी ली है।

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