पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Market Watch
  • SENSEX48832.030.06 %
  • NIFTY14617.850.25 %
  • GOLD(MCX 10 GM)470210.83 %
  • SILVER(MCX 1 KG)689701.52 %
  • Business News
  • No Plans To Exit India Biz: Franklin Templeton's Sanjay Sapre

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

अफवाहों पर विराम:फ्रैंकलिन टेंपलटन ने कहा- भारत को छोड़कर जाने की कोई योजना नहीं, जांच में कर रहे पूरा सहयोग

नई दिल्ली15 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
फ्रैंकलिन टेंपलटन ने 23 अप्रैल को अपनी 6 डेट स्कीम्स को बंद कर दिया था। इन सभी स्कीम्स का असेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 26 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा था। - Money Bhaskar
फ्रैंकलिन टेंपलटन ने 23 अप्रैल को अपनी 6 डेट स्कीम्स को बंद कर दिया था। इन सभी स्कीम्स का असेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 26 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा था।
  • 6 डेट स्कीम्स को बंद करने की जांच कर रही है सेबी
  • बंद स्कीम्स से फंड हाउस को 15,272 करोड़ रु. मिले

फ्रैंकलिन टेंपलटन ने अफवाहों पर विराम लगाते हुए कहा है कि उसकी भारत छोड़कर जाने की कोई योजना नहीं है। कंपनी ने कहा कि वह अपने वादों को लेकर प्रतिबद्ध है। फैंकलिन टेंपलटन की बंद पड़ी 26,000 करोड़ रुपए से अधिक की म्यूचुअल फंड्स योजनाओं में गड़बड़ी के बाद सेबी ने इसे फ्रीज कर दिया था और इस मामले की जांच कर रही है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कंपनी ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष सुनवाई नहीं हुई तो भारत छोड़कर जा सकती है।

इन्वेस्टर्स को भेजा पत्र

फैंकलिन टेंपलटन असेट मैनेजमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रेसीडेंट संजय सप्रे ने इन्वेस्टर्स को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में कहा गया है कि हमारी भारतीय कारोबार से बाहर निकलने की कोई योजना नहीं है। भारतीय कारोबार को बेचने संबंधी कोई भी अफवाह या अनुमान गलत है और यह पूरी तरह से अफवाह है। उन्होंने दोहराया कि फ्रैंकलिन टेंपलटन भारत के प्रति अपने वादों को लेकर प्रतिबद्ध है। सप्रे ने कहा कि फ्रैंकलिन टेंपलटन ने भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की शुरुआत में कदम रखा था। कंपनी उस समय भी इंडस्ट्री के साथ खड़ी रही जब कई अन्य ग्लोबल असेट मैनेजर्स ने भारत को छोड़ने का फैसला किया।

सरकारी के साथ बातचीत की बात स्वीकारी

हालांकि, उन्होंने सरकारी एजेंसियों के साथ बातचीत वाली रिपोर्ट्स से इनकार नहीं किया। सप्रे ने कहा कि हम भारत और वैश्विक स्तर पर सरकारी एजेंसियों से बातचीत करते हैं। उन्होंने कहा कि कई कंपनियां ऐसा करती हैं और यह कारोबार का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हम सभी हितधारकों के साथ संपर्क में हैं इसमें संबंधित सरकारें और डिप्लोमैटिक एजेंसियां भी शामिल हैं। हमने उन्होंने घटनाक्रम की उचित रूप से जानकारी दी है। हम आगे भी यह जारी रखेंगे। सप्रे ने कहा कि इस बातचीत का मकसद वर्तमान घटनाक्रम का उचित और संतोषजनक हल निकालना है।

सेबी और अन्य एजेंसियों में पूरा भरोसा

फंड हाउस ने कहा कि उसे सेबी और अन्य रेगुलेटरी-वैधानिक एजेंसियों में पूरा भरोसा है। फ्रैंकलिन टेंपलटन ने कहा कि फंड हाउस पूरी तरह से पारदर्शी है और रेगुलटर के साथ जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। फ्रैंकलिन टेंपलटन ने अप्रैल 2020 में 6 डेट फंड्स को बंद कर दिया था। इन सभी योजनाओं का असेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 26 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा था। सप्रे ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से फंड हाउस का प्राथमिक फोकस निवेशकों को उनका पैसा लौटाने पर है।

इन 6 डेट स्कीम्स को बंद किया था

फ्रैंकलिन टेंपलटन ने 23 अप्रैल को अपनी 6 डेट स्कीम्स को बंद कर दिया था। जिन स्कीम्स को बंद किया गया था, उनमें फ्रैंकलिन इंडिया लो ड्यूरेशन फंड, फ्रैंकलिन इंडिया डायनामिक एक्रुअल फंड, फ्रैंकलिन इंडिया क्रेडिट रिस्क फंड, फ्रैंकलिन इंडिया शॉर्ट टर्म इनकम प्लान, फ्रैंकलिन इंडिया अल्ट्रा शॉर्ट बॉन्ड फंड और फ्रैंकलिन इंडिया इनकम ऑपर्चुनिटीज फंड शामिल हैं।

बंद स्कीम्स से 15,272 करोड़ रुपए मिले

फ्रैंकलिन टेंपलटन ने कहा है कि बंद 6 स्कीम्स से अब तक 15,272 करोड़ रुपए मिल चुके हैं। फंड हाउस के मुताबिक, 15 मार्च 2021 तक यह राशि मैच्योरिटी, कूपंस और प्री-पेमेंट से मिली है। फंड हाउस ने कहा है कि 23 अप्रैल 2020 के मुकाबले इस साल 15 मार्च को इन सभी 6 स्कीम्स की नेट असेट्स वैल्यू (NAV) ज्यादा हो गई है।