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महंगाई पर संसद में वित्त मंत्री का जवाब:सीतारमण बोलीं- UPA में 9 बार महंगाई डबल डिजिट में रही, हम 7% से नीचे लाएंगे

नई दिल्ली14 दिन पहले
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में सोमवार को महंगाई पर सरकार की ओर से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि UPA के दौरान देश में महंगाई 9 बार डबल डिजिट में रही। 22 महीने रिटेल महंगाई 9% से ज्यादा रही, जबकि हम महंगाई को 7% से नीचे लाने की कोशिश कर रहे हैं।

सीतारमण ने कहा- GST कलेक्शन पिछले 5 महीनों से लगातार 1.4 लाख करोड़ रुपए से अधिक है। 8 इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में जून में डबल डिजिट में बढ़ोतरी हुई। जून में कोर सेक्टर में सालाना आधार पर 12.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। भारतीय अर्थव्यवस्था बहुत सकारात्मक संकेत दिखा रही है।

सीतारमण जब महंगाई पर जवाब दे रही थीं, इस दौरान कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा से वॉकआउट कर दिया।

पढ़िए महंगाई पर वित्त मंत्री ने और क्या-क्या कहा...

1. भारत में मंदी की संभावना जीरो
अमेरिका की GDP में दूसरी तिमाही में 0.9% की गिरावट दर्ज की गई और पहली तिमाही में 1.6% की गिरावट दर्ज की गई थी, जिसे उन्होंने अनौपचारिक मंदी का नाम दिया। भारत में मंदी का सवाल ही नहीं उठता। ब्लूमबर्ग के सर्वे में बताया गया है कि भारत में मंदी की संभावना शून्य है।

2. सरकार के कदम से घटी खाने के तेल की कीमत
सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बाद खाने के तेलों की कीमतों में तेजी से गिरावट आई है। महामारी, दूसरी लहर, ओमिक्रॉन, रूस-यूक्रेन (युद्ध) के बावजूद हमने मुद्रास्फीति को 7% या उससे कम पर बनाए रखा। इसे आपको मानना होगा।

3. भारत के हालात अन्य देशों जैसे नहीं
वित्त मंत्री ने कहा, 'बांग्लादेश IMF से 4.5 अरब लोन मांग रहा है। श्रीलंका 3.5 अरब लोन मांग रहा है और पाकिस्तान 7 अरब का लोन मांग रहा है। भारत देश के हालात ऐसे नहीं है। हमारे पास पूरा रिसोर्स है।'

4. विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने के लिए अच्छा काम
शनिवार को रघुराम राजन ने कहा कि RBI ने भारत में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने और भारत को पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों की समस्याओं से बचाने के लिए अच्छा काम किया है।

5. जुलाई 2022 में दूसरा बड़ा GST कलेक्शन
सीतारमण ने कहा कि जुलाई 2022 में हमने GST लागू होने के बाद से अब तक का दूसरा उच्चतम कलेक्शन हासिल किया है। जुलाई में GST कलेक्शन जो 1.49 लाख करोड़ रुपए रहा। यह लगातार पांचवां महीना है जब कलेक्शन 1.4 लाख करोड़ रुपए से ऊपर रहा है।

6. विपरीत हालात में भी भारत की इकोनॉमी बेहतर
हमें देखना होगा कि दुनिया में क्या हो रहा है और भारत दुनिया में क्या स्थान रखता है। विश्व ने ऐसी महामारी का सामना पहले कभी नहीं किया। महामारी से बाहर आने के लिए हर कोई अपने स्तर पर काम कर रहा है, इसलिए मैं भारत के लोगों को इसका श्रेय देती हूं। विपरीत हालात में भी भारत की इकोनॉमी बेहतर है।

7. चीनी बैंक दिवालिया होने की कगार पर
4000 बैंक दिवालिया होने की कगार पर है। भारत में शेड्यूल कॉमर्शियल बैंक के ग्रॉस NPA 2022 में 6 साल में सबसे निचले स्तर 5.9% पर हैं। चीन में बैंक दिवालिया होने की तरफ हैं लेकिन भारत में NPA कम हो रहे हैं।

8. महंगाई कम करने के लिए घटाई इंपोर्ट ड्यूटी
वित्त मंत्री ने कहा कि महंगाई कम करने के दलहन और तिलहन पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाई गई है। मसूर दाल पर इंपोर्ट ड्यूटी 30% से घटाकर जीरो कर दी। स्टील इंडस्ट्री के लिए भी कुछ रॉ मटेरियल में कस्टम ड्यूटी घटाई गई है, जिसके बाद घरेलू बाजार में स्टील की कीमतों में गिरावट आई है।

कांग्रेस बोली- बच्चों को भी नहीं बख्श रही सरकार
वित्त मंत्री के जवाब से पहले कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा, 'देश में पिछले 14 महीने से महंगाई की दर दो अंकों में है, जो कि 30 साल में सबसे ज्यादा है। कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स आसमान छू रहा है। चावल, दही, पनीर और पेंसिल और शार्पनर जैसी डेली यूज की चीजों पर GST बढ़ा दिया गया है। यहां तक कि सरकार बच्चों को भी नहीं बख्श रही है।'

जानिए महंगाई के आंकड़े क्या कहते हैं?

1. जून में भारत की रिटेल महंगाई 7.01%
पिछले महीने की शुरुआत में जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जून में भारत की रिटेल महंगाई 7.01% हो गई। एक साल पहले की समान अवधि में ये 6.26% थी। यह लगातार छठा महीना था जब महंगाई केंद्रीय बैंक के 2%-6% के टॉलरेंस बैंड से ऊपर रही थी।

2. खाद्य महंगाई दर 7.75% रही थी
खाद्य महंगाई दर जून में 7.75% रही जो मई में 7.97% रही थी। अप्रैल में यह 8.38% थी। सब्जियों की महंगाई जून में घटकर 17.37% हो गई जो मई में 18.26% थी। फ्यूल और लाइट की महंगाई जून में बढ़कर 10.39% हो गई जो मई में 9.54% थी।

महंगाई कैसे प्रभावित करती है?
महंगाई का सीधा संबंध पर्चेजिंग पावर से है। उदाहरण के लिए, यदि महंगाई दर 7% है, तो अर्जित किए गए 100 रुपए का मूल्य सिर्फ 93 रुपए होगा। इसलिए, महंगाई को देखते हुए ही निवेश करना चाहिए। नहीं तो आपके पैसे की वैल्यू कम हो जाएगी।