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नजारा का आईपीओ 10.55 गुना भरा:दूसरे दिन आईपीओ में रिटेल निवेशकों का हिस्सा 44.47 गुना भरा, दो सालों से घाटे में रही है कंपनी

मुंबई8 महीने पहले
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  • प्रमोटर्स की होल्डिंग इसमें 24.16% है। IPO के बाद यह घट कर 20.7% हो जाएगी
  • एंकर निवेशकों ने 261 करोड़ रुपए लगाया है। इसमें 43 एंकर निवेशक रहे हैं

पहली गेमिंग कंपनी नजारा टेक का IPO दूसरे दिन भी धूम मचा रहा है। यह 10.55 गुना से ज्यादा भर गया है। रिटेल निवेशक टूट पड़े हैं। उनका हिस्सा 44.47 गुना भरा है। बुधवार को पहले दिन में पहले ही घंटे में रिटेल निवेशकों का हिस्सा 17 गुना भर गया था। नॉन इंस्टीट्यूशनल का हिस्सा 7 गुना भरा है। कर्मचारियों का हिस्सा 5 गुना भरा है।

मर्चेंट बैंकर के जरिए नैया पार लगाने की योजना

कंपनी ने महज 583 करोड़ रुपए के लिए 4-4 मर्चेंट बैंकर को रखा है। अमूमन इतने छोटे आईपीओ के लिए 2 मर्चेंट बैंकर ही काफी होते हैं। इसमें आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, आईआईएफएल, जेफरीज और नोमुरा को बुक रनिंग लीड मैनेजर के रूप में रखा गया है।

2018 में भी IPO के लिए मंजूरी मिली थी

कंपनी ने इससे पहले सेबी के पास 2018 में डॉक्यूमेंट जमा कराया था। उसे सेबी से उस समय IPO के लिए मंजूरी भी मिल गई थी। लेकिन कंपनी उस समय IPO लाने में कामयाब नहीं हो पाई। इसमें क्यूआईबी के लिए 75% हिस्सा, अमीर निवेशकों (HNI) के लिए 15% और रिटेल निवेशकों के लिए केवल 10% हिस्सा रिजर्व है। लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैप करीबन 3,352 करोड़ रुपए होगा।

कंपनी का बिजनेस घाटा वाला

कंपनी के कारोबार पर नजर डालें तो बहुत ही चौंकाने वाला मामला है। 31 मार्च 2018 को कंपनी का रेवेन्यू 181 करोड़ रुपए था। 2019 मार्च में यह 186 करोड़ रुपए जबकि 2020 में यह 262 करोड़ रुपए था। सितंबर 2020 तक यह 207 करोड़ रुपए था। इसके शुद्ध लाभ की बात करें तो यह 2018 में 1 करोड़ रुपए था। 2019 में 6.7 करोड़ रुपए था। 2020 मार्च तक यह 26 करोड़ रुपए के घाटे में चली गई और सितंबर 2020 में 10 करोड़ रुपए के घाटे में चली गई।

घाटे वाली रही है कंपनी

कंपनी के इस कारोबार को देखें तो यह घाटे वाली कंपनी है। यह ठीक उसी तरह का कारोबार है जैसे ई-कॉमर्स में बड़े ब्रांड होते हैं पर कंपनियां घाटे में होती हैं।19 मार्च तक इस IPO को अच्छा खासा सब्सक्रिप्शन मिलेगा। अभी फिलहाल प्रमोटर्स की होल्डिंग इसमें 24.16% है। IPO के बाद यह घट कर 20.7% हो जाएगी। यानी प्रमोटर्स की हिस्सेदारी भी कंपनी में कंट्रोल वाली मेजोरिटी में नहीं है।

एंकर निवेशकों ने लगाए 261 करोड़

कंपनी का IPO खुलने से पहले एंकर निवेशकों ने 261 करोड़ रुपए लगाया है। कंपनी ने 43 एंकर निवेशकों को कुल 23.73 लाख शेयर दिया है। यह शेयर 1,101 रुपए पर दिया गया है। इससे 261.31 करोड़ रुपए मिला है। इन एंकर निवेशकों में गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर, अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी, गोल्डमैन सैक्श, नोमुरा आदि हैं। भारतीय कंपनियों में SBI म्यूचुअल फंड, HDFC म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एक्सिस फंड, सुंदरम फंड, कोटक फंड और बिरला म्यूचुअल फंड ने भी पैसे लगाए हैं।

एंकर निवेशक क्या है और कैसे काम करते हैं

एंकर निवेशक मूलरूप से संस्थागत या यह कह लें कि कंपनियां होती हैं। कोई भी IPO के खुलने से एक दिन पहले एंकर निवेशकों के लिए वह खुलता है। एंकर निवेशक भी IPO के ही भाव पर पैसे लगाता है। इनके लिए IPO से निकलने का एक समय होता है। वे उससे पहले IPO में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच सकते हैं।

नजारा में राकेश झुनझुनवाला के नाम पर गेम

नजारा टेक में देश के दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला की हिस्सेदारी है। इन्हीं के नाम पर इस IPO को उछाला जा रहा है। हालांकि झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में ऐसे कई शेयर हैं जो घाटे में हैं। कंपनी मूल रूपसे छोटा भीम, मोटू पतलू जैसी गेमिंग सिरीज के लिए जानी जाती है।

IPO में किसकी हिस्सेदारी बिक रही है

IPO में कंपनी के प्रमोटर्स में से मिटर इंफोटेक अपनी हिस्सेदारी बेच रही है। इसके अलावा IIFL स्पेशल अपोर्च्यूनिटीज फंड, गुड गेम इनवेस्टमेंट ट्रस्ट, इंडेक्स सिक्योरिटीज और अजिमुह इनवेस्टमेंट बेच रही हैं। इसमें इसके कर्मचारियों के लिए 2 करोड़ रुपए के शेयर रिजर्व हैं। उन्हें 110 रुपए प्रति शेयर डिस्काउंट पर यह शेयर जारी किया गया है। नजारा टेक की शुरुआत 1999 में हुई थी। यह लीडिंग मोबाइल गेम कंपनी है। कंपनी भारत के साथ-साथ उभरते हुए बाजारों जैसे अफ्रीका, दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका में अपने कारोबार करती है।

ज्यादा सब्सक्रिप्शन का मतलब फायदा से नहीं है

अगर आप यह सोचते हैं कि किसी कंपनी का आईपीओ बहुत ज्यादा भर गया और उसमें मुनाफा मिलेगा तो यह गलत भी हो सकता है। लिस्टिंग के दिन हो सकता है आपको अच्छा मुनाफा मिले, लेकिन आईपीओ में आपको शेयर मिलना भी ऐसी स्थिति में मुश्किल होता है। 2017 के बाद सबसे ज्यादा भरने वाला आईपीओ मिसेज बैक्टर का रहा है। 198 गुना यह इस साल भरा था। लेकिन आज इसका शेयर आईपीओ के भाव से नीचे कारोबार कर रहा है। यह 370 रुपए पर कारोबार कर रहा है। जबकि आईपीओ 386 रुपए पर आया था।

ब्रोकरेज हाउस क्या कह रहे हैं

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेस ने इस आईपीओ को खरीदने की सलाह दी है। निर्मल बंग सिक्योरिटीज ने भी इसे खरीदने की सलाह दी है। च्वाइस ब्रोकिंग ने भी कहा है कि निवेशक इस आईपीओ में दांव लगा सकते हैं। रिलायंस सिक्योरिटीज ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि निवेशक इस आईपीओ को खरीद सकते हैं।