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  • Mutual Fund Investment; National Payments Corporation Of India (NPCI) Auto Pay Transaction System Failed

NPCI के सिस्टम में खराबी:इनवेस्टर्स को नहीं मिली यूनिट, बाजार की तेजी का फायदा उठाने से चूके म्यूचुअल फंड निवेशक

मुंबईएक वर्ष पहले
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  • NPCI का नाच चैनल 31 जनवरी को नए सर्वर पर बदला गया था
  • इसके ऑटो पे सिस्टम में खराबी आ गई। इसके जरिए बैंक खाते से तय रकम अपने आप कटती है

म्यूचुअल फंड निवेशकों को जबरदस्त झटका लगा है। पिछले 10 दिनों से वे बाजार की तेजी का फायदा उठाने में चूक गए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) का ऑटो पे लेन-देन सिस्टम फेल हो गया। इससे ऑन लाइन निवेश करने वालों का पैसा तो खाते से कटा, लेकिन उनके खाते में म्यूचुअल फंड स्कीम की यूनिट नहीं आई। या तो कुछ के खाते में आई तो काफी देर से आई।

31 जनवरी को नए सर्वर पर अपग्रेड किया गया था

जानकारी के मुताबिक, NPCI का नाच चैनल 31 जनवरी को नए सर्वर पर बदला गया था। इसने अपने पेमेंट सिस्टम को अपग्रेड किया था। यहीं से इसके ऑटो पे सिस्टम में खराबी आ गई। नाच एक ऐसा सिस्टम है जिसके जरिए आपके बैंक खाते से मासिक तय रकम अपने आप कटती है और जहां आप खरीदी करते हैं उसके खाते में यह जमा होती है। इसे दूसरे तरीके से ECS भी कहते हैं।

बाजार में बजट के दिन 2,500 अंक की तेजी

बता दें कि NPCI ही डिजिटल पेमेंट और सेटलमेंट का एकमात्र प्लेटफॉर्म है। 1 फरवरी को बजट के दिन सेंसेक्स 2,500 अंक से ज्यादा बढ़ा था जबकि उसके अगले दिन भी इसमें हजार प्वाइंट का उछाल आया था। हालांकि सेंसेक्स की तेजी लगातार जारी है और यह 51 हजार 700 के ऊपर चला गया। लेकिन निवेशक इसका फायदा उठाने से चूक गए।

फंड हाउसों को मिली ढेर सारी शिकायतें

कुछ फंड हाउसों के अधिकारियों के मुताबिक, ऐसी ढेर सारी शिकायतें निवेशकों की ओर से आई हैं। इन शिकायतों में यह कहा गया है कि जिन निवेशकों ने ऑन लाइन या डिजिटल गेटवे से किसी भी स्कीम में खरीदी की है, उन्हें या तो यूनिट मिली नहीं या फिर काफी देर से मिली, जिससे उस दिन की यूनिट की जो नेट असेट वैल्यू यानी NAV होती है, उससे वे चूक गए।

8-10 लाख ट्रांजेक्शन पर पड़ा असर

बताया जाता है कि इस दौरान करीबन 8-10 लाख लेन-देन पर असर पड़ा है। हालांकि NPCI ने ऐसा दावा किया है कि यह समस्या केवल एक दो दिन की थी और इसे तुरंत सुलझा लिया गया था। लेकिन म्यूचुअल फंड हाउस की राय इस जवाब से अलग है। बताया जाता है कि म्यूचुअल फंड हाउस इस मामले में काफी सावधानी बरत रहे हैं। जबकि निवेशक इस दौरान हुए अपने नुकसान की भरपाई चाहते हैं।

पेमेंट सिस्टम में कई चैनल होते हैं

बता दें कि NPCI के इस पेमेंट सिस्टम में कई चैनल होते हैं। एक तो बैंक होता है जिसमें म्यूचुअल फंड हाउस का खाता होता है। दूसरा निवेशक का बैंक होता है। फिर इन दोनों के बीच डिजिटल पेमेंट का एक सिस्टम होता है। NPCI ही देश में UPI, नाच और IMPS जैसी सुविधा देती है।