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रिलायंस में उत्तराधिकार की प्रोसेस तेज:संपत्ति को लेकर हुआ था मुकेश-अनिल में झगड़ा, यह सीख नई पीढ़ी को कमान सौंपने का आधार बनेगी

7 महीने पहलेलेखक: देवेंद्र अडलक
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दुनिया के 11वें सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी अपने 16 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के साम्राज्य को अगली पीढ़ी को सौंपने के प्लान पर काम कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि पिता धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद भाई अनिल अंबानी से हिस्सेदारी के बंटवारे को लेकर जो विवाद हुआ था, वैसा उनके बेटों और बेटी के बीच न हो।

ऐसे में आपके मन में भी सवाल होगा कि रिलायंस का देश-दुनिया में कितना बड़ा कारोबार है? ये कारोबार किन-किन सेक्टर्स में फैला हैं? मुकेश अंबानी के बेटे-बेटी अभी किन बिजनेसेस को संभाल रहे हैं? किस मॉडल पर मुकेश अंबानी अपने साम्राज्य का बंटवारा कर सकते हैं? तो चलिए बारी-बारी से इन सवालों को लेते हैं और इनके जवाब जानने की कोशिश करते हैं...

सबसे पहले अंबानी परिवार से मिलिए
रिलायंस इंडस्ट्रीज की नींव धीरूभाई अंबानी ने रखी थी। उनका जन्म 28 दिसंबर 1933 को सौराष्ट्र के जूनागढ़ जिले में हुआ था। धीरूभाई का पूरा नाम धीरजलाल हीराचंद अंबानी हैं। उन्होंने जब बिजनेस की दुनिया में कदम रखा तो न उनके पास पुश्तैनी संपत्ति थी और न ही बैंक बैलेंस। धीरूभाई की 1955 में कोकिलाबेन से शादी हुई थी। उनके दो बेटे मुकेश-अनिल और दो बेटी दीप्ती और नीना हैं। 6 जुलाई 2002 को धीरूभाई के निधन के बाद उनकी संपत्ति के बंटवारे में उनकी पत्नी कोकिलाबेन ने ही मुख्य भूमिका अदा की थी।

आकाश-ईशा और अनंत
1. आकाश अंबानीः 2014 में ब्राउन यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स की डिग्री ली। इसके बाद उन्होंने फैमिली बिजनेस जॉइन किया। जियो प्लेटफॉर्म्स, जियो लिमिटेड, सावन मीडिया, जियो इन्फोकॉम, रिलायंस रिटेल वेंचर्स के बोर्ड में शामिल हैं। 2019 में श्लोका मेहता से शादी की।

2. ईशा अंबानीः येल और स्टेनफोर्ड से पढ़ाई की। 2015 में फैमिली बिजनेस जॉइन किया। जियो प्लेटफॉर्म्स, जियो लिमिटेड, रिलायंस रिटेल वेंचर्स के बोर्ड में शामिल हैं। ईशा की शादी दिसंबर 2018 में कारोबारी अजय पीरामल के बेटे आनंद पीरामल से हुई।

3. अनंत अंबानीः अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। रिलायंस न्यू एनर्जी, रिलायंस न्यू सोलर एनर्जी, रिलायंस O2C, जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड में शामिल हैं।

कितना बड़ा है रिलायंस का साम्राज्य?
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक फॉर्च्यून 500 कंपनी है और भारत में सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर कॉर्पोरेशन। टेक्सटाइल और पॉलिएस्टर से शुरू हुआ कंपनी का सफर आज एनर्जी, मटेरियल, रिटेल, एंटरटेनमेंट और डिजिटल सर्विस में फैल गया है। रिलायंस के पास सिंगल लोकेशन पर दुनिया की सबसे बड़ी रिफायनरी है। रिलायंस का साम्राज्य आज 217 अरब डॉलर, यानी करीब 16 लाख करोड़ रुपए का हो गया है। ये न्यूजीलैंड, ईरान, पेरू, ग्रीस, कजाकिस्तान जैसे देशों की GDP से ज्यादा है। रिलायंस प्राइवेट सेक्टर में कस्टम और एक्साइज ड्यूटी का सबसे बड़ा पेयर है। रिलायंस के कोई न कोई प्रोडक्ट या सर्विस का इस्तेमाल लगभग हर भारतीय करता है।

रिलायंस के बिजनेस से जुड़ी रोचक बातें

  • रिलायंस के पास जामनगर में एशिया का सबसे बड़ा मैंगो प्लांटेशन है। यहां करीब 1 लाख पेड़ हैं और 100 से ज्यादा वैराइटी के आम पैदा होते हैं। ये रिलायंस को भारत का आम का सबसे बड़ा प्रोड्यूसर और एक्सपोर्टर बनाता है।
  • स्पोर्ट से भी रिलायंस जुड़ी है। 2008 में रिलायंस ने 100 मिलियन डॉलर में क्रिकेट की सबसे बड़ी लीग (IPL) में मुंबई इंडियंस को खरीदा था। रिलायंस ने फुटबॉल की इंडियन सुपर लीग शुरू की थी। एक टेनिस इवेंट भी रिलायंस ऑर्गेनाइज करती है।
  • रिलायंस नेटवर्क 18 की मालिक है। RIL की 2020-21 की एनुअल रिपोर्ट से पता चलता है कि हर दो में से एक भारतीय रिलायंस का टीवी चैनल देखता है। मनी कंट्रोल, बुक माय शो और वूट जैसे प्लेटफॉर्म में भी रिलायंस की बड़ी हिस्सेदारी है।
  • क्रिप्टो के फ्यूचर को देखते हुए रिलायंस क्रिप्टो स्पेस में भी एंट्री लेने वाली है। भारत के सबसे बड़े ब्लॉक चेन नेटवर्क को बनाने की शुरुआत रिलायंस ने कर दी है। मुकेश अंबानी कई बार इस टेक्नोलॉजी के फायदों का जिक्र कर चुके हैं।
  • गुजरात के जामनगर में रिलायंस के पास दुनिया की सबसे बड़ी पेट्रोलियम रिफाइनरी है। यहां रिलायंस के ऑपरेशन एक्सप्लोरेशन और ऑइल एंड गैस के प्रोडक्शन से लेकर पेट्रोलियम समेत अन्य प्रोडक्ट की मैन्युफैक्चरिंग तक फैले हैं।
  • कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जब देश ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहा था, तब रिलायंस की इस रिफायनरी में बड़ी मात्रा में मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन बनाई गई थी। रिफाइनरी से 1000 MT ऑक्सीजन हर दिन सप्लाई की जाती थी।
  • रिलायंस डिजिटल, फ्रेश और ज्वेल्स के अलावा टॉय स्टोर हैमली की भी मालिक है। अरमानी, ह्यूगो बॉस, डीजल और मार्क एंड स्पेंसर जैसे कई इंटरनेशनल ब्रांड के साथ रिलायंस की एक्सक्लूसिव पार्टनरशिप है।
  • ऑनलाइन स्पेस में फैशन स्टोर आजियो और जिवामे, ऑनलाइन फार्मेसी स्टोर नेटमेड्स और पॉपुलर फर्नीचर सेलर अर्बन लेडर की पेरेंट कंपनी रिलायंस ही है। इस जरिए कंपनी शानदार शॉपिंग एक्सपीरिएंस देना चाहती है।
  • टेक्नोलॉजी स्पेस में बात करें तो रिलायंस की लाइव टीवी से लेकर UPI तक लंबी लिस्ट है, लेकिन भविष्य की टेक्नोलॉजी के लिए भी रिलायंस ने देश और दुनिया की कुछ कंपनियों के साथ पार्टनरशिप की है।
  • उनमें से एक हैं अमेरिकी कंपनी स्काईट्रैन। स्काइट्रैन सेल्फ ड्राइविंग इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल्स बनाती है। इसका मकसद पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आसान बनाना है। ये छोटे पॉड चुंबक से चलते हैं। इससे ट्रैफिक जैसी समस्या से छुटकारा मिलेगा।
  • बेंगलुरु की ड्रोन कंपनी एस्टेरिया एयरोस्पेस में रिलायंस ने 51% हिस्सेदारी खरीदी है। ये कंपनी ऐसे ड्रोन बनाती है जो ज्यादा ऊंचाई तक उड़ान भर सकते हैं। ये एरियल व्यू डेटा को एक्शनेबल इंटेलिजेंस में बदलते हैं।
  • ऑग्मेंटेड रियल्टी कंपनी टेसेरेक्ट में रिलायंस ने 2019 में मेजोरिटी स्टेक हासिल की थी। ये एंटरटेनमेंट, टीचिंग, शॉपिंग और गेमिंग में 3D एक्सपीरिएंस क्रिएट करती है। इसी के बाद रिलायंस ने जियो ग्लास लॉन्च किए थे।
  • मुकेश अंबानी होटल इंडस्ट्री में भी अपने पैर जमा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित लग्‍जरी होटल मैंडरिन ओरिएंटल को खरीदा है। इससे पहले वे ब्रिटेन का मशहूर और आईकॉनिक कंट्री क्लब स्टोक पार्क खरीद चुके हैं।

मुकेश-अनिल में खींचतान का कारण क्या था?

  • मुकेश अंबानी 1981 और अनिल अंबानी 1983 में रिलायंस से जुड़े थे। जुलाई 2002 में धीरूभाई अंबानी का निधन हो गया। वो वसीयत लिख कर नहीं गए थे। मुकेश अंबानी रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन और अनिल अंबानी मैनेजिंग डायरेक्टर बने।
  • नवंबर 2004 में पहली बार दोनों भाई मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी का झगड़ा सामने आया था। परिवार में चल रहे इस विवाद से धीरूभाई अंबानी की पत्नी कोकिलाबेन परेशान थीं, जिसके बाद बिजनेस का बंटवारा किया गया था।
  • ये बंटवारा जून 2005 में हुआ था, लेकिन किस भाई को कौन सी कंपनी मिलेगी इसका फैसला 2006 तक चला। इस बंटवारे में ICICI बैंक के तत्कालीन चेयरमैन वीके कामत को भी हस्‍तक्षेप करना पड़ा था।
  • बंटवारे के बाद मुकेश अंबानी के हिस्से में पैट्रोकैमिकल्स के कारोबार, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडियन पेट्रोल कैमिकल्स कॉर्प लिमिटेड, रिलायंस पेट्रोलियम, रिलायंस इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड जैसी कंपनियां आईं।
  • छोटे भाई अनिल के पास आरकॉम, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस एनर्जी, रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज जैसी कंपनियां थीं। तब से मुकेश अंबानी नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं, लेकिन अनिल की गलतियों ने उनके बिजनेस को डुबो दिया।

किस मॉडल पर मुकेश अंबानी बंटवारा कर सकते हैं?
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक मुकेश अंबानी अपनी संपत्ति के बंटवारे के लिए वॉलमार्ट इंक. के वॉल्टन परिवार जैसा तरीका अपना सकते हैं। इस मॉडल के तहत बिजनेस पर फैमिली के कंट्रोल को बरकरार रखने में मदद मिलेगी। अंबानी फैमिली होल्डिंग्स को ट्रस्ट-जैसे स्ट्रक्चर में शिफ्ट कर सकते हैं। ट्रस्ट रिलायंस इंडस्ट्रीज को पूरी तरह से कंट्रोल करेगा और नई कंपनी में पत्नी नीता अंबानी और उनके तीन बच्चों, जुड़वां आकाश (30) और ईशा (30), और अनंत (26) सहित परिवार के सभी सदस्य हो सकते हैं। पूरा परिवार संयुक्त रूप से पूरे साम्राज्य को देखेगा। यह मौजूदा ऑयल और पेट्रोकेमिकल, टेलीकॉम व रिटेल बिजनेस को डिवाइड करने का बेहतर विकल्प हो सकता है।

सैनफोर्ड सी. बर्नस्टेन के एनालिस्ट नील बेवेरिज कहते हैं कि यदि रिलायंस ऐसा कर पाई तो वैल्यू क्रिएशन व कमाई की ज्यादा संभावनाएं होंगी। जिस प्रकार ऑयल रिफाइनरियों की कमाई ने रिलायंस को देश की अग्रणी टेलीकॉम कंपनी बनाने में मदद की है उसी प्रकार अगली पीढ़ी के लिए अगले दशकों में ये काम ग्रीन एनर्जी, रिटेल और डिजिटल बिजनेस करेंगे। कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज में अंबानी परिवार की मौजूदा हिस्सेदारी मार्च 2019 में 47.27% से बढ़कर 50.6% हो गई है। रिलायंस का मार्केट कैपिटलाइजेशन 217 अरब डॉलर यानी करीब 16 लाख करोड़ रुपए का है। फोर्ब्स के अनुसार मुकेश अंबानी की नेटवर्थ 93.2 बिलियन डॉलर, यानी करीब 6.9 लाख करोड़ रुपए है।

वॉल्टन ने कैसे किया था बंटवारा?
वॉल्टन परिवार दुनिया के सबसे बड़े ग्रुप में से एक का मालिक है। अमेरिकी बिजनेसमैन सैम वॉल्टन का स्थापित वॉलमार्ट अब दुनिया के सबसे बड़ा रिटेलर है। सैम ने 1992 में अपनी मृत्यु से लगभग 40 साल पहले से ही उत्तराधिकार योजना की तैयारी शुरू कर दी थी। वॉल्टन परिवार ने 1988 में कंपनी के डे-टु-डे बिजनस को मैनेजरों के हाथ सौंप दिया था। वॉल्टन ने अपने कारोबार का 80% हिस्सा अपने चार बच्चों एलिस, रॉब, जिम और जॉन को दिया था। नए आंकड़ों के अनुसार, वॉल्टन परिवार के पास वॉलमार्ट का लगभग 47% हिस्सा है।

बंटवारे को लेकर मुकेश अंबानी ने क्या कहा?
28 दिसंबर को धीरूभाई अंबानी का जन्मदिन था। इस मौके पर मुकेश अंबानी ने कहा था, 'युवा पीढ़ी अब लीडरशिप की भूमिका निभाने के लिए तैयार है। अब मैं उत्तराधिकार की प्रक्रिया को तेज करना चाहता हूं। हमें नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करना चाहिए। उन्हें सक्षम बनाना चाहिए। उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए और बैठकर तालियां बजानी चाहिए।'

मुकेश अंबानी ने कहा था, 'मैं हर दिन रिलायंस के लिए बच्चों के जुनून, कमिटमेंट और समर्पण को देख और महसूस कर सकता हूं। मैं उनमें वही आग और काबिलियत देखता हूं, जो मेरे पिता के पास लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाने और भारत के विकास में योगदान देने के लिए थी। समय आ गया है कि इस बड़े अवसर का लाभ उठाकर रिलायंस के भविष्य के विकास की नींव रखी जाए।'

उन्होंने कहा था, 'रिलायंस एक कपड़ा कंपनी के रूप में शुरू हुई थी। अब कई बिजनेसेस में शामिल हैं। इसकी ऑयल टु केमिकल वाली कंपनी अब रिटेल, टेलिकॉम, ई-कॉमर्स जैसे सेक्टर में नंबर वन है। हमने अपने एनर्जी बिजनेस को भी पूरी तरह से नया रूप दिया, अब रिलायंस क्लीन एंड ग्रीन एनर्जी और मटेरियल्स में ग्लोबल लीडर बनने की ओर अग्रसर है।'

रिलायंस का भविष्य और चुनौतियां
गूगल के साथ पार्टनरशिप कर चुका रिलायंस का जियो प्लेटफार्म लिमिटेड मजबूत स्थिति में है। हालांकि रिटेल में रिलायंस की राह आसान नहीं है। रिलायंस के रिटेल बिजनेस को मुख्य रूप से अमेजन से टक्कर मिल रही है। फ्यूचर ग्रुप के अधिग्रहण का मामला अटक गया है। वहीं न्यू एनर्जी में उन्हें गौतम अडाणी से मुकाबला करना होगा। अडाणी 2030 तक दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्रोड्यूसर बनना चाहते हैं। अंबानी ने अगले तीन वर्षों में इस क्षेत्र में 74.3 हजार करोड़ निवेश की योजना बनाई है और कई अधिग्रहण करके अपने इरादे भी जाहिर कर दिए हैं।