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नतीजों का असर:TCS सोमवार को फिर बन सकती है सबसे बड़ी कंपनी, अभी मार्केट कैप रिलायंस से 55 हजार करोड़ रु. कम

मुंबई9 महीने पहले
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शेयर बाजार में रिलायंस और TCS के बीच मार्केट कैप का अंतर घटकर 55 हजार करोड़ रुपए हो गया है। पिछले साल सितंबर में यह लगभग 6 लाख करोड़ रुपए था। दिसंबर तिमाही के लिए टीसीएस ने जो नतीजे जारी किए है उसके मुताबिक स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का प्रॉफिट 20% से ज्यादा बढ़ा है। इसका असर सोमवार को कंपनी के शेयर पर भी दिख सकता है। सोमवार को इसका शेयर करीब 5% बढ़ता है, तो इसका मार्केट कैप रिलायंस से अधिक हो जाएगा। हालांकि यह रिलायंस के शेयरों की चाल पर भी निर्भर करेगा।

अभी टीसीएस का मार्केट कैप 11.70 लाख करोड़ रुपए है

हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन शेयर मार्केट लगातार दो दिन की गिरावट के बाद रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ है। शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद TCS का मार्केट कैप 11.70 लाख करोड़ रुपए रहा, जबकि रिलायंस का मार्केट कैप 12.25 लाख करोड़ रुपए है। दोनों के बीच करीब 55 हजार करोड़ रुपए का अंतर रह गया है। पिछले साल 31 मार्च से अबतक TCS का मार्केट कैप 70% और रिलायंस का मार्केट कैप 73% बढ़ा है। लेकिन 10 सिंतबर से रिलायंस का मार्केट कैप 21% घटा है, जो 15.30 लाख करोड़ रुपए था।

एक साल में TCS के शेयरों ने रिलायंस से बेहतर रिटर्न दिया

महामारी में बीते एक साल में सेंसेक्स और निफ्टी ने निवेशकों को 19-19% से अधिक रिटर्न दिया है। इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 27% और TCS ने 38% का रिटर्न दिया। दोनों ही कंपनियां मार्केट कैप के लिहाज से शीर्ष पर काबिज हैं। इसमें TCS 2020 के शुरुआत में टॉप पर था, जिसे रिलायंस ने मार्च में पीछे छोड़ा। लेकिन RIL के शेयरों में गिरावट या सुस्ती और TCS के शेयरों में लगातार तेजी के चलते इसमें बदलाव की संभावना अधिक है।

लगातार फिसल रहा रिलायंस का शेयर

रिलायंस का शेयर सितंबर के हाई से 18% नीचे कारोबार कर रहा है। कंपनी ने बीते साल जियो प्लेटफॉर्म, रिलायंस रिटेल में हिस्सेदारी बेचकर 1.97 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम जुटाए। इसके लेकर निवेशक नर्वस हैं कि कंपनी कैसे इसका इस्तेमाल कर रही है। इसके अलावा सउदी अरामको के साथ डील अभी भी अटकी हुई है।

गिरावट में मुकेश अंबानी की उम्र भी मुख्य कारण है। क्योंकि नवंबर में ऐसी ही खबरों के चलते शेयर 8% तक फिसल गया था। इसके चलते कंपनी मार्केट कैप भी एक लाख करोड़ रुपए से अधिक घट गया था। वहीं, देश में जारी किसान आंदोलन में भी किसानों ने अंबानी के प्रोडक्ट्स को निशाने पर लिया है। शेयरों में गिरावट से अंबानी की इंडिविजुअल संपत्ति भी घटकर 73.4 अरब डॉलर हो गई है।