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जियो टावर तोड़फोड़ मामला:पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब और केंद्र को भेजा नोटिस, केवल पंजाब में जियो के 1500 टावर को नुकसान पहुंचा

नई दिल्ली6 महीने पहले
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रिलायंस जियो के मोबाइल टावरों में हुए तोड़फोड़ के खिलाफ रिलायंस इंडस्ट्री की याचिका पर हरियाणा हाईकोर्ट ने आज सुनवाई की। कोर्ट ने मामले में पंजाब सरकार एवं केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इससे पहले रिलायंस जियो ने अपनी याचिका में कंपनी के मोबाइल टावर और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

मामले पर हाई कोर्ट से पंजाब और केंद्र सरकार को नोटिस

रिलायंस जियो ने कहा कि जस्टिस सुधीर मित्तल ने 8 फरवरी तक पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कंपनी की याचिका पर हाई कोर्ट ने केंद्रीय गृह सचिव, दूरसंचार मंत्रालय और पंजाब के DGP को आठ फरवरी के लिए नोटिस जारी किया है। रिलायंस के आरोपों पर पंजाब सरकार ने कोर्ट को बताया कि उसने राज्य में 1019 पेट्रोलिंग पार्टी और 22 नोडल आफिसर तैनात किए हैं, ताकि किसी भी तरह की संपति को नुकसान न हो सके। इस पर कंपनी की तरफ से कहा गया कि पंजाब में दी पंजाब प्रिवेंशन आफ डैमेज पब्लिक एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी एक्ट 2014 लागू है।

क्या है मामला?

राज्य में प्रदर्शनकारियों ने केवल पंजाब में जियो के लगभग 1,500 मोबाइल टावर को नुकसान पहुंचाए। इसी मामले को लेकर जियो इन्फोकॉम पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंची थी। कंपनी ने सोमवार को दाखिल याचिका में मांग की है कि शासन से इस मामले में हस्तक्षेप करवा कर ऐसी घटनाओं पर रोक लगवाई जाए। टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्री का हिस्सा है। केवल पंजाब में जियो के 1.4 करोड़ यूजर हैं।

आंदोलन के बीच कंपनी की सफाई

कंपनी ने कहा है कि उसके खिलाफ जो अभियान चलाया जा रहा है उसका वास्तविकता से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। मौजूदा कृषि कानूनों पर जारी बहस से रिलायंस का कोई लेना-देना नहीं है। कंपनी न तो कॉरपोरेट या कांट्रैक्ट फार्मिंग करती है और न ही करवाती है। भविष्य में ऐसा करने की कोई योजना नहीं है। पिछले साल अंतिम नवंबर से जारी किसान आंदोलन में अंबानी-अदाणी प्रोडक्ट्स का विरोध 9 दिसंबर से शुरु किया गया, जिसके बाद कंपनियों के प्रोडक्ट्स लगातार निशाने पर हैं।

प्रतिद्वंद्वी कंपनियों पर विरोध उकसाने का आरोप

कंपनी के मुताबिक उसके विरोधियों और उपद्रवियों ने पंजाब भर में 1500 से अधिक मोबाइल टावरों में तोड़फोड़ किया। इसके अलावा हरियाणा और पंजाब में सहायक कंपनियों के कारोबार में रुकावट पैदा किया जा रहा है, जिससे कंपनी को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। हाईकोर्ट से इस मामले में जल्द सुनवाई की अपील भी की गई है। मामले पर बिना नाम लिए कंपनी अपने प्रतिद्वंद्वी कंपनियों पर विरोध को उकसाने का आरोप लगाया। हालांकि वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल ने पहले ही इसको बेबुनियाद बताया है।

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