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  • MNC Funds Beat Nifty 50 Total Return Index In 10 Years

लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न के लिए MNC फंड आजमाएं:इसने 10 साल में निफ्टी 50 टोटल रिटर्न इंडेक्स को पीछे छोड़ा

नई दिल्ली14 दिन पहले
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सरबजीत के सेन

मल्टीनेशनल कंपनियों (MNC) फंड थीमैटिक कैटेगरी का फंड है। इसमें निवेशकों का पैसा MNC के शेयरों में लगाया जाता है। हालांकि हाल के वर्षों में इनका रिटर्न आकर्षक नहीं रहा है, लेकिन यदि लंबी अवधि का औसत देखें तो अलग तस्वीर उभरती है। 10 साल में इसने निफ्टी 50 टोटल रिटर्न इंडेक्स को पीछे छोड़ा है।

इस लिहाज से MNC फंड वैसे निवेशकों के लिए बेहतर है जो लंबी अवधि में बेंचमार्क से ज्यादा कमाई चाहते हैं। एसबीआई म्यूचुअल फंड, यूटीआई, आदित्य बिड़ला सन लाइफ और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एमएनसी कैटेगरी में एक्टिव फंड ऑफर करते हैं। कोटक निफ्टी MNC इंडेक्स पर आधारित ईटीएफ ऑफर करता है। देश की म्यूचुअल फंड कंपनियां MNC फंड कैटेगरी में 12,315 करोड़ रुपए के एसेट मैनेज करती हैं।

1. काफी डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो
MNC फंड 50% से ज्यादा विदेशी प्रमोटरों की हिस्सेदारी वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं। इस कैटेगरी की स्कीम्स का बेंचमार्क निफ्टी MNC इंडेक्स है। इसमें MNC के 30 शेयर हैं। इनका बिजनेस एफएमसीजी, ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर, मेटल, माइनिंग, आईटी जैसे सेक्टरों में है।

2. शानदार रिटर्न की संभावना इसलिए
भारत ग्लोबल कंपनियों के लिए मैन्युफैक्चरिंग हब बनता जा रहा है। जो कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग आउटसोर्सिंग के लिए अब तक चीन पर निर्भर थीं, उन्होंने प्लांट भारत में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। इस लिहाज से MNC फंड लंबी अवधि में लगातार शानदार रिटर्न देने में कामयाब हो सकते हैं।

3. क्वालिटी इन्वेस्टमेंट
MNC फंड को क्वालिटी इन्वेस्टमेंट माना जाता है। ये स्थापित ग्लोबल कंपनियों में निवेश करते हैं। ये जाने-माने ब्रांड, कम कर्ज और विपरीत हालात में भी बेहतर प्रदर्शन के ट्रैक रिकॉर्ड वाली कंपनियां हैं। इसीलिए ऐसे फंड में ज्यादा स्थिरता देखी जाती है। बाजार गिर रहा हो तो भी इनका प्रदर्शन अच्छा रहता है।

4.किसे निवेश करना चाहिए?
जो लोग 3-5 साल के लिए इक्विटी फंड में निवेश चाहते हैं, उनके लिए MNC बेहतर थीमैटिक फंड है। ये उन निवेशकों के लिए बेहतर हैं जो ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते। पर इक्विटी पोर्टफोलियो में थीमैटिक फंड की हिस्सेदारी 20% तक सीमित रखें। MNC फंड की हिस्सेदारी भी 10% से ज्यादा न हो।