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  • Manufacturing Sector Ends 2020 In A Better Note Although The Unemployment Condition Remains The Same

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PMI रिपोर्ट:मैन्यूफैक्चरिंग में लगातार पांचवें महीने सुधार, लेकिन कर्मचारियों की छंटनी का सिलसिला नहीं रुका

नई दिल्ली5 महीने पहले
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मैन्यूफैक्चरिंग PMI दिसंबर 2020 में बढ़कर 56.4 पर पहुंच गया - Money Bhaskar
मैन्यूफैक्चरिंग PMI दिसंबर 2020 में बढ़कर 56.4 पर पहुंच गया
  • दिसंबर 2020 में मैन्यूफैक्चरिंग PMI की रीडिंग 56.4 रही, नवंबर में 56.3 थी
  • रोजगार में गिरावट जारी, लेकिन इसके गिरने की रफ्तार कम हुई

कोरोनावायरस महामारी के साए में बीते साल 2020 का अंत मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर ने विकास के साथ किया। सोमवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण के मुताबिक दिसंबर 2020 में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के उत्पादन में बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि कर्मचारियों की छंटनी का सिलसिला साल के अंत में भी नहीं रुक पाया।

IHS मार्किट द्वारा तैयार किया जाने वाला निक्केई मैन्यूफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स दिसंबर 2020 में मामूली बढ़कर 56.4 पर पहुंच गया, जो नवंबर में 56.3 पर था। इस इंडेक्स की रीडिंग के 50 से ऊपर रहने का मतलब यह होता है कि सेक्टर में ग्रोथ हुई है। वहीं 50 से नीचे की रीडिंग बताती है कि सेक्टर का उत्पादन साल-दर-साल आधार पर घटा है।

नए ठेके और उत्पादन में बढ़ोतरी जारी

नए PMI सर्वेक्षण के मुताबिक कंपनियों के नए ठेके और उत्पादन में बढ़ोतरी जारी है। हालांकि इसकी रफ्तार धीमी है। निर्यात के ठेकों में बढ़ोतरी की रफ्तार चार महीने में सबसे कम रही, क्योंकि कोरोनावायरस संक्रमण की नई लहर के कारण विदेश में मांग सुस्त है।

बेरोजगारी की स्थिति में सुधार नहीं

मांग बढ़ने के बाद भी बेरोजगारी की स्थिति में सुधार नहीं हुई। मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों ने कर्मचारियों की छंटनी जारी रखी है। IHS मार्किट की इकॉनोमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर पॉलियाना डि लीमा ने कहा कि एक बार और रोजगार में गिरावट का रुझान सामने आया है। हालांकि 9 महीने से रोजगार में जारी गिरावट की रफ्तार सबसे कम स्तर पर आ गई है।

RBI के टार्गेट से ऊपर बनी रह सकती है महंगाई

प्रोडक्ट बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के दाम में दो साल से ज्यादा समय की सबसे तेज बढ़ोतरी हुई। इससे कंपनियों का प्रॉफिट मार्जिन घट गया, क्योंकि कंपनियां उत्पादों की कीमत में उसके अनुरूप बढ़ोतरी नहीं कर पाईं।

अगले 12 महीने के लिए कारोबारी उम्मीदों में गिरावट

अगले 12 महीने की कारोबारी उम्मीद घटी है और दिसंबर में यह 4 महीने के निचले स्तर पर आ गई है। मुख्यत: कीमत पर दबाव बढ़ने और महामारी के आर्थिक असर के कारण अगले 1 साल की कारोबारी उम्मीद में गिरावट आई है।

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