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शेयर बेचकर फायदा:चौथी तिमाही में LIC ने कमाया फायदा, कंपनियों में घटाई हिस्सेदारी

मुंबई3 महीने पहले
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बीमा कंपनियों की होल्डिंग्स शेयर बाजार में 31 मार्च को 4.80% के साथ 5 साल के निचले स्तर पर आ गई, जो 31 दिसंबर, 2020 के अंत में 5% से नीचे थी। वैल्यू के लिहाज से यह पिछली तिमाही से 3.09% बढ़कर 31 मार्च, 2021 तक 9.48 लाख करोड़ रुपए के उच्च स्तर पर पहुंच गया - Money Bhaskar
बीमा कंपनियों की होल्डिंग्स शेयर बाजार में 31 मार्च को 4.80% के साथ 5 साल के निचले स्तर पर आ गई, जो 31 दिसंबर, 2020 के अंत में 5% से नीचे थी। वैल्यू के लिहाज से यह पिछली तिमाही से 3.09% बढ़कर 31 मार्च, 2021 तक 9.48 लाख करोड़ रुपए के उच्च स्तर पर पहुंच गया
  • म्यूचूअल फंडों ने 24 लगातार तिमाहियों में बढ़त के बाद अपनी होल्डिंग्स बेची है
  • मार्च में रिटेल इन्वेस्टर्स की होल्डिंग 713 कंपनियों में 15.57% कम हो गई

लगातार बाजार की तेजी में म्यूचुअल फंड और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने शेयरों को बेचकर मुनाफा कमाया है। LIC ने मार्च तिमाही में कंपनियों के शेयर बेचे हैं। इसकी 296 कंपनियों में हिस्सेदारी है। दिसंबर तिमाही में यह 3.70% पर थी जो मार्च में घट कर 3.66% पर आ गई है।

2012 में लिस्टेड कंपनियों में 5% हिस्सेदारी थी

एक रिपोर्ट के अनुसार, 2012 में कंपनियों में LIC की हिस्सेदारी 5% थी। जो इसकी अब तक की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी थी। दिलचस्प बात यह है कि वैल्यू के लिहाज से मार्च में इसने जितनी कंपनियों में निवेश किया था, उसका कुल वैल्यू 7.24 लाख करोड़ रुपए था। इस सरकारी कंपनी के इक्विटी असेट्स में हाल में तेजी से बढ़त हुई जो 6.30% रही है। साथ ही इसमें यह भी कहा गया है कि इस अवधि के दौरान बाजार बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमशः 3.70% और 5.10% की वृद्धि हुई।

5 साल के निचले स्तर पर आ गई हिस्सेदारी

बीमा कंपनियों की होल्डिंग्स शेयर बाजार में 31 मार्च को 4.80% के साथ 5 साल के निचले स्तर पर आ गई, जो 31 दिसंबर, 2020 के अंत में 5% से नीचे थी। वैल्यू के लिहाज से यह पिछली तिमाही से 3.09% बढ़कर 31 मार्च, 2021 तक 9.48 लाख करोड़ रुपए के उच्च स्तर पर पहुंच गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि LIC का इक्विटी में अन्य बीमा कंपनियों की कुल हिस्सेदारी की वैल्यू का तीन चौथाई से अधिक हिस्सा है।

31 मार्च, 2021 को म्यूचुअल फंडों की होल्डिंग घटकर 7.23% रह गई, जो 31 दिसंबर 2020 को 7.42% थी। यह लगातार चौथी तिमाही है जहां म्यूचूअल फंडों ने 24 लगातार तिमाहियों में बढ़त के बाद अपनी होल्डिंग्स बेची है।

14.30 लाख करोड़ रही म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी

हालांकि वैल्यू के लिहाज से डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स की होल्डिंग 31 मार्च 2021 को 4.81% बढ़कर 14.30 लाख करोड़ रुपए हो गई, जो 31 दिसंबर 2020 को 13.64 लाख करोड़ रुपए थी। घरेलू म्यूचुअल फंडों की इक्विटी स्कीम से तिमाही के दौरान 26,810 करोड़ रुपए निकल गया क्योंकि रिटेल निवेशकों ने प्रॉफिट बुक किया।

डीआईआई की हिस्सेदारी घटी

म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों की होल्डिंग्स में कमी के पीछे घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की होल्डिंग 31 मार्च, 2021 को 13.56% से घटकर 13.03% की तिमाही के निचले स्तर पर आ गया। इस तिमाही के दौरान डीआईआई ने 23,124 करोड़ रुपए के शेयरों की बिकवाली की, जबकि वैल्यू के लिहाज से 31 मार्च 2021 को डीआईआई होल्डिंग 25.75 लाख करोड़ रुपए के अब तक के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 3.27% ज्यादा है।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) की होल्डिंग्स 31 मार्च 2021 तक 22.60% पर थी, जो 31 दिसंबर 2020 को 22.74% थी। तिमाही के दौरान 55,741 करोड़ रुपए का निवेश इन निवेशकों ने किया था। रुपए के मूल्य के लिहाज से एफपीआई का 31 मार्च, 2021 तक 44.66 लाख करोड़ रुपए का निवेश रहा है। 31 दिसंबर 2020 तक यह 41.83 लाख करोड़ रुपए था।

एनएसई में लिस्टेड कंपनियों में सरकार (प्रमोटर) की होल्डिंग 31 मार्च 2021 को बढ़कर 5.60% हो गई, जो 31 दिसंबर 2020 तक 5.22% थी। शेयरों की कीमतों में बढ़त के बावजूद रिटेल इन्वेस्टर्स की होल्डिंग 713 कंपनियों में 15.57% कम हो गई। जबकि 863 कंपनियों में बढ़ गई