पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Market Watch
  • SENSEX48690.8-0.96 %
  • NIFTY14696.5-1.04 %
  • GOLD(MCX 10 GM)475690 %
  • SILVER(MCX 1 KG)698750 %
  • Business News
  • IRDAI Directs Insurers To Decide On COVID 19 Claims Within 60 Mins

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

इरडा ने बीमा कंपनियों से कहा:कोविड-19 कैशलेस क्लेम पर 60 मिनट में फैसला लें, मरीजों के डिस्चार्ज में देरी ना हो

नई दिल्ली13 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया था 30-60 मिनट में फैसला करने का आदेश
  • इरडा ने कहा- TPA भी क्लेम प्रोसेस की टाइमलाइन का ध्यान रखें

इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी इरडा ने कोविड-19 कैशलेस ट्रीटमेंट को लेकर बड़ा फैसला किया है। इरडा ने बीमा कंपनियों से कहा है कि कोविड-19 कैशलेस ट्रीटमेंट क्लेम पर फाइनल बिल बनने के बाद 60 मिनट के अंदर फैसला ले लिया जाए। इससे मरीजों के डिस्चार्ज में देरी नहीं होगी और अस्पताल का बेड इंतजार कर रहे दूसरे मरीजों को जल्द से जल्द उपलब्ध हो सकेगा।

जल्द से जल्द पूरी की जाए प्रक्रिया

इरडा ने सभी जनरल और हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों से कहा है कि सारी प्रक्रिया पूरी होने और रसीद दिए जाने के बाद कंपनी 60 मिनट के अंदर क्लेम को मंजूर करने या नामंजूर करने की जानकारी नेटवर्क अस्पताल को दें। इंश्योरेंस रेगुलेटर ने कहा है कि क्लेम को मंजूर या नामंजूर करने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि मरीजों को बेड के लिए ज्यादा इंतजार ना करना पड़े। इरडा ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद बीमा कंपनियों को यह निर्देश दिए हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा था?

दिल्ली हाईकोर्ट ने 28 अप्रैल को कहा था कि इंश्योरेंस कंपनियां कोरोना मरीजों के अस्पताल खर्च के बिल का क्लेम मंजूर करने में 6-7 घंटे का समय नहीं लगा सकती हैं। इससे मरीजों को डिस्चार्ज करने में देरी हो रही है। हाईकोर्ट ने कहा था कि इंश्योरेंस कंपनियां 30 से 60 मिनट के अंदर क्लेम पर लिए फैसले की जानकारी दें। जस्टिस प्रतिभा सिंह ने कहा था कि यदि किसी मामले में इंश्योरेंस कंपनी या थर्ड पार्टी क्लेम प्रोसेस में 6-7 घंटे का समय लगाती है तो उन पर अवमानना के तहत कार्रवाई होगी। हाईकोर्ट ने इरडा को इस पर निर्देश जारी करने को कहा था।

TPA भी टाइमलाइन का ध्यान रखें

इरडा की ओर से जारी सर्कुलर में सलाह दी गई है कि इंश्योरेंस कंपनियां टाइमलाइन का विशेष रूप से पालन करें। कंपनियां क्लेम की प्रोसेस में तेजी लाएं और जल्द से जल्द फैसला लें। ताकि मरीजों को डिस्चार्ज होने में कोई समस्या ना हो। इरडा ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने संबंधित थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (TPA) को भी टाइमलाइन का विशेष ध्यान रखने को कहें।

अब तक क्या है नियम?

इरडा ने कैशलेस ट्रीटमेंट को लेकर पिछले साल एक सर्कुलर जारी किया था। इसमें कहा गया था कि इंश्योरेंस कंपनियों को कैशलेस ट्रीटमेंट में क्लेम की मंजूरी की जानकारी 2 घंटे के अंदर अस्पताल को देनी होगी। इरडा ने कहा था कि अस्पताल से रसीद मिलने के 2 घंटे के अंदर बीमा कंपनी को फैसले की जानकारी नेटवर्क अस्पताल को देनी होगी।

वित्त मंत्री भी कह चुकी हैं प्राथमिकता देने की बात

कोविड-19 के इंश्योरेंस क्लेम को लेकर वित्त मंत्रालय भी सक्रिय है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसी महीने इरडा से कहा था कि कोरोना के मामलों में इंश्योरेंस क्लेम को प्राथमिकता दी जाए। वित्त मंत्री ने इरडा के चेयरमैन एससी खुंटिया से कहा था कि जो कंपनियां कैशलेस इलाज की सुविधा ना दें, उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके बाद इरडा ने सभी बीमा कंपनियों से कहा था कि वे कोरोना के मरीजों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराएं।

9 लाख से ज्यादा क्लेम का निपटारा हुआ

पिछले साल मार्च में कोविड को व्यापक स्वास्थ्य बीमा में शामिल किया गया। कैशलेस इलाज की सुविधा नेटवर्क अस्पतालों के साथ-साथ अस्थाई अस्पतालों में भी उपलब्ध है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इंश्योरेंस कंपनियों की ओर से अब तक 8,642 करोड़ रुपए के कोविड से जुड़े 9 लाख से ज्यादा क्लेम का निपटारा किया गया है।

खबरें और भी हैं...