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  • Mutual Fund ; Equity Funds ; Investment In Equity Funds Increased By Three And A Half Times To Rs 22,583 Crore, More Than 23 Lakh SIP Accounts Were Opened

जुलाई में म्यूचुअल फंड के नए रिकॉर्ड:इक्विटी फंड में निवेश साढ़े तीन गुना बढ़कर 22,583 करोड़ रुपए पर पहुंचा, रिकॉर्ड 23 लाख से ज्यादा SIP खाते खुले

मुंबई2 महीने पहले
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कोरोना महामारी की दूसरी लहर में कमी आने का सकारात्मक असर म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री पर देखा गया। यहां जुलाई में कई रिकॉर्ड बने। म्यूचुअल फंड्स में निवेश अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया और एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) पहली बार 35 लाख करोड़ से ऊपर निकल गया।

इस दौरान इक्विटी फंड में निवेश साढ़े तीन गुना से ज्यादा बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर रहा। इसके अलावा सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश भी रिकॉर्ड पैमाने पर हुआ। इसे अर्थव्यवस्था पटरी पर आने को लेकर जबरदस्त उम्मीद का संकेत माना जा रहा है।

इक्विटी और इक्विटी-लिंक्ड स्कीम्स में 22,584 करोड़ का हुआ निवेश
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में इक्विटी और इक्विटी-लिंक्ड स्कीम्स में 22,583.5 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश हुआ। यह जून में निवेश के मुकाबले 277% ज्यादा है। जुलाई लगातार पांचवां महीना रहा, जब इक्विटी फंडों में शुद्ध निवेश हुआ। एम्फी के मुताबिक, जुलाई में रिटेल स्कीम्स में शुद्ध निवेश 40,302 करोड़ रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया।

23 लाख से ज्यादा SIP अकाउंट्स खुले
एक्सपर्ट्स के मुताबिक इनमें नए फंड ऑफर्स (NFO) की बड़ी भूमिका रही है। व्हाइट ओक कैपिटल के सीईओ आशीष सोमैया ने कहा, ‘बीते महीने इक्विटी और हाइब्रिड स्कीम्स में करीब 27,000 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड निवेश हुआ। इसमें एनएफओ का 50% से ज्यादा योगदान रहा।’

इसके अलावा बीते महीने म्यूचुअल फंड्स् के SIP में लगातार चौथे महीने निवेश बढ़कर ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। इस दौरान रिकॉर्ड 23 लाख से ज्यादा SIP अकाउंट्स खुले और कुल एयूएम पहली बार 5 लाख करोड़ से ऊपर 5.03 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। एसआईपी में ठीक वैसे ही हर माह निवेश किया जाता है, जैसे लोन की ईएमआई भरी जाती है।

मल्टी-कैप स्कीम्स से दूरी
एम्फी के आंकड़ों के मुताबिक जून में न केवल लार्ज-कैप बल्कि मिड-कैप और स्मॉल-कैप स्कीम्स में भी शुद्ध निवेश हुआ। वहीं, मल्टी-कैप स्कीम्स (जिनके पोर्टफोलियो में छोटी-बड़ी सभी तरह की कंपनियों के शेयर होते हैं) से शुद्ध निकासी हुई।

बाजार में नगदी बढ़ना बड़ी वजह, छोटे निवेशक फायदा उठाना चाह रहे
विशेषज्ञों के मुताबिक RBI की उदार मौद्रिक नीति के चलते बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त नकदी होना, कंपनियों की आय में जोरदार इजाफा, कॉरपोरेट हायरिंग और सैलरी में तेज बढ़ोतरी, कोरोना वैक्सीनेशन कैंपेन और अनलॉक के चलते शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचना निवेश बढ़ने की प्रमुख वजह है। इसके अलावा छोटे निवेशक भी बाजार में तेजी का फायदा उठाना चाह रहे हैं, जिसके लिए उन्होंने म्यूचुअल फंड का रास्ता चुना।

एम्फी के सीईओ एनएस वेंकटेश ने बताया, ‘वैश्विक और घरेलू बाजार में नकदी काफी बढ़ गई है। इसी वजह से शेयर बाजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। छोटे निवेशक भी बाजार की इस तेजी का फायदा उठाना चाह रहे हैं। इसके लिए उन्होंने म्यूचुअल फंड्स और SIP की ओर रुख किया।