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देश की पहली स्टार्टअप कंपनी अमेरिका में होगी लिस्ट:इनमोबी इस साल के अंत तक IPO ला सकती है, 15 अरब डॉलर जुटा सकती है

मुंबई7 महीने पहले
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दिसंबर में इनमोबी के मालिक नवीन तिवारी के दूसरे स्टार्टअप ग्लांस डिजिटल एक्सपीरियंस प्राइवेट को गूगल और मिथ्रिल कैपिटल से 1 अरब डॉलर से ज्यादा के वैल्यूएशन पर 145 अरब डॉलर मिले। इससे यह उनका दूसरा यूनिकॉर्न बन गया। इनमोबी के मालिकाना हक वाली ग्लान्स को अभी दो साल भी पूरे नहीं हुए हैं - Money Bhaskar
दिसंबर में इनमोबी के मालिक नवीन तिवारी के दूसरे स्टार्टअप ग्लांस डिजिटल एक्सपीरियंस प्राइवेट को गूगल और मिथ्रिल कैपिटल से 1 अरब डॉलर से ज्यादा के वैल्यूएशन पर 145 अरब डॉलर मिले। इससे यह उनका दूसरा यूनिकॉर्न बन गया। इनमोबी के मालिकाना हक वाली ग्लान्स को अभी दो साल भी पूरे नहीं हुए हैं
  • हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के छात्र नवीन तिवारी ने इनमोबी की शुरुआत की थी
  • उन्होेंने 2007 में अपने स्कूल के साथियों के साथ इसे शुरू किया था

देश की पहली स्टार्टअप कंपनी अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है। खबर है कि इनमोबी (InMobi Pte) इस साल के अंत तक IPO ला सकती है। इसके जरिए कंपनी 12 से 15 अरब डॉलर की रकम जुटाने की योजना बना रही है।

यूनिकॉर्न स्टेटस तक पहुंचने वाली भारत की पहली कंपनी

वेंचर फंडिंग के साथ यूनिकॉर्न स्टेटस तक पहुंचने वाली भारत की यह पहली निजी कंपनी अपनी आईपीओ प्रक्रिया को कुछ हफ्तों में स्टार्ट कर सकती है। कंपनी का बोर्ड लिस्टिंग पर विचार करने के लिए जल्द ही मीटिंग कर सकता है। फिलहाल यह 1 अरब डॉलर वाली कंपनी है। अगर यह आईपीओ सफल रहता है तो यह भारत की पहली स्टार्ट अप कंपनी बन जाएगी जो अमेरिकी शेयर बाजार में सीधे लिस्ट होगी।

जापान का सॉफ्टकॉर्प बैंक भी है हिस्सेदार

इनमोबी के सबसे बड़े समर्थक सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्प के लिए यह एक चौंकाने वाला आईपीओ होगा। सॉफ्टबैंक कंपनी के 40 % हिस्से का मालिक है। इनमोबी के पास एस-1 स्टेटमेंट दाखिल करने के लिए लगभग तीन महीने हैं। एस-1 स्टेटमेंट एक प्रकार का ऐसा कागजात है जिसे रजिस्ट्रेशन के लिए अमेरिकी शेयर बाजार के रेगुलेटर अमेरिकी सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन के पास जमा कराना होता है। उसके बाद आईपीओ के रोड शो की योजना बनाई जाएगी।

3 मर्चेंट बैंकर के साथ हो रही है बात

इनमोबी की लिस्टिंग पर काम करने के लिए जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी, गोल्डमैन सैक्स ग्रुप इंक और सिटीग्रुप इंक जैसे बैंक हैं। मौजूदा महामारी इनमोबी सहित विज्ञापन-टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए वरदान साबित हुई है। क्योंकि इससे गेमिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग और शॉपिंग में मोबाइल में तेजी से बदलाव हुआ है। विज्ञापनदाताओं ने इसका तेजी से फायदा उठाया है।

कई देशों में करती है कारोबार

इनमोबी चीन, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और भारत सहित बाजारों में अपने कारोबार करती है। यह ग्राहकों के फोन के लिए टार्गेटेड विज्ञापन (targeted advertising) देने के लिए एल्गोरिदम का उपयोग करती है। कंपनी विज्ञापनदाताओं को विज्ञापन बनाने और साइट ट्रैफ़िक से कमाई करने में भी मदद करती है, जो कैंपेन परफॉर्मेंस पर रियल समय की रिपोर्ट प्रदान करती है।

हार्वर्ड बिजनेस से पढ़े हैं इसके प्रोफेशनल

हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के छात्र रहे नवीन तिवारी (43) ने इस कंपनी की शुरुआत की थी। वे मैकिंजी एंड कंपनी में एक सलाहकार के रूप में जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने अपने इंजीनियरिंग और बिजनेस स्कूल के साथियों के साथ 2007 में मिलकर इनमोबी की स्थापना की।

2011 में पहली स्टार्टअप कंपनी बनी थी

इनमोबी यह 2011 में भारत की पहली स्टार्ट अप बन गई थी। इसके बाद से दर्जनों अन्य भारतीय टेक स्टार्टअप्स का वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। कहा जा रहा है कि इनमें से वॉलमार्ट इंक के स्वामित्व वाली ऑनलाइन रिटेलर फ्लिपकार्ट ऑनलाइन सर्विसेज प्राइवेट और फूड डिलिवरी स्टार्टअप जोमैटो प्राइवेट लिमिटेड सहित कई को भारत या अमेरिका में लिस्टिंग की योजना बना रही हैं।

2019 में 1 अरब डॉलर का लक्ष्य रखा था

बैंगलोर में स्थित इनमोबी ने 2017 में कहा था कि इसका ऑपेरशन फायदे में है। 2019 में इसने 1 बिलियन डॉलर के ग्रॉस रेवेन्यू का टारगेट रखा था। विज्ञापन एजेंसी नेटवर्क डेन्सू के एक अनुमान के अनुसार, यह डिजिटल एडवरटाइजिंग मार्केट में इनमोबी फेसबुक इंक और अल्फाबेट इंक के गूगल के साथ प्रतिस्पर्धा कर 2021 में 579 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद कर रही है।

दिसंबर में तिवारी के दूसरे स्टार्टअप ग्लांस डिजिटल एक्सपीरियंस प्राइवेट को गूगल और मिथ्रिल कैपिटल से 1 अरब डॉलर से ज्यादा के वैल्यूएशन पर 145 अरब डॉलर मिले। इससे यह उनका दूसरा यूनिकॉर्न बन गया। इनमोबी के मालिकाना हक वाली ग्लान्स को अभी दो साल भी पूरे नहीं हुए हैं।