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नेशनल ई-कॉमर्स पॉलिसी मसौदा:डिजिटल एकाधिकार पर रोक से अमेजन और वॉलमार्ट जैसी कंपनियों की विस्तार योजना को झटका लगेगा

नई दिल्ली3 महीने पहले
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ड्रॉफ्ट ई-कॉमर्स पॉलिसी पर बीते एक साल से विभिन्न मंत्रालयों और सरकार के विभिन्न विभागों में विचार हो रहा था। - Money Bhaskar
ड्रॉफ्ट ई-कॉमर्स पॉलिसी पर बीते एक साल से विभिन्न मंत्रालयों और सरकार के विभिन्न विभागों में विचार हो रहा था।
  • ऑनलाइन रिटेलर्स के लिए कोड ऑफ कंडक्ट बनाया जाएगा
  • सेलर्स के साथ भेदभाव रोकने वाला एल्गोरिदम बनाना होगा

केंद्र सरकार ने नेशनल ई-कॉमर्स पॉलिसी का मसौदा जारी कर दिया है। इसमें डिजिटल एकाधिकार पर रोक लगाने और स्थानीय स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इससे अमेजन डॉट कॉम और वॉलमार्ट इंक जैसी कंपनियों की विस्तार योजना महंगी हो सकती है। साथ ही विस्तार योजना को झटका लग सकता है।

ऑनलाइन रिटेलर्स के लिए बनाया जाएगा कोड ऑफ कंडक्ट

ड्राफ्ट ई-कॉमर्स पॉलिसी में ऑनलाइन रिटेलर्स के लिए कोड ऑफ कंडक्ट बनाने की बात कही गई है। साथ ही यूजर डाटा के क्रॉस-बॉर्डर फ्लो को परिभाषित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने पारंपरिक बेस वोट माने जाने वाले छोटे रिटेलर्स की शिकायतों के आधार पर अमेजन और वॉलमार्ट के एकाधिकार को खत्म करने वाले नियम बनाए हैं।

डिस्काउंट को लेकर स्पष्ट और पारदर्शी नीति बनानी होगी

मसौदे के मुताबिक ई-कॉमर्स ऑपरेटरों को डिस्काउंट को लेकर स्पष्ट और पारदर्शी नीति बनानी होगी। डिस्काउंट रेट के लिए प्रोडक्ट/सप्लायर को प्लेटफॉर्म की तरफ से होने वाली फंडिंग के आधार के बारे में बताना होगा। वेंडर या सेलर के डिस्काउंट स्कीम में शामिल होने या नहीं होने से क्या होगा, इस बारे में भी बताना होगा।

ग्रोथ के लिए बनाई गई पॉलिसी

पॉलिसी के साथ जारी नोट में कहा गया है कि ई-कॉमर्स पॉलिसी को ग्रोथ के लिए बनाया गया है। इसका मकसद बाजार की विकृतियों को कम करना है। 9 पेज का यह ड्राफ्ट विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों के बीच बातचीत के आधार तैयार किया गया है। इसके लिए शनिवार को डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) की ओर से बैठक भी बुलाई गई थी।

सेलर्स के साथ भेदभाव नहीं करेंगे ई-रिटेलर

ड्राफ्ट पॉलिसी में कहा गया है कि ई-रिटेलर ऐसा एल्गोरिदम तैयार करेंगे जिससे सेलर्स के साथ भेदभाव ना हो। नोट में कहा गया है कि इस सेक्टर में तेजी से ग्रोथ हो रहा है। इसके साथ ही कई सारी रेगुलेटरी चुनौतियां भी पैदा हो रही हैं। इसमें सभी के लिए समान अवसर पैदा करना, एकाधिकार की प्रवृत्ति को प्रभावित करना और मुक्त विकल्प के लिए जानकारी बनाए रखने की आवश्यकता और छोटे खुदरा व्यापारी सेगमेंट के लिए व्यापार के नुकसान की चुनौतियां शामिल हैं।

पॉलिसी पर एक साल से हो रहा था विचार

ड्रॉफ्ट ई-कॉमर्स पॉलिसी पर बीते एक साल से विभिन्न मंत्रालयों और सरकार के विभिन्न विभागों में विचार हो रहा था। हालांकि, इस ड्राफ्ट पर DPIIT के प्रवक्ता ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भारत में पैदा होने वाले डाटा पहले घरेलू संस्थाओं के लिए उपलब्ध होगा। ड्राफ्ट नोट में कहा गया है कि सेफगार्ड से जुड़े नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा और उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।