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2021-22 में GDP 10% की दर से बढ़ेगी:चालू वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था में आ सकती है 9% की गिरावट-S&P

मुंबईएक वर्ष पहले
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दूसरी तिमाही में जीडीपी में गिरावट अनुमानों से काफी कम रही है। एजेंसी ने कहा कि हमें लगता है कि 2021 से ब्याज दरें ऊपर की ओर जानी शुरू हो सकती हैं। RBI अब रेट में कटौती नहीं करेगा - Money Bhaskar
दूसरी तिमाही में जीडीपी में गिरावट अनुमानों से काफी कम रही है। एजेंसी ने कहा कि हमें लगता है कि 2021 से ब्याज दरें ऊपर की ओर जानी शुरू हो सकती हैं। RBI अब रेट में कटौती नहीं करेगा
  • देश में तेजी से अर्थव्यवस्था में रिकवरी हो रही है और घरेलू खर्च भी बढ़ रहा है
  • S&P का कहना है कि महंगाई दर में अब आगे कमी आने की संभावना है

वैश्विक रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (S&P) ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था में चालू वित्त वर्ष में 9% की गिरावट आ सकती है। एजेंसी ने कहा है कि हालांकि ऊपर की ग्रोथ में जोखिम भी है, पर इसके लिए अभी भी हमें कुछ समय तक इंतजार करना होगा। यह इंतजार इसलिए कि कोविड इंफेक्शन स्थिर होता है या इसमें गिरावट आती है।

एशिया पैसिफिक रिपोर्ट में अनुमान

S&P ने एशिया पैसिफिक रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि भारत की GDP अगले वित्त वर्ष में 10% बढ़ सकती है। रिपोर्ट में कहा है कि हम वित्त वर्ष 2020-21 के लिए देश के विकास में 9% की गिरावट का अनुमान लगाते हैं। जबकि 2021-22 के दौरान इसमें 10% की विकास होगी। देश में तेजी से अर्थव्यवस्था में रिकवरी हो रही है और घरेलू खर्च भी बढ़ रहा है।

कोरोना अभी नियंत्रण में नहीं

एजेंसी ने कहा है कि अभी भी कोरोना देश में पूरी तरह से नियंत्रण में नहीं है। हमें इसके असर को देखने के लिए थोड़े और समय तक इंतजार करना होगा। हमें अपने अनुमानों को बदलने से पहले तीसरी तिमाही तक कोरोना और हाई फ्रिक्वेंसी वाली गतिविधियों के आंकड़ों पर नजर रखनी होगी। पिछले हफ्ते जारी किए गए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर में देश की अर्थव्यवस्था की विकास में 7.5% की गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि मैन्युफैक्चरिंग में सुधार हुआ था। इससे GDP में ज्यादा गिरावट को रोकने में मदद मिली।

पहली तिमाही में जीडीपी 23.9 पर्सेंट गिरी थी

पहली तिमाही में GDP में 23.9% की गिरावट दर्ज की गई थी। केंद्रीय बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अक्टूबर में अनुमान लगाया था कि देश की GDP चालू वित्त वर्ष में 9.5% गिर सकती है। हालांकि केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा था कि औद्योगिक सेक्टर लीडिंग है और इसका आउटपुट अब एक साल पहले की तुलना में ज्यादा है। ऐसा इसलिए क्योंकि कंज्यूमर गुड्स की मांग बढ़ रही है।

दूसरी तिमाही में रिकवरी हुई है

दूसरी तिमाही में खपत से ज्यादा तेजी से रिकवरी हुई है। ऐसा इसलिए क्योंकि जो प्रोजेक्ट फंसे हुए थे वे वापस चालू हो गए हैं। S&P का कहना है कि महंगाई दर में अब कमी आने की संभावना है। यह हाल में बहुत ही ज्यादा बढ़ गई थी। एजेंसी ने कहा है कि हमारा अनुमान है कि कंज्यूमर प्राइस महंगाई रिजर्व बैंक के अनुमानों के मध्य में है जो 2 से 6% है। इसमें एक ऐसा फैक्टर है जिससे कमी आ सकती है और वह खाद्य वितरण है।

S%P ने कहा कि आगे हमारे अनुमान में कोई ज्यादा फिस्कल ईजिंग का अनुमान नहीं है। एजेंसी ने कहा कि हमें लगता है कि 2021 से ब्याज दरें ऊपर की ओर जानी शुरू हो सकती हैं। RBI अब रेट में कटौती नहीं करेगा।