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बात टैक्स की:अब यूलिप या EPF में निवेश पर भी देना होगा टैक्स, बदल गए हैं इनकम टैक्स से जुड़े ये 7 नियम

नई दिल्ली4 महीने पहले
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1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू हो चुका है। वित्त वर्ष बदलने के साथ ही इनकम टैक्स से जुड़े कई नियमों में भी बदलाव हुआ है। इन बदलावों के तहत EPF में कर्मचारी के साल में 2.5 लाख रुपए से ज्‍यादा के कॉन्ट्रिब्‍यूशन पर मिलने वाले ब्‍याज पर टैक्‍स लगाया जाएगा। इसके अलावा अब ITR फाइल नहीं करने पर दोगुना TDS देना होगा। हम आपको ऐसे ही 7 बदलावों के बारे में बता रहे हैं।

EPF से मिलने वाले टैक्स पर टैक्स
बजट 2021-22 में एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स की घोषणा की गई थी। अब एक वित्त वर्ष में 2.5 लाख तक EPF में निवेश ही टैक्स फ्री होगा। उससे ज्यादा निवेश करने पर एडिशनल अमाउंट पर इंट्रेस्ट से होने वाली कमाई पर टैक्स लगेगा। मतलब अगर आपने 3 लाख रुपए सालाना जमा किया है तो 50 हजार पर ब्याज से जो कमाई होगी उस पर आपकी टैक्स स्लैब की दर से टैक्स लगेगा।

यूलिप पर देना होगा टैक्स
अब 2.5 लाख रुपए से ज्यादा के प्रीमियम वाले यूनिट लिंक्‍ड इंश्‍योरेंस प्‍लान (यूलिप) टैक्‍स छूट के लिए एलिजिबल नहीं होंगे। दूसरे शब्दों में कहें तो अगर साल में दो या इससे ज्यादा यूलिप के लिए सालाना प्रीमियम 2.5 लाख रुपये से ज्‍यादा है तो उनकी मैच्‍योरिटी की रकम टैक्‍स के दायरे में आएगी। नया नियम 1 फरवरी 2021 या इसके बाद जारी यूलिप पर लागू होगा।

प्री-फिल्ड ITR फॉर्म
कर्मचारियों की सहूलियत के लिए और इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रकिया को आसान बनाने के लिए इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स को अब प्री-फिल्ड ITR फॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ITR फाइल करना आसान हो जाएगा।

सुपर सीनियर सिटिजंस को ITR फाइल करने से छूट
75 साल से ज्यादा उम्र के नागरिकों को ITR फाइल नहीं करना होगा। यह छूट उन सीनियर सिटिजंस को दी गई है जो पेंशन या फिर फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज पर आश्रित हैं।

ITR फाइल नहीं करने पर दोगुना TDS
सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करने वालों के लिए नियम काफी सख्त किए हैं। इसके लिए सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट में सेक्शन 206AB जोड़ दिया है। इसके तहत अब ITR फाइल नहीं करने पर दोगुना TDS देना होगा। नए नियमों के मुताबिक, जिन लोगों ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है, उन पर टैक्स कलेक्शन ऐट सोर्स (TCS) भी ज्यादा लगेगा। नए नियमों के अनुसार 1 जुलाई 2021 से पीनल TDS और TCL दरें 10-20% होंगी जो कि आमतौर पर 5-10% होती हैं।

अब देरी से इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए मिलेगा केवल 1 मौका
अब बिलेटेड (देरी से) ITR फाइल करने के लिए आपको एक ही मौका मिलेगा। पहले डेडलाइन (अमूमन 31 जुलाई) खत्‍म होने के बाद लेकिन 31 दिसंबर तक ITR फाइल करने पर 5,000 रुपए लेट फाइलिंग फीस देनी होती थी। वहीं 1 जनवरी से 31 मार्च तक ऐसा करने पर 10,000 रुपए जुर्माना लगाया जाता था।

लेकिन अब 31 दिसंबर तक ही ITR फाइल करना होगा। यानी अब टैक्सपेयर को पिछले वित्त वर्ष का इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए चालू असेसमेंट ईयर में मार्च अंत तक का मौका नहीं मिलेगा। अब टैक्सपेयर केवल दिसंबर तक 5 हजार रुपए की लेट फीस के साथ रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। हालांकि, 5 लाख रुपए तक की आय वालों को 1 हजार रुपए की लेट फीस के साथ रिटर्न दाखिल करने का विकल्प मिलता रहेगा।

तीन साल पुराने टैक्स रिटर्न ही खुल सकेंगे
50 लाख से कम आय के कर चोरी मामलों में पुराने रिटर्न खोलने की समय सीमा को 6 साल से घटाकर 3 साल किया गया है। इसके साथ ही 50 लाख से अधिक टैक्स चोरी के सबूत सामने आने पर ही 10 साल पुराने रिटर्न खोले जा सकेंगे। इसके लिए भी प्रधान आयकर आयुक्त की अनुमति आवश्यक होगी।