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  • Income Tax Rebate Under 80C, 80D And 80 EEA; How To Save Income Tax? All You Need To Know

जानिए कैसे बचा सकते हैं टैक्स:सेक्शन 80C और 80D के अलावा कई अन्य तरीकों से भी ले सकते हैं टैक्स छूट का फायदा

नई दिल्ली8 महीने पहले
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साल 2020-21 के लिए इनकम टैक्स छूट पाने के लिए आपको 31 मार्च तक कुछ खास स्कीमों में निवेश करना होगा। ज्यादातर लोगों को टैक्स छूट पाने के लिए सेक्शन 80C और 80D की जानकारी तो रहती है, लेकिन इसके अलावा भी इनकम टैक्स एक्ट में ऐसे कई सेक्शन हैं, जिनकी मदद से आप इनकम टैक्स छूट पा सकते हैं। आज हम आपको इनके बारे में बता रहे हैं, ताकि आप ज्यादा से ज्यादा टैक्स बचा सकें।

80C से 1.5 लाख तक के निवेश पर बचा सकते हैं टैक्स
कई लोग वित्त वर्ष खत्म होने से पहले टैक्स बचाने के लिए निवेश करना शुरू करते हैं। सेक्शन 80C के तहत, आपकी कुल आय से 1.5 लाख रुपए की कटौती का दावा कर सकते हैं। आसान भाषा में इसे ऐसे समझें, आप धारा 80C के माध्यम से अपनी कुल कर योग्य आय से 1.50 लाख रुपए तक कम कर सकते हैं। टर्म इंश्योरेंस, 5 साल की FD और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना सहित अन्य योजनाओं में निवेश करने पर इसका फायदा ले सकते हैं।

हेल्थ इंश्योरेंस पर किए खर्च पर मिलेगी टैक्स छूट
सेक्शन 80D चिकित्सा खर्च पर कटौती के लिए है। इसके तहत खुद, परिवार और आश्रित माता-पिता के स्वास्थ्य के लिए भुगतान किए गए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर कर बचा सकता है। स्वयं / परिवार के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम के लिए धारा 80 D कटौती की सीमा 25 हजार रुपए है। वरिष्ठ नागरिक भुगतान किए गए प्रीमियम पर 50 हजार रुपए तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। इसके अलावा, 5 हजार रुपए की सीमा तक स्वास्थ्य जांच की भी अनुमति है और इसे समग्र सीमा में शामिल किया गया है।

80EEA के तहत होम लोन के ब्याज पर मिलेगी 1.5 लाख की छूट
सेक्शन 80EEA के तहत होम लोन के ब्याज पर 1.5 लाख रुपए की अतिरिक्त टैक्स छूट ली जा सकती है। हालांकि इसकी पहली शर्त है कि घर की स्टाम्प वैल्यू 45 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। होम लोन 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2022 के बीच लिया हो। इसके लिए कार्पेट एरिया 60 स्क्वॉयर मीटर या 645 स्क्वॉयर फीट से ज्यादा नहीं होना चाहिए। यह शर्त मेट्रो सिटीज के लिए है। अन्य शहरों के लिए कार्पेट एरिया अधिकमत 90 मीटर या 968 स्क्वॉयर फीट हो सकता है।

एजुकेशन लोन के ब्याज पर भी टैक्स छूट का फायदा
सेक्शन 80E एजुकेशन लोन पर ब्याज में कटौती प्रदान करता है। इस तरह की कटौती का दावा करने से जुड़ी महत्वपूर्ण शर्तें यह हैं कि लोन किसी व्यक्ति या उसके पति या बच्चों द्वारा हायर एजुकेशन (भारत या विदेश में) के लिए बैंक या वित्तीय संस्थान से लिया जाना चाहिए। कोई इस कटौती का दावा उस वर्ष से शुरू कर सकता है जिसमें ऋण चुकाना शुरू हो जाता है और अगले 7 सालों तक या लोन चुकाने से पहले, जो भी पहले हो।

होम लोन के ब्याज पर मिलती है टैक्स छूट
सेक्शन 80EE मकान मालिक को होम लोन EMI के ब्याज पर 50 हजार रुपए (धारा 24) की अतिरिक्त कटौती का दावा करने की अनुमति देता है। लेकिन इसकी शर्त ये है कि आपको लोन 35 लाख रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए और संपत्ति का मूल्य 50 लाख रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, किसी व्यक्ति के पास लोन स्वीकृत होने के समय उसके नाम पर पंजीकृत कोई अन्य संपत्ति नहीं होनी चाहिए।

किराए के घर में रहते है तो भी मिलेगी टैक्स छूट
अगर आपको हाउस रेंट अलाउंस (HRA) नहीं मिलता है लेकिन आप किराये के मकान में रहते हैं, तब भी आयकर अधिनियम, 1961 के धारा 80GG के अंतर्गत आपको दिए हुए किराये पर टैक्स छूट मिल सकती है। सेक्शन 80GG के अंतर्गत सालाना 60,000 रु. ( 5,000 रु. प्रति महीना) की अधिकतम छूट की अनुमति है। आपको इस धारा का लाभ नहीं मिल सकता है अगर आपके (या आपकी बीवी/बच्चे) के पास खुद का घर है। इस धारा के फायदे का दावा करने के लिए, आपको 10BA फॉर्म भरना होगा।

इलाज पर खर्च किया तो 80DDB बचाएगा टैक्स
सेक्शन 80DDB के तहत अपने किसी आश्रित की गंभीर और लंबी बीमारी के इलाज में खर्च की गई रकम पर आय कर कटौती मिलती है। कोई आय कर दाता अपने माता-पिता, बच्चे, आश्रित भाई-बहनों और पत्नी के इलाज में खर्च की गई रकम की कटौती के लिए दावा कर सकता है। इनमें कैंसर, हीमोफीलिया, थैलीसीमिया और एड्स आदि बीमारियां शामिल हैं। आम तौर पर यह कटौती 40 हजार रुपए होती है। वरिष्ठ नागरिकों के मामले में यह कटौती 1 लाख रुपए तक हो सकती है। इसके लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरी है।

80CCD (1B) दिलाएगा 50 हजार का फायदा
अगर आपने नेशनल पेंशन स्कीम का लाभ ले रखा है तो आप सेक्शन 80CCD (1B) के तहत 50 हजार तक इनकम टैक्स का लाभ ले सकते हैं। इस तरह सेक्शन 80CCD (1B) और 80C मिलाकर आप कुल 2 लाख रुपए तक टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं।

80DD के तहत विकलांग व्यक्ति के इलाज के खर्च पर भी मिलेगी टैक्स छूट
यदि किसी विकलांग (डिसेबल) व्यक्ति के इलाज पर आप खर्चा कर रहे हैं तो इस सेक्शन के तहत कर छूट पा सकते हैं। विकलांग व्यक्ति में माता-पिता, पत्नी, बच्चे, भाई और बहन हो सकते हैं, जो संबंधित व्यक्ति पर डिपेंडेंट हों। हिंदु अनडिवाइडेड फैमिली (HUF) केस में फैमिली का कोई भी व्यक्ति हो सकता है। अगर निर्भर रिश्तेदार 40% या इससे ज्यादा लेकिन 80% से कम विकलांग है तो आयकर में 75 हजार रुपए तक की छूट ले सकते हैं। अगर रिश्तेदार गंभीर रूप से विकलांग है यानी 80% से ज्यादा तो टैक्स डिडक्शन 1.25 लाख रुपए रहेगा। इस क्लेम के लिए किसी मान्य मेडिकल अथॉरिटी से डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट जरूरी होगा।