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  • Income Tax Department Issued Tax Refund To .48 Crore Taxpayers From 1st April 2021 To 3rd January 2021

टैक्स की बात:इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 1 अप्रैल 2021 से 3 जनवरी 2021 तक 1.48 करोड़ करदाताओं को जारी किया टैक्स रिफंड

नई दिल्ली7 महीने पहले
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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अनुसार 1 अप्रैल 2021 से 3 जनवरी 2022 के दौरान 1.48 करोड़ करदाताओं को 1,50,407 करोड़ रुपए का रिफंड दिया है। इसमें से 51,194 करोड़ रुपए का रिफंड पर्सनल इनकम टैक्स रिफंड के रूप में 1.46 करोड़ करदाताओं को दिया है। वहीं 2.19 लाख करदाताओं को 99,213 करोड़ रुपए का कॉर्पोरेट टैक्स रिफंड दिया है।

इस तरह चेक कर सकते हैं अपने रिफंड का स्टेटस

  • करदाता tin.tin.nsdl.com पर जा सकते हैं।
  • रिफंड स्टेटस पता लगाने के लिए यहां दो जानकारी भरने की जरूरत है – पैन नंबर और जिस साल का रिफंड बाकी है वह साल भरिए।
  • अब आपको नीचे दिए गए कैप्चा कोड को भरना होगा।
  • इसके बाद Proceed पर क्लिक करते ही स्टेटस आ जाएगा।

नए इनकम टैक्स पोर्टल पर ऐसे चेक करें

  • इनकम टैक्स की वेबसाइट www.incometax.gov.in पर जाएं और अपने पैन को यूजर आईडी और पासवर्ड को डालकर अकाउंट में लॉगइन करें।
  • लॉग इन करने के बाद ई-फाइल ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • ई-फाइल ऑप्शन के तहत, इनकम टैक्स रिटर्न्स को सिलेक्ट करें और फिर व्यू फाइल्ड रिटर्न्स ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद अपने द्वारा फाइल किए गए लेटेस्ट ITR को चेक करें। व्यू डिटेल्स ऑप्शन को सिलेक्ट करें। एक बार सिलेक्ट करने के बाद, आपको फाइल किए गए ITR का स्टेटस दिखेगा।
  • इसमें आपको टैक्स रिफंड को जारी करने की तारीख, रिफंड की गई राशि और इस साल के लिए बकाया किसी रिफंड की क्लियरेंस की तारीख भी दिखेगी।

टैक्स रिफंड क्लेम करने के लिए ITR भरना जरूरी
आपको अगर टैक्स रिफंड क्लेम करना है तो इसके लिए ITR दाखिल करना और इसे वैरिफाई करना जरूरी होता है। आप जब ITR दाखिल करते हैं तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उसका एसेसमेंट करता है। अगर आपका रिफंड बनता है तो वह सीधे बैंक अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाता है।

क्या होता है रिफंड?
कंपनी अपने कर्मचारियों को सालभर वेतन देने के दौरान उसके वेतन में से टैक्स का अनुमानित हिस्सा काटकर पहले ही सरकार के खाते में जमा कर देती है। कर्मचारी साल के आखिर में इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं, जिसमें वे बताते हैं कि टैक्स के रूप में उनकी तरफ से कितनी देनदारी है। यदि वास्तविक देनदारी पहले काट लिए गए टैक्स की रकम से कम है, तो शेष राशि रिफंड के रूप में कर्मचारी को मिलती है।