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फंड इंडस्ट्री की साइज 32.40 लाख करोड़ हुई:ICICI प्रूडेंशियल दूसरा सबसे बड़ा फंड हाउस बना, HDFC म्यूचुअल फंड को पीछे छोड़ा

मुंबईएक महीने पहले
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म्यूचुअल फंड के पास अप्रैल में कुल 92,900 करोड़ रुपए आए थे। इसमें से लिक्विड फंड में 41,500 करोड़ रुपए आए थे जबकि ओवरनाइट फंड में 18,500 करोड़ रुपए आए थे - Money Bhaskar
म्यूचुअल फंड के पास अप्रैल में कुल 92,900 करोड़ रुपए आए थे। इसमें से लिक्विड फंड में 41,500 करोड़ रुपए आए थे जबकि ओवरनाइट फंड में 18,500 करोड़ रुपए आए थे
  • फंड इंडस्ट्री में अप्रैल में 8,591 करोड़ रुपए एसआईपी के तहत आया है
  • मार्च में अब तक का सबसे ज्यादा पैसा एसआईपी से आया था जो 9,182 करोड़ था

देश की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने दूसरा स्थान हासिल किया है। इसने HDFC म्यूचुअल फंड को पीछे छोड़ा है। अप्रैल महीने में HDFC म्यूचुअल फंड का असेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM 4.07 लाख करोड़ रुपए रहा है जबकि ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड का AUM 4.13 लाख करोड़ रुपए रहा है।

HDFC म्यूचुअल फंड अब तीसरे नंबर पर

आंकड़ों के मुताबिक, HDFC म्यूचुअल फंड अब तीसरे नंबर पर हो गया है। जबकि एसबीआई म्यूचुअल फंड पहले नंबर पर है। इसका AUM 5.11 लाख करोड़ रुपए रहा है। यह पहला फंड हाउस है जो 5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा वाला फंड है। मार्च में देखा जाए तो HDFC म्यूचुअल फंड का AUM 1,000 करोड़ रुपए ज्यादा था। जबकि अब ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल ने उसे 5 हजार 500 करोड़ रुपए से पीछे छोड़ दिया है।

1 साल में सभी स्कीम का बेहतर प्रदर्शन

पिछले 1 साल से इक्विटी, डेट और हाइब्रिड जैसी स्कीम में ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड का बेहतर प्रदर्शन रहा है। इक्विटी में जो भी इसने फैसला लिया है वह वैल्यू को ध्यान में रखते हुए लिया है। इस फंड हाउस ने 1 साल में निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिया है। अगर डेट की बात की जाए तो इसने क्रेडिट से संबंधित कभी भी पेमेंट डिफॉल्ट नहीं किया है। न ही कभी पेमेंट में देरी की है। साथ ही यह एए और एएए रेटिंग वाले पेपर्स पर ही फोकस कर रहा है। इससे यह डेट निवेशकों को पॉजिटिव रिटर्न देने में सक्षम रहता है।

असेट अलोकेशन पर फोकस

बात जब हाइब्रिड फंड की आती है तो यह फंड हाउस लगातार असेट अलोकेशन पर फोकस करता है। क्योंकि बाजार कभी भी उतार-चढ़ाव में रह सकता है। असेट अलोकेशन से निवेशकों को यह फायदा होता है कि जब बाजार ऊपर होता है तो उसमें निवेश कम हो जाता है और जब बाजार नीचे होता है तो उसमें निवेश ज्यादा हो जाता है। इससे एक बेहतर रिटर्न निवेशकों को मिलता है।

86 पर्सेंट तक का रिटर्न

इसकी असेट्स में ज्यादा बढ़तर ड्यूरेशन डेट और इक्विटी हाइब्रिड में हुआ है। इसकी कुछ स्कीम ने तो एक साल में 86 पर्सेंट तक का रिटर्न दिया है। साथ ही बेंचमार्क को पीछे छोड़ा है। इसके पास संकरन नरेन जैसे निवेश के चर्चित चेहरे हैं जिनका फैसला लगातार निवेशकों के पक्ष में होता है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में संकरन नरेन निवेश के मामले में बेहतरीन फंड मैनेजर माने जाते हैं।

चौथे नंबर पर बिरला फंड हाउस

देश की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में चौथे नंबर पर आदित्य बिरला है जिसका एयूएम 2.72 लाख करोड़ रुपए रहा है। जबकि पांचवें पर कोटक म्यूचुअल फंड है। इसका एयूएम 2.42 लाख करोड़ रुपए, छठें पर निप्पोन लाइफ है जिसका 2.35 लाख करोड़ रुपए AUM है। सातवें पर एक्सिस म्यूचुअल फंड है। इसका AUM 1.99 लाख करोड़ रुपए है। आठवें पर यूटीआई है जो 1.82 लाख करोड़ रुपए है।

फंड इंडस्ट्री का AUM 32.40 लाख करोड़

उधर एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया यानी एंफी ने मंगलवार को आंकड़े जारी किए। इसने कहा कि देश में पूरी फंड इंडस्ट्री की साइज 32.4 लाख करोड़ रुपए की हो गई है। यानी AUM 32.4 लाख करोड़ अप्रैल में रहा है। इस दौरान अप्रैल में 8,591 करोड़ रुपए सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के तहत आया है। एसआईपी का मतलब हर महीने में एक तय रकम का निवेश करने से होता है। मार्च में अब तक का सबसे ज्यादा पैसा एसआईपी से आया था जो 9,182 करोड़ रुपए रहा था। फरवरी में यह 7,528 करोड़ रुपए था।

म्यूचुअल फंड के पास अप्रैल में कुल 92,900 करोड़ रुपए आए थे। इसमें से लिक्विड फंड में 41,500 करोड़ रुपए आए थे जबकि ओवरनाइट फंड में 18,500 करोड़ रुपए आए थे। मनी मार्केट में 20 हजार 300 करोड़ रुपए आए थे। हालांकि इक्विटी में से 1700 करोड़ रुपए निकाल लिए गए हैं।