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भास्कर एक्सप्लेनर:कोरोना के कारण केवल 4 घंटे खुलेंगे सभी सरकारी-प्राइवेट बैंक, इस दौरान सिर्फ 4 जरूरी सेवाएं ही मिलेंगी

नई दिल्ली3 महीने पहले
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  • इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने जारी की गाइडलाइन
  • ऑनलाइन बैंकिंग में किसी प्रकार का बदलाव नहीं

देश में कोरोना संक्रमण के केसों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसको देखते हुए बैंकों के संगठन इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही बैंक खोलने की सलाह दी है। यानी अब बैंक आम जनता के कामकाज के लिए केवल 4 घंटे ही खुलेंगे। इस संबंध में IBA ने सभी राज्य स्तरीय बैंकिंग कमेटी को गाइडलाइंस भेजकर पालन करने को कहा है। कोरोना की स्थिति सामान्य होने तक यह व्यवस्था लागू रहेगी। आइए जानते हैं कि IBA की गाइडलाइंस क्या कहती हैं और इसका आप पर क्या असर होगा...

क्या कहती हैं IBA की गाइडलाइंस?

  • सभी बैंक सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक खोले जाएं।
  • बैंकिंग कार्यकाल के दौरान चार सिर्फ चार प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसमें नकद जमा, नकद निकासी, चेकों की क्लियरिंग, रेमिटेंस और सरकारी लेन-लेन शामिल हैं।
  • सभी बैंक हर हाल में शाम 4 बजे तक बंद हो जाएं।
  • कोरोना के दौरान केवल 50% कर्मचारियों को बैंक बुलाया जाए। अन्य कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम कराया जाए।
  • बैंकों में कर्मचारी रोटेशन के आधार पर बुलाए जाएं।
  • सभी राज्यस्तरीय कमेटियां स्थिति पर नजर रखेंगी और परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त सेवाओं पर फैसला करेंगी।
  • यदि जिला प्रशासन बैंकिंग सेवाओं को लेकर कोई फैसला करता है तो वह मान्य होगा।

किन-किन बैंकों का समय बदलेगा

  • देश की सभी सरकारी, प्राइवेट, स्मॉल फाइनेंस बैंक, विदेशी बैंक, डेवलपमेंट फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट और को-ऑपरेटिव सेक्टर की बैंक, IBA की सदस्य हैं।
  • इन सभी बैंकों को IBA की गाइडलाइंस का पालन करते हुए अपने बैंकिंग के समय में बदलाव करना होगा।
  • उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों ने IBA की गाइडलाइंस का पालन करते हुए बैंकों के समय में कटौती कर दी है।

समय घटने से बैंकिंग पर क्या असर होगा?

IBA की गाइडलाइंस के अनुसार, अभी बैंकों में केवल नकद जमा-निकासी, चेकों की क्लियरिंग सरकारी लेन-लेन जैसे कामकाज होंगे। वॉयस ऑफ बैंकिंग के फाउंडर अश्वनी राणा का कहना है कि बैंकों में कामकाज का समय घटने से बैंकिंग पर ज्यादा असर नहीं होगा। इसका कारण यह है कि अधिकांश बैंकिंग सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। आज बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन माध्यम के जरिए घर बैठे बैंकिंग सेवाएं ले रहे हैं। अश्वनी राणा का कहना है कि महामारी के इस संकट में आम लोगों को भी सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग केवल जरूरी काम के लिए ही बैंक जाएं। राणा के मुताबिक, अधिकांश लोग बैंक में नकद जमा या निकासी करने जाते हैं। यह सुविधा घर के नजदीक ATM पर भी उपलब्ध है। इससे ग्राहक और बैंक कर्मचारी दोनों सुरक्षित रहेंगे।

कौन-कौन सी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं?

कोरोना को देखते हुए सभी बैंकों ने अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को बेहतर किया है। आज बैंकों की अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इसमें किसी भी प्रकार का पेमेंट, कैश ट्रांसफर, लोन के लिए आवेदन, फिक्स्ड डिपॉजिट-रिकरिंग डिपॉजिट की बुकिंग या भुगतान, किसी भी प्रकार के लोन की किस्त का भुगतान जैसी सेवाएं शामिल हैं।

क्या लोन लेने में दिक्कत होगी?

अश्वनी राणा का कहना है कि बैंकों का समय घटने से लोगों को लोन लेने में कोई समस्या नहीं होगी। आज अधिकांश बैंक लोन आवेदन ऑनलाइन स्वीकार कर रहे हैं। लोन की अधिकांश प्रक्रिया ऑनलाइन ही पूरी हो जाती है। कुछ खास परिस्थितियों में आवेदक से व्यक्तिगत रूप से मिलने की आवश्यकता होती है। ऐसी स्थिति में आवेदक को समय देकर बैंक बुलाया जाता है और सुरक्षित माहौल में पूरी प्रक्रिया निपटाई जाती है। कई प्राइवेट बैंक आवेदक के घर जाकर लोन की प्रक्रिया पूरी कर लेते हैं।

पिछले साल लॉकडाउन के दौरान क्या-क्या बदलाव हुए थे?

पिछले साल कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए 25 मार्च से देशव्यापी लॉकडाउन लगाया गया था। इस दौरान बैंकों को कामकाज की अनुमति दी गई थी। हालांकि, बैंकों में काम के समय में कटौती की गई थी। लॉकडाउन के दौरान केवल 50% कर्मचारियों को ही बैंक बुलाया गया था। इस बार की तरह पिछली बार भी नकद जमा-निकासी, चेक क्लियरिंग और सरकारी लेन-देन जैसा जरूरी कामकाज हुआ था।

बैंक यूनियन भी कर रही थीं समय घटाने की मांग

कोरोना संक्रमण में बढ़ोतरी को देखते हुए बैंक यूनियन भी लंबे समय से बैंकों का समय घटाने की मांग कर रही थीं। अपनी मांगों को लेकर ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयीज एसोसिएशन ने 1 फरवरी को वित्त मंत्रालय को पत्र भी भेजा था। इस पत्र में बैंकों कर्मचारियों का प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन कराने की मांग भी की गई थी। अश्वनी राणा का कहना है कि बैंक कर्मचारियों को भी कोरोना वॉरियर घोषित किया जाए। साथ ही अन्य कोरोना वॉरियर्स को मिलने वाले लाभ भी बैंक कर्मचारियों को दिए जाएं। बैंक यूनियन के मुताबिक, अब तक सरकारी बैंक, प्राइवेट बैंक, विदेशी बैंक, पेमेंट बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक के करीब 600 कर्मचारी कोरोना के कारण अपनी जान गवां चुके हैं।

देश में कोरोना महामारी आंकड़ों में

  • बीते 24 घंटे में कुल नए केस आए: 3.32 लाख
  • बीते 24 घंटे में कुल मौत: 2,256
  • बीते 24 घंटे में कुल ठीक हुए: 1.98 लाख
  • अब तक कुल संक्रमित हो चुके: 1.62 करोड़
  • अब तक ठीक हुए: 1.36 करोड़
  • अब तक कुल मौत: 1.86 लाख
  • अभी इलाज करा रहे मरीजों की कुल संख्या: 24.22 लाख
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