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प्रतिबंधों से घटेगा रोजगार:लॉकडाउन-कर्फ्यू ना लगे तो 7% तक बढ़ सकती हैं हायरिंग गतिविधियां, हेल्थकेयर-आईटी सेक्टर में ज्यादा डिमांड

नई दिल्लीएक महीने पहले
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  • 21 सेक्टर्स की 712 कंपनियों पर किए गए सर्वे में दावा
  • प्रतिबंधों से एम्प्लॉयमेंट की ग्रोथ पर नेगेटिव असर पड़ेगा

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन और कर्फ्यू जैसे उपाय अपनाए जा रहे हैं। इनका आर्थिक और कारोबारी गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। टीमलीज की एम्प्लॉयमेंट आउटलुक रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि पिछले तीन महीने जैसे लॉकडाउन और वर्कप्लेस ऑपरेटिंग रूल्स (काम करने संबंधी नियम) लागू ना किए जाएं तो अप्रैल-जून तिमाही में हायरिंग गतिविधियों में 7% की ग्रोथ आ सकती है।

इस सेक्टर्स से आ रही डिमांड

रिपोर्ट में कहा गया है कि हेल्थकेयर, फार्मास्यूटिकल्स, एजुकेशनल सर्विसेज, ई-कॉमर्स एंड टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स और आईटी सेक्टर से हायरिंग की डिमांड आ रही है। वास्तव में, 21 सेक्टर्स में से 8 सेक्टर्स में चालू तिमाही में 9-11% तक हायरिंग बढ़ सकती है। टीमलीज की को-फाउंडर और एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट रितुपर्णा चक्रबर्ती का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अपनी खोई हुई जमीन वापस पा रही है। यही ट्रेंड हायरिंग सेक्टर में दिख रहा है। IMF, OECD या फिच ने पॉजिटिव संकेत दिया है और इससे कारोबारी सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है। हायरिंग की इच्छा भी बढ़ी है। यदि हम लॉकडाउन का सहारा लेते हैं तो इससे हायरिंग पटरी से उतर जाएगी और रिकवरी में देरी होगी।

लॉकडाउन से एम्प्लॉयमेंट पर नेगेटिव असर पड़ेगा

रितुपर्णा चक्रवर्ती का कहना है कि लॉकडाउन जैसे उपायों से एम्प्लॉयमेंट की ग्रोथ पर नेगेटिव असर पड़ेगा। उनका कहना है कि यदि हम लॉकडाउन के बजाए दूसरे उपाय अपनाएं तो कारोबार और हायरिंग को लेकर आशा बरकरार रहेगी। चक्रवर्ती के मुताबिक, हायरिंग की इच्छा जनवरी-मार्च के 27 पॉइंट के मुकाबले चालू तिमाही में 34 पॉइंट पर पहुंच सकती है। यह रिपोर्ट 21 सेक्टर्स की 712 स्मॉल, मीडियम और लार्ज कंपनियों के बीच सर्वे के आधार पर तैयार की गई है।

हेल्थकेयर और फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर में हायरिंग की ज्यादा इच्छा

रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि हेल्थकेयर, फार्मास्यूटिकल्स, एजुकेशनल सर्विसेज, ई-कॉमर्स एंड टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर अपने टैलेंट पूल को बढ़ावा देना चाहते हैं। हेल्थकेयर एंड फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर्स की 58% कंपनियां जनवरी-मार्च के मुकाबले 11% ज्यादा हायरिंग करना चाहती हैं। 55% एजुकेशनल सर्विसेज कंपनियां, 51% ई-कॉमर्स एंड टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स और 50% आईटी कंपनियों ने हायरिंग की इच्छा जताई है।

इन सेक्टर्स में धीमी हायरिंग

रिपोर्ट के मुताबिक, ओवरऑल पॉजिटिव सेंटिमेंट के बावजूद पावर एंड एनर्जी, BPO/ITeS, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट, कंसलटिंग, मार्केटिंग एंड एडवरटाइजिंग, ट्रेवल एंड हॉस्पिटैलिटी सेक्टर हायरिंग के लिए ज्यादा समय ले सकते हैं। मेट्रो और टियर-1 शहरों में स्थित कंपनियां ज्यादा हायरिंग करना चाहती हैं। हालांकि, टियर-3 शहर भी ज्यादा पीछे नहीं हैं।

मार्च में भर्ती संबंधी गतिविधियों में 2% की गिरावट

मॉनस्टर डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी के मुकाबले मार्च 2021 में भर्ती संबंधी गतिविधियों में 2% की गिरावट रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकिंग/फाइनेंशियल सर्विसेज, इंश्योरेंस, प्रोडक्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स में कम जॉब पोस्टिंग के कारण गतिविधियों में गिरावट आई है। बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में हायरिंग डिमांड में पिछले साल के मुकाबले इस साल पॉजिटिव आउटलुक रहा है।