पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Business News
  • Gst Collocation ; Gst ; GST ; Gross GST Revenue Stood At 1.67 Lakh Crore In March 2022, 20% Higher Than Last Year

GST कलेक्शन का नया रिकॉर्ड:अप्रैल में सरकार को 1.67 लाख करोड़ की कमाई, यह पिछले साल से 20% ज्यादा

नई दिल्ली2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

भारत ने ग्रॉस GST कलेक्शन में नया रिकॉर्ड बनाया है। अप्रैल 2022 में ग्रॉस GST रेवेन्यू 1,67,540 करोड़ रुपए रहा। इसमें CGST 33,159 करोड़ रुपए, SGST 41,793 करोड़ रुपए, IGST 81,939 करोड़ रुपए और सेस 10,649 करोड़ रुपए है। इससे पहले मार्च में GST कलेक्शन 1,42,095 करोड़ रुपए रहा था।

अप्रैल 2021 की बात करें तो तब 1,39,708 करोड़ का GST कलेक्शन हुआ था। यानी सालाना आधार पर GST कलेक्शन में 20% बढ़ोतरी हुई है।

पहली बार 1.5 लाख करोड़ से ज्यादा का GST कलेक्शन
ऐसा पहली बार हुआ है जब GST कलेक्शन 1.5 लाख करोड़ रुपए से ऊपर निकला है। इससे पहले मार्च में GST कलेक्शन 1,42,095 करोड़ रुपए रहा था, जो इससे पहले किसी भी महीने का सबसे ज्यादा में GST कलेक्शन था।

GST कलेक्शन में ये राज्य रहे सबसे अव्वल
अप्रैल में GST कलेक्शन के लिहाज से टॉप-5 राज्यों में महाराष्ट्र सबसे ऊपर है। अप्रैल 2022 में महाराष्ट्र में GST कलेक्शन पिछले साल की तुलना में 35% बढ़कर 27 हजार 495 करोड़ रुपए रहा ,जो पिछले साल 22 हजार 13 करोड़ रुपए रहा था। लिस्ट में कर्नाटक और गुजरात दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं।

GST कलेक्शन के लिहाज से टॉप 5 राज्य

राज्यअप्रैल 2021अप्रैल 2022बढ़त
महाराष्ट्र22,01327,49525%
कर्नाटक9,95511,82019%
गुजरात9,63211,26417%
तमिलनाडु8,849,72410%
उत्तर प्रदेश7,3558,53416%

महंगाई का GST के साथ कनेक्शन
अगर महंगाई और GST कलेक्शन के बीच कनेक्शन की बात करें तो जिस महीने में थोक महंगाई (WPI) बढ़ी है उस महीने GST कलेक्शन भी बढ़ा है। मार्च 2022 में GST कलेक्शन ने नया रिकॉर्ड बनाया था। तब WPI भी 14.55% रही थी। ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि जब किसी चीज की कीमत बढ़ती है तो उस पर लगने वाला टैक्स भी बढ़ जाता है।

मान लीजिए सीमेंट की एक बोरी की कीमत मार्च में 300 रुपए प्रति बोरी है तो इस पर 28% GST के हिसाब से 84 रुपए टैक्स लगेगा। वहीं अप्रैल में इसकी कीमत 320 रुपए पर पहुंच जाती है। तक इस पर 90 रुपए टैक्स लगेगा। इससे साफ है कि महंगाई बढ़ने से GST कलेक्शन भी बढ़ता है। हालांकि मांग में कमी आने पर GST कलेक्शन में भी कमी आ सकती है।

आप भी भरते हैं GST
किसी भी तरह से आप कोई भी लेन-देन करेंगे आपको GST का पेमेंट करना होगा। इसी तरह से अगर आप बिजनेस करते हैं तो आप सामने वाले ग्राहक को बिल में GST जोड़ कर देते हैं और इसके साथ ही ग्राहक आपको पैसे देता है। फिर उसमें से जो GST का हिस्सा है वह आपको अगले महीने की 20 तारीख तक जमा कराना होता है। देश में GST के अलग-अलग टैक्स स्लैब हैं।

GST के 4 स्लैब
GST में 5, 12, 18 और 28% के चार स्लैब हैं। हालांकि, गोल्ड और गोल्ड ज्वेलरी पर 3% टैक्स लगता है। कुछ अनब्रांडेड और अनपैक्ड प्रोडक्ट ऐसे भी है जिनपर GST नहीं लगता।

खबरें और भी हैं...