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व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी:पुराने वाहन को स्क्रैप कर नया खरीदने पर रजिस्ट्रेशन फीस नहीं देनी होगी, रोड टैक्स में 25% की छूट मिलेगी

नई दिल्ली3 महीने पहले
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  • ऑटो कंपनियों से ग्राहकों को डिस्काउंट देने की अपील करेगी सरकार

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी को लेकर बयान दिया। इस पॉलिसी में पुराने वाहन को स्क्रैप कर नया वाहन खरीदने वालों को कई तरह की टैक्स छूट और इन्सेन्टिव का प्रस्ताव किया गया है। साथ ही पुराने वाहनों को सड़कों से हटाने के लिए कई प्रोविजन किए गए हैं।

वाहन मालिकों को कौन-कौन से फायदे मिलेंगे?

  • पुराने वाहन को स्क्रैप करने पर वाहन मालिकों को एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
  • इस सर्टिफिकेट को दिखाकर नया वाहन खरीदने पर 5% की छूट मिलेगी। यह छूट ऑटो कंपनियां देंगी।
  • नया वाहन खरीदने वालों को रजिस्ट्रेशन फीस नहीं देनी होगी।
  • नया पर्सनल व्हीकल खरीदने पर रोड टैक्स में 25% की छूट मिलेगी।
  • कमर्शियल व्हीकल खरीदने वालों को रोड टैक्स में 15% की छूट मिलेगी।

पुराने वाहनों की वैल्यू की कैल्कुलेशन कैसे होगी?
व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी पेश करते हुए गडकरी ने कहा कि इसके जरिए ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को फेज-वाइज तरीके से बाहर करने के लिए ईको-सिस्टम बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्क्रैप किए जाने वाले वाहन की वैल्यू नए वाहन की एक्स-शोरूम कीमत के आधार पर होगी। स्क्रैप किए जाने वाले वाहन की वैल्यू एक्स-शोरूम प्राइस की 4-6% हो सकती है।

फिटनेस के आधार पर स्क्रैप किए जाएंगे वाहन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शुरुआत में कमर्शियल वाहनों को ऑटोमेटिड फिटनेस टेस्ट के आधार पर पर स्क्रैप किया जाएगा। जबकि प्राइवेट व्हीकल्स को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं कराने के आधार पर स्क्रैप किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मापदंड जर्मनी, ब्रिटेन, अमेरिका और जापान जैसे देशों के आधार पर तय किए गए हैं।

फिटनेस टेस्ट पास न करने वाले वाहनों का क्या होगा?
प्रस्तावित पॉलिसी के मुताबिक, ऐसी गाड़ियां जो फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाएंगी या जिनका दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, उनको 'एंड ऑफ लाइफ व्हीकल' घोषित किया जाएगा। यानी ऐसी गाड़ियों को सड़क पर नहीं चलाया जा सकेगा। पॉलिसी में 15 साल पुराने कमर्शियल वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट पाने में विफल रहने पर डी-रजिस्टर करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों को फिटनेस टेस्ट कराने के लिए भी ज्यादा टैक्स देना होगा।

क्या प्राइवेट वाहन भी डी-रजिस्टर होंगे?
पॉलिसी के मुताबिक, 20 साल पुराने ऐसे वाहन जो फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाएंगे या दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाएंगे, उनको डी-रजिस्टर किया जाएगा। यानी उनका पहले का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से खत्म किया जाएगा, ताकि वे सड़क पर चलने योग्य ना रहें। इसके अलावा 15 साल पुराने प्राइवेट वाहनों को दोबारा रजिस्टर्ड कराने के लिए ज्यादा पैसा देना होगा।

कब से लागू होंगे नए नियम?

  • फिटनेस टेस्ट और स्क्रैपिंग सेंटर से जुड़े नियम 1 अक्टूबर 2021 से लागू होंगे।
  • सरकारी और PSU से जुड़े 15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप करने वाले नियम 1 अप्रैल 2022 से लागू होंगे।
  • कमर्शियल व्हीकल्स के लिए जरूरी फिटनेस टेस्टिंग से जुड़े नियम 1 अप्रैल 2023 से लागू होंगे।
  • अन्य वाहनों के लिए जरूरी फिटनेस टेस्टिंग से जुड़े नियम 1 जून 2024 से फेज-वाइज लागू होंगे।

पांच साल में ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का सबसे बड़े हब बनेगा भारत
लोकसभा में बोलते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि इस पॉलिसी से भारत अगले पांच साल में ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का सबसे बड़ा हब बनेगा। उन्होंने कहा कि अगले 1 साल में 100% लिथियम ऑयन बैटरी बनेंगी। अगले 2 साल में इलेक्ट्रिक 2W/4W की कीमत पेट्रोल-वर्जन वाली 2W/4W के बराबर होगी। नितिन गडकरी ने कहा कि इस पॉलिसी से स्क्रैपिंग सेंटर, OEM, ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री को फायदा मिलेगा। प्लास्टिक, कॉपर, एल्युमीनियम स्टील की रीसाइक्लिंग होने से लागत में कमी आएगी। इस पॉलिसी से ऑटोमोबाइल कंपोनेंट में आने वाले खर्च में भी 40% की कमी आ सकती है।

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