पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX57684.791.09 %
  • NIFTY17166.91.08 %
  • GOLD(MCX 10 GM)47590-0.92 %
  • SILVER(MCX 1 KG)61821-0.24 %
  • Business News
  • Gold May Pick Up Due To Festive And Marriage Season After Pitrupaksha May Give 10 Pc Return Till Diwali

निवेश का अवसर:पितृपक्ष के बाद फेस्टिव और मैरेज सीजन के कारण गोल्ड में आ सकती है तेजी, दिवाली तक करीब 10% रिटर्न मिलने की पूरी संभावना

नई दिल्ली (संजय कुमार साह)एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
1-17 सितंबर तक चलने वाले पितृपक्ष और उसके बाद फेस्टिव सीजन पूरे एक महीने की देरी से शुरू होने के कारण भी गोल्ड के प्राइस में गिरावट आई है - Money Bhaskar
1-17 सितंबर तक चलने वाले पितृपक्ष और उसके बाद फेस्टिव सीजन पूरे एक महीने की देरी से शुरू होने के कारण भी गोल्ड के प्राइस में गिरावट आई है
  • ईटीएफ में निवेश करना सॉवरेन गोल्ड बांड से बेहतर विकल्प होगा
  • दिवाली-क्रिसमस तक गोल्ड 56,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है
  • सिल्वर 80,000 रुपए प्रति किलोग्राम तक जाकर करीब 15% रिटर्न दे सकता है

गोल्ड और सिल्वर में हाल में आई गिरावट का एक बड़ा कारण पितृपक्ष भी है। इसके बाद फेस्टिव और मैरेज सीजन के कारण गोल्ड और सिल्वर में फिर से तेजी आ सकती है। जानकारों के मुताबिक दिवाली-क्रिसमस तक गोल्ड से करीब 10 फीसदी और सिल्वर से करीब 15 फीसदी तक का रिटर्न मिलने की पूरी संभावना है।

एंजल ब्रोकिंग में कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि छोटी अवधि में बेहतर रिटर्न मिलने की मजबूत संभावना के कारण इस बार एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) गोल्ड में निवेश करने के लिए सॉवरेन गोल्ड बांड से बेहतर विकल्प है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 5 अक्टूबर को मैच्योर होने वाला गोल्ड कांट्रैक्ट शुक्रवार को 51,399 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं, 4 सितंबर को मैच्योर होने वाला सिल्वर कांट्रैक्ट 66,149 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।

पितृ पक्ष के कारण भी गिरा गोल्ड और सिल्वर

गुप्ता ने बताया कि अन्य बातों के अलावा पितृपक्ष के कारण भी गोल्ड और सिल्वर में गिरावट आई है। पितृपक्ष पहली सितंबर से शुरू होगा और 17 सितंबर तक चलेगा। भारत में इस दौरान प्रीसियस मेटल खरीदना शुभ नहीं माना जाता है।

फेस्टिव सीजन देर से शुरू होने का भी गिरावट में योगदान

पितृपक्ष के बाद इस बार फेस्टिव सीजन पूरे एक महीने की देरी से शुरू हो रहा है। पितृपक्ष 17 सितंबर को खत्म होगा और नवरात्रि की शुरुआत 17 अक्टूबर से होगी। इसलिए पितृपक्ष के बाद गोल्ड और सिल्वर की खरीदारी तुरंत बढ़ने की संभावना नहीं है। इसलिए भी दोनों धातुओं में गिरावट है। आम तौर पर पितृपक्ष के तुरंत बाद फेस्टिव सीजन शुरू हो जाता है, जबकि इस बार इसमें देरी हो रही है।

आगे फेस्टिव और सहालग सीजन होने के कारण गोल्ड-सिल्वर में निवेश का है सुनहरा मौका

डेढ़ महीने बाद 17 अक्टूबर से देश में त्योहारों का मौसम शुरू हो रहा है। यह नवरात्रि से शुरू होकर दिवाली और क्रिसमस तक यानी, दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान खूब खरीदारी और निवेश होता है। गुप्ता ने कहा कि दिवाली-क्रिसमस तक सोना वापस करीब 56,000 रुपए प्रति 10 ग्राम और सिल्वर 70,000-80,000 रुपए प्रति किलोग्राम का स्तर छू सकता है। यानी इस दौरान सोने में करीब 10 फीसदी और सिल्वर में करीब 15 फीसदी की तेजी आ सकती है।

क्या खरीदें- गोल्ड ईटीएफ या सॉवरेन गोल्ड बांड?

क्या खरीदें- गोल्ड ईटीएफ या सॉवरेन गोल्ड बांड? इस सवाल के जवाब में गुप्ता ने कहा कि ईटीएफ में निवेश करना बेहतर होगा। सॉवरेन गोल्ड बांड में निवेश कम से कम 5 साल के लिए लॉक हो जाएगा, जिससे फेस्टिव सीजन की तेजी का लाभ निवेशक नहीं उठा पाएंगे। इसलिए निवेशक ईटीएफ में निवेश कर सकते हैं और दिवाली के आस-पास उसे बेच सकते हैं।

विदेशी बाजारों में ब्याज दर कम होने का भी मिलेगा फायदा

ईटीएफ ट्रेंड्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में जब ब्याज दर कम होती है, तब गोल्ड का भाव ऊपर जाता है। 1972 से लेकर अब तक का ट्रेंड ऐसा ही रहा है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ब्याज दर अभी 0.25 फीसदी है, जो फेड की ब्याज दर का निचला स्तर है।

हाल में गोल्ड 8% तो सिल्वर 13% लुढ़का है

एमसीएक्स पर 6 अगस्त 2020 के बाद से गोल्ड करीब 8 फीसदी और सिल्वर करीब 13 फीसदी लुढ़ चुका है। गोल्ड 6 अगस्त को 55,845 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। शुक्रवार को 5 अक्टूबर का गोल्ड कांट्रैक्ट 51,399 रुपए पर बंद हुआ। सिल्वर 6 अगस्त को 76,052 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। शुक्रवार को 4 सितंबर का सिल्वर कांट्रैक्ट 66,149 पर बंद हुआ।

रिटायरमेंट के बाद क्या करेंगे एचडीएफसी बैंक के चीफ आदित्य पुरी?

खबरें और भी हैं...