पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX60967.050.24 %
  • NIFTY18125.40.06 %
  • GOLD(MCX 10 GM)479130.65 %
  • SILVER(MCX 1 KG)654460.63 %
  • Business News
  • Moody India Rating 2021 | Global Ratings Agency Moody Changes Nine Indian Banks Rating

मूडीज ने बदली रेटिंग:देश के 9 बैंकों की रेटिंग निगेटिव से स्टेबल हुई, मंगलवार को देश की रेटिंग आउटलुक में हुआ था बदलाव

मुंबई19 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने 9 भारतीय बैंकों की रेटिंग को अपग्रेड किया है। इनका रेटिंग आउटलुक निगेटिव से बदलकर स्टेबल कर दिया गया है। इसमें निजी और सरकारी बैंक शामिल हैं।

निजी और सरकारी बैंक शामिल

मूडीज ने जिन बैंकों की रेटिंग के आउटलुक में बदलाव किया है, उसमें निजी सेक्टर के एक्सिस बैंक, HDFC बैंक, ICICI बैंक शामिल हैं। जबकि सरकारी बैंकों में बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB), कैनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), एक्जिम बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं। बैंकों की रेटिंग अपग्रेड एक दिन बाद हुई है। मंगलवार को ही मूडीज ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को निगेटिव से स्टेबल किया था। भारत की रेटिंग अभी Baa3 है।

ये कंपनियां भी मूडीज की रेटिंग में शामिल

मूडीज ने अपनी लिस्ट में हीरो फिनकॉर्प, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्प, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्प, इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट, पावर फाइनेंस कॉर्प और आरईसी को भी शामिल किया है। मूडीज के रेटिंग आउटलुक में बदलाव का मतलब है कि नीचे की ओर जो जोखिम है, उसमें अब कमी दिख रही है। रियल इकोनॉमी और फाइनेंशियल सिस्टम के निगेटिव माहौल में सुधार हो रहा है।

NPA की वजह से कई सरकारी बैंकों पर प्रतिबंध

बता दें कि बैंकों के बुरे फंसे कर्ज (NPA) की वजह से कई सरकारी बैंकों को रिजर्व बैंक ने शाखाओं को खोलने, नया बिजनेस करने जैसे कई मोर्चों पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि इस समय केवल सेंट्रल बैंक ही इस प्रतिबंध के तहत है। बाकी बैंकों को प्रतिबंध के दायरे से बाहर कर दिया गया है। इस वजह से बैंकिंग सेक्टर के आगे अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है।

फिस्कल डेफिसिट में कमी आएगी

मूडीज का अनुमान है कि फिस्कल डेफिसिट में धीरे-धीरे कमी आएगी क्योंकि इकोनॉमिक माहौल में अगले कुछ सालों में सुधार होगा। बैंकों की कॉर्पोरेट असेट क्वालिटी में सुधार दिख रहा है क्योंकि कई सारे मसलों को हल किया गया है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अगर इकोनॉमिक गतिविधियों में लगातार सामान्य माहौल बनता है तो असेट क्वालिटी में सुधार दिखेगा। असेट क्वालिटी मतलब कंपनियों को दिए जाने वाली उधारी से है, जिसकी रिकवरी में मुश्किल होती है और दिया गया कर्ज NPA बन जाता है।