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फेस्टिवल सेल /​​​​​​​फिनटेक और ई-कॉमर्स कंपनियां कारोबार बढ़ाने के लिए ग्राहकों को दे रही हैं बाय-नाऊ-पे-लेटर का विकल्प

बाय-नाऊ-पे-लेटर विकल्प के तहत ब्याज दर 20-36% सालाना के दायरे में होती है बाय-नाऊ-पे-लेटर विकल्प के तहत ब्याज दर 20-36% सालाना के दायरे में होती है

  • बाय-नाऊ-पे-लेटर विकल्प में ग्राहकों को सामान की खरीदारी पर 35-45 दिनों का ब्याज मुक्त लोन मिल रहा है
  • इस अवधि के बाद बकाया रह जाने वाली राशि पर ग्राहकों को ब्याज देना पड़ेगा

मनी भास्कर

Oct 17,2020 01:37:43 PM IST

नई दिल्ली. इस फेस्टिवल सीजन में फिनटेक और ई-कॉमर्स कंपनियां अपना कारोबार बढ़ाने के लिए ग्राहकों को बाय-नाऊ-पे-लेटर विकल्प दे रही हैं। इसके तहत ग्राहकों को सामानों की खरीदारी पर 35-45 दिनों का ब्याज मुक्त लोन मिल रहा है। इस अवधि के बाद बकाया रह गई राशि पर ग्राहकों को ब्याज देना पड़ेगा।

इससे पहले ज्यादातर कंपनियां ग्राहकों को क्रेडिट लाइन देती थीं, जिसके तहत तय की गई रकम का ग्राहक उपयोग कर सकते थे। बाय-नाऊ-पे-लेटर विकल्प में हालांकि ब्याज दर पर्सनल लोन के मुकाबले ज्यादा होता है। फाइनेंशियल प्रॉडक्ट्स के ऑनलाइन मार्केटप्लेस माईलोनकेयर डॉट इन के संस्थापक और सीईओ गौरव गुप्ता ने कहा कि क्रेडिट लाइन की ब्याज दर पारंपरिक लोन से ज्यादा होती है और बाय-नाऊ-पे-लेटर विकल्प के तहत ब्याज दर और भी ज्यादा 20-36 फीसदी सालाना के दायरे में होती है।

फिजिकल स्टोर पर UPI पेमेंट ऑप्शन भी दे रही हैं कई फिनटेक कंपनियां

कई फिनटेक कंपनियों ने फिजिकल स्टोर पर ग्राहकों को यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) आधारित पेमेंट ऑप्शन देना भी शुरू किया है। इसके तहत ग्राहक ऐप के यूपीआई आईडी का उपयोग कर भुगतान करते हैं। उदाहरण के लिए हैदराबाद की एनबीएफसी विविफाई इंडिया फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड ने फ्लेक्सपे योजना पेश की है, जिसमें यूपीआई पर पे-लेटर विकल्प का उपयोग किया जा सकता है। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक वह रिड्यूशिंग बैलेंस पर 36 फीसदी की दर से सालाना ब्याज और 650 रुपए का वन टाइम प्रोसेसिंग शुल्क लेती है।

क्रेडिट कार्ड की तरह बची राशि अगले पेमेंट साइकिल में ब्याज सहित चुका सकते हैं

पहले से पे-लैटर सेवा देने वाली एक अन्य कंपनी लेजीपे ने फिजिकल स्टोर पर भुगतान के लिए एक यूपीआई प्रॉडक्ट लांच किया है, जिसमें अलग-अलग अवधि के लिए अलग-अलग ब्याज दर होती है। क्रेडिट की तरह पे-लैटर विकल्प में भी ग्राहक एक न्यूनतम राशि चुका सकते हैं और बची हुई राशि अगले पेमेंट साइकिल में ब्याज के साथ चुका सकते हैं। एक अन्य कंपनी स्लाइस ने वीसा की पार्टनरशिप में अपने ऐप पर डिजिटल क्रेडिट कार्ड पेश किया है।

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बाय-नाऊ-पे-लेटर विकल्प के तहत ब्याज दर 20-36% सालाना के दायरे में होती हैबाय-नाऊ-पे-लेटर विकल्प के तहत ब्याज दर 20-36% सालाना के दायरे में होती है

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