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ED ने कसा शिकंजा:फ्रैंकलिन टेंपलटन और उसके सीनियर अफसरों पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस, निवेशकों को नुकसान पहुंचाकर अपने लिए काली कमाई करने का आरोप

4 महीने पहले
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एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने फ्रैंकलिन टेंपलटन और उसके सीनियर अफसरों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। यह अप्रैल 2020 में छह डेट स्कीमों को अचानक बंद करने के बाद म्यूचुअल फंड कंपनी के खिलाफ EC की तरफ से दर्ज हुआ पहला मामला है।

फंड हाउस के खिलाफ IPC के सेक्शन 420 के तहत 29 सितंबर 2020 को FIR दर्ज हुई थी

ED ने चेन्नई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज FIR के आधार पर फ्रैंकलिन टेंलपटन के खिलाफ एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की है। फंड हाउस के खिलाफ FIR आईपीसी के सेक्शन 420 के तहत 29 सितंबर 2020 को दर्ज हुई थी।

MF और CIO पर आपराधिक षड़यंत्र रचने और निवेशकों से धोखाधड़ी करने का आरोप

म्यूचुअल फंड और उसके चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर (CIO) पर भोले-भाले निवेशकों को नुकसान पहुंचाने और अपने लिए गलत तरीके से पैसा बनाने के लिए उनसे धोखाधड़ी करने और आपराधिक षड़यंत्र रचने का आरोप लगाया गया है।

फंड के टॉप एग्जिक्यूटिव्स और एंटिटी ने मार्च-अप्रैल में 23 मौकों पर निकाले थे 53 करोड़

दरअसल, चोकसी एंड चोकसी की फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक फंड हाउस के टॉप एग्जिक्यूटिव्स और उनसे जुड़ी एंटिटी ने म्यूचुअल फंड की छह डेट स्कीमों के बंद होने से पहले मार्च-अप्रैल में 23 मौकों पर 53 करोड़ रुपए निकाले थे।

निकासी की रकम को अपराध की काली कमाई करार देने की संभावना की जांच होगी

मामले के जानकार सूत्र ने बताया कि फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक फ्रैंकलिन टेंपलटन के आला अफसरों ने छह डेट स्कीमों को बंद किए जाने से कुछ समय पहले उनमें बिकवाली की थी। जांच इस बात को लेकर होगी कि क्या निकासी की रकम को मनी लॉन्ड्रिंग पर रोकथाम वाले कानून के तहत अपराध की काली कमाई करार दिया जा सकता है।

इस बात की भी जांच होगी कि जब निवेश घाटे में थे तो पुट ऑप्शन यूज क्यों नहीं हुए

सूत्र ने कहा, ‘ED इस बात की भी जांच कर सकता है कि जब फ्रैंकलिन टेंपलटन के निवेश घाटे में थे तो उसके अफसरों ने उनमें पुट ऑप्शन का इस्तेमाल क्यों नहीं किया।’ ED इस बात की भी छानबीन कर सकता है कि क्या फंड हाउस के अफसरों ने आर्थिक लाभ के लिए पुट ऑप्शन का इस्तेमाल नहीं किया था। किसी सिक्योरिटी का पुट ऑप्शन उसको पहले से तय रकम (स्ट्राइक प्राइस) पर बेचने का अधिकार देता है।

सेबी दे चुका है फंड के टॉप एग्जिक्यूटिव्स और ट्रस्टियों को कारण बताओ नोटिस

ईडी की तरफ से केस किया जाना फ्रैंकलिन टेंपलटन के लिए एक झटके जैसा है क्योंकि इससे फंड हाउस की कानूनी परेशानियां बढ़ रही हैं। कर्नाटक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में फंड हाउस के खिलाफ कई केस चल रहे हैं।

ऑडिट फर्म की फाइनल रिपोर्ट पर टॉप एग्जिक्यूटिव्स और ट्रस्टियों को कारण बताओ नोटिस

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने इस केस में फंड हाउस के टॉप एग्जिक्यूटिव्स और ट्रस्टियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सेबी ने नोटिस ऑडिट फर्म चोकसी एंड चोकसी की तरफ से फाइनल रिपोर्ट जमा कराए जाने के बाद जारी किया था। रिपोर्ट में चुनिंदा कंपनियों में फंड हाउस की तरफ से पुट ऑप्शन का इस्तेमाल नहीं करके उनको (कंपनियों) आर्थिक फायदा पहुंचाने के संकेत मिले थे।

CIO ने नहीं मानी पुट ऑप्शन का इस्तेमाल करने की रिस्क मैनेजमेंट कमेटी की सलाह

असल में चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर को रिस्क मैनेजमेंट कमेटी की तरफ से पुट ऑप्शन का इस्तेमाल किए जाने की सलाह दी गई थी। ऑडिट रिपोर्ट में फंड मैनेजरों की तरफ से पुट ऑप्शन के इस्तेमाल में निरंतरता नहीं होने की बात का पता चला है।

साल भर में रेटिंग ए से डी में डाउनग्रेड होने के बावजूद नहीं यूज किया गया पुट ऑप्शन

एक साल से भी कम समय में कुछ सिक्योरिटीज की रेटिंग ए से डी में डाउनग्रेड होने के बावजूद कुछ कंपनियों में पुट ऑप्शन का इस्तेमाल नहीं किया गया। फ्रैंकलिन टेंपलटन के अधिकारी अपनी तरफ से गलती होने की बात एकदम नहीं मान रहे।

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