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अमेजन-फ्यूचर डील:दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की फ्यूचर ग्रुप की याचिका, अमेजन के साथ चल रही मध्यस्थता कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की थी

नई दिल्ली20 दिन पहले
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दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को फ्यूचर ग्रुप की याचिका खारिज कर दी। फ्यूचर ग्रुप ने अपनी याचिका में अमेजन के साथ सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) में चल रही प्रोसीडिंग्स को अवैध घोषित करने की मांग की थी। फ्यूचर ग्रुप की कंपनी फ्यूचर कूपन प्राइवेट लिमिटेड (FCPL) और फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (FRL) दोंनों ने ये याचिका 3 जनवरी को दायर की थी। जस्टिस अमित बंसल ने याचिकाओं को खारिज किया है।

फ्यूचर ग्रुप का कहना था कि देश की एंटीट्रस्ट एजेंसी कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) उसकी और अमेजन की 2019 में हुई डील को सस्पेंड कर कर चुकी है। ऐसे में ये डील लीगल नहीं है। अमेजन और फ्यूचर रिटेल के बीच लंबे समय से डील को लेकर सिंगापुर आर्बिट्रेशन पैनल में सुनवाई हो रही है, लेकिन दोनों पक्ष आर्बिट्रेटर के लिए कुछ फैसलों को लागू करने या रद्द करने के लिए भारतीय अदालतों में केस लड़ रहे हैं।

अमेजन-फ्यूचर के बीच क्या है विवाद?
साल 2019 में अमेजन ने 1500 करोड़ रुपए में फ्यूचर कूपन (फ्यूचर ग्रुप की होल्डिंग कंपनी) में 49% हिस्सेदारी खरीदी थी। इस डील के तहत अमेजन को 3 से 10 साल के भीतर फ्यूचर रिटेल में हिस्सेदारी खरीदने का भी अधिकार मिला था। लेकिन 2020 में फ्यूचर ग्रुप ने अपने रिटेल, होलसेल और लॉजिस्टिक्स बिजनेस को रिलायंस रिटेल को 24,713 करोड़ रुपए में बेचने की घोषणा की। इसी के बाद से ये विवाद शुरू हुआ।

अमेजन ने SIAC का रुख किया था
फ्यूचर-रिलायंस डील पर आपत्ति जताते हुए अमेजन ने सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) का रुख किया था। अमेजन ने कहा था, रिलायंस और फ्यूचर रिटेल की डील उसकी और फ्यूचर कूपन के बीच हुई डील के खिलाफ है। इसके बाद हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में ये मामला चल रहा है।

CCI ने अमेजन-फ्यूचर कूपन डील को सस्पेंड किया
हाल ही में कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने अमेजन की फ्यूचर कूपन के साथ हुई इस डील को सस्पेंड कर दिया था। कॉम्पिटिशन कमीशन ने डील के दौरान जानकारी छिपाने पर अमेजन पर 202 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया था। CCI ने आदेश में कहा था, 'अमेजन ने डील के अपने असली मकसद को छिपाया और एग्रीमेंट के लिए झूठे और गलत बयान दिए, इसलिए डील को नए सिरे से देखना होगा।'