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निवेशकों की कमाई:दीप पॉलीमर्स 4 पर 3 शेयर्स का बोनस देगी, 48.3 करोड़ जुटाएगी

मुंबई4 महीने पहले
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दीप पॉलीमर्स का गांधीनगर प्रोजेक्ट 6 से 8 महीने में शुरू हो जाएगा। यह 25 हजार मैट्रिक टन का फिलर मास्टरबैच का सालाना निर्माण करती है। - Money Bhaskar
दीप पॉलीमर्स का गांधीनगर प्रोजेक्ट 6 से 8 महीने में शुरू हो जाएगा। यह 25 हजार मैट्रिक टन का फिलर मास्टरबैच का सालाना निर्माण करती है।

दीप पॉलीमर्स ने 4 शेयर्स पर 3 शेयर्स के बोनस की घोषणा की है। इसी के साथ ही यह राइट्स इश्यू से 48.3 करोड़ रुपए भी जुटाएगी। शनिवार को कंपनी की बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया। कंपनी अथॉराइज्ड कैपिटल 20 से बढ़ाकर 30 करोड़ रुपए भी करेगी। कंपनी का नेतृत्व आंतरप्रेन्योर रमेश पटेल करते हैं।

स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी

कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में उपरोक्त बात कही है। यह फंड इक्विटी शेयर को जारी कर जुटाया जाएगा। दीप पॉलीमर्स ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि वह गांधीनगर (गुजरात) में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट सेटअप करेगी। इसके लिए 33,600 वर्ग मीटर जमीन इसने खरीदा है। कंपनी की शुरुआत 600 मैट्रिक टन सालाना क्षमता से हुई थी।

85 करोड़ रुपए की बिक्री

2021 में इसकी बिक्री 85 करोड़ रुपए की रही। इसका ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन 23 से बढ़कर 26% हो गया है। अगस्त 2021 में इसने 45-55 करोड़ रुपए में दीप प्लास्ट को खरीदने की घोषणा की थी। इसका रेवेन्यू 89 करोड़ रुपए है। जानकारों ने बताया कि कंसोलिडेटेड आधार पर इसका कुल रेवेन्यू वित्तवर्ष 2022 में 200 करोड़ रुपए हो सकता है और 13-14 करोड़ रुपए का फायदा हो सकता है।

6 मुख्य प्रोडक्ट हैं कंपनी के पास

इसके पास 6 मुख्य प्रोडक्ट हैं जो स्पेशियालिटी केमिकल में हैं और भारत में जिनकी मांग ज्यादा है। कंपनी आने वाले वर्षों में इनका एक्सपोर्ट करके मुनाफा ज्यादा कमाने का लक्ष्य रखी है। कंपनी ने कहा कि वह बिजनेस को डाइवर्सिफाइ करने और वर्तमान प्रोडक्ट से ज्यादा ग्रोथ हासिल करने के लिए कोशिश करेगी। नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट मुख्य रूप से दो प्रोडक्ट बनाएगी। इसमें एक स्पेशियालिटी ब्लैक मास्टरबैच होगा जिसका फाइबर में उपयोग होता है। दूसरा स्पेशियालिटी कलर मास्टरबैच होगा जो अलग तरह के फाइबर के काम में आता है।

यूरोप में करेगी निर्यात

कंपनी ने यूरोप के अंदर एक्सपोर्ट करने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए जर्मन तकनीक के सलाहकार को नियुक्त करके जर्मनी से प्लांट इंपोर्ट कर रही है। जानकारी के मुताबिक, इस यूनिट का पूरा प्रोडक्ट जर्मनी और दूसरे यूरोपियन देशों को भेजा जाएगा, जो कि पॉलिएस्टर और फैब्रिक बनाने के लिए रॉ मैटेरियल के रूप में लिया जाएगा। कंपनी की यह कोशिश रही है कि अच्छे प्रोडक्ट के ऊपर उसका फोकस रहे, और उसी के मद्देनजर अभी इसने नए प्रोजेक्ट की घोषणा की थी।

जर्मनी की कंपनी को चुना

इन सभी के लिए कंपनी ने जर्मनी की मशीनरी सप्लायर्स कोपरियान को चुना है। इसके लिए पहले ही ऑर्डर दिए जा चुके हैं। कोपरियान जर्मनी की लीडिंग कंपनी है। इन दोनों मशीनों से हर महीने 310 मैट्रिक टन का प्रोडक्शन होगा। कंपनी को उम्मीद है कि गांधीनगर प्रोजेक्ट 6 से 8 महीने में शुरू हो जाएगा। इस नए प्लांट से इसका मार्केट शेयर बढ़ेगा। दीप पॉलीमर्स 25 हजार मैट्रिक टन का फिलर मास्टरबैच का सालाना निर्माण करती है।