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  • Deadline for mandatory hallmarking of gold jewellery extended till June 1 next year: Paswan

कोरोना इफेक्ट /अब सोने की ज्वैलरी पर 1 जून 2021 से अनिवार्य होगी हॉलमार्किंग, सरकार ने डेडलाइन बढ़ाई

मौजूदा समय में देश में करीब 40 फीसदी ज्वैलरी हॉल-मार्किंग के साथ बेची जा रही है। मौजूदा समय में देश में करीब 40 फीसदी ज्वैलरी हॉल-मार्किंग के साथ बेची जा रही है।

  • उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने दी जानकारी
  • पहले 15 जनवरी 2021 से अनिवार्य होने थी हॉलमार्किंग

मनी भास्कर

Jul 27,2020 05:50:56 PM IST

नई दिल्ली. कोविड-19 महामारी को देखते हुए केंद्र सरकार ने सोने की ज्वैलरी पर हॉल-मार्किंग को अनिवार्य रूप से लागू करने की डेडलाइन में बढ़ोतरी कर दी है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने सोमवार को बताया कि डेडलाइन को बढ़ाते हुए 1 जून 2021 कर दिया गया है। सोने पर हॉल-मार्किंग इसकी शुद्धता का प्रमाण है।

पिछले साल नवंबर में की गई थी घोषणा

केंद्र सरकार ने पिछले साल नवंबर में सोने की ज्वैलरी और कलाकृतियों के लिए हॉल-मार्किंग को अनिवार्य बनाया था। इसे 1 जनवरी 2021 से पूरे देश में लागू होना था। सरकार ने देश के सभी ज्वैलर्स को हॉल-मार्किंग पर शिफ्ट होने और ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 1 साल से अधिक का समय दिया था। पासवान ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ज्वैलर्स ने इस डेडलाइन को बढ़ाने का आग्रह किया था। इसको देखते हुए ही डेडलाइन को 15 जनवरी से बढ़ाकर 1 जून 2021 किया जा रहा है।

1 जून से 14, 18 और 22 कैरेट सोने की ज्वैलरी की बिक्री होगी

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अगले साल 1 जून से केवल 14, 18 और 22 कैरेट सोने की ज्वैलरी की ही बिक्री होगी। ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (AGJDC) और द इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन ने हॉल-मार्किंग अनिवार्य करने की डेडलाइन को बढ़ाने की मांग की थी। AGJDC के वाइस चेयरमैन शंकर सेन का कहना है कि लॉकडाउन को कारण सेल्स और ऑपरेशन के तीन महीने खराब हो गए हैं। अब बिक्री को ट्रैक पर लौटने में 3 से 4 महीने लगेंगे। इससे संभावना है कि बड़ी मात्रा में बिना हॉल-मार्किंग की ज्वैलरी रह जाएगी।

अब तक 28,849 ज्वैलर्स बीआईएस के पास रजिस्टर्ड

बीआईएस अप्रैल 2000 से सोने की ज्वैलरी की हॉल-मार्किंग को लेकर एक योजना चला रहा है। मौजूदा समय में देश में करीब 40 फीसदी ज्वैलरी हॉल-मार्किंग के साथ बेची जा रही है। बीआईएस के पास अब तक करीब 28,849 ज्वैलर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है। बीआईएस के मुताबिक, हॉल-मार्किंग अनिवार्य होने से ग्राहकों को धोखाधड़ी से मुक्ति मिलेगी। आपको बता दें कि भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक देश है। भारत सालाना 700 से 800 टन सोने का आयात करता है।

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मौजूदा समय में देश में करीब 40 फीसदी ज्वैलरी हॉल-मार्किंग के साथ बेची जा रही है।मौजूदा समय में देश में करीब 40 फीसदी ज्वैलरी हॉल-मार्किंग के साथ बेची जा रही है।

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