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2020 में क्रूड:कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट का साल, लेकिन आम लोगों के लिए बढ़ गईं पेट्रोल-डीजल की कीमतें

संजय कुमार साह, नई दिल्ली9 महीने पहले
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एक साल पहले के लेवल के मुकाबले ब्रेंट क्रूड का प्राइस अब भी 25% नीचे है, लेकिन इस दौरान पेट्रोल 11.55% और डीजल 8.98% महंगा हो चुका है - Money Bhaskar
एक साल पहले के लेवल के मुकाबले ब्रेंट क्रूड का प्राइस अब भी 25% नीचे है, लेकिन इस दौरान पेट्रोल 11.55% और डीजल 8.98% महंगा हो चुका है
  • 21 अप्रैल को ब्रेंट क्रूड 15.98 डॉलर प्रति बैरल के निचले स्तर तक आ गया था, जो 20 साल का निचला स्तर है
  • उसी दिन WTI का प्रति बैरल भाव शून्य से 40.32 डॉलर नीचे आ गया था, जो इसके इतिहास का सबसे निचला लेवल है

इस साल क्रूड की कीमत में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल में ब्रेंट क्रूड जहां 20 साल के निचले स्तर तक पहुंच गया, वहीं अमेरिकी बेंचमार्क WTI का प्रति बैरल भाव शून्य से 40.32 डॉलर नीचे तक आ गया था, जो इसके इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया था। क्रूड के भाव में इतनी भारी गिरावट के बाद भी आम आदमी के जीवन को प्रभावित करने वाले पेट्रोल और डीजल के भाव में गिरावट नहीं आई, बल्कि यह बढ़ ही गई है।

क्रूड प्राइस में ऐतिहासिक गिरावट का लाभ पेट्रोल-डीजल उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाने का मूल कारण है देश का पेट्रोलियम टैक्स स्ट्रक्चर। ब्रेंट क्रूड का भाव आज भी प्री-कोविड स्तर से नीचे चल रहा है, लेकिन भारी भरकम टैक्स के कारण पेट्रोल-डीजल का भाव प्री-कोविड स्तर से ऊपर जा चुका है। तीन महत्वपूर्ण तिथियों के प्राइस को लेकर इसे सरलता से समझा जा सकता है।

30 दिसंबर 2019 को पेट्रोल की कीमत 75.04 रुपए प्रति लीटर थी

30 दिसंबर 2019 को भारत वह वैश्विक स्तर पर कोरोनावायरस महामारी को कोई खास असर नहीं दिख रहा था। उस दिन ब्रेंट क्रूड 68 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चल रहा था। उस दिन दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 75.04 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 67.78 रुपए प्रति लीटर थी।

21 अप्रैल 2020 को पेट्रोल की कीमत 69.59 रुपए प्रति लीटर थी

21 अप्रैल को WTI का प्रति बैरल भाव शून्य से 40.32 डॉलर नीचे चला आया था और ब्रेंट क्रूड 15.98 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। उस दिन दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 69.59 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 62.29 रुपए प्रति लीटर थी। उस दिन 30 दिसंबर 2019 के मुकाबले ब्रेंट क्रूड के प्राइस में 76 फीसदी से ज्यादा की कमी आई, लेकिन पेट्रोल के प्राइस में महज 7.26 फीसदी और डीजल के प्राइस में महज 8.1 फीसदी की कमी आई।

30 दिसंबर 2020 को पेट्रोल की कीमत 83.71 रुपए प्रति लीटर थी

बुधवार 30 दिसंबर को ब्रेंट क्रूड 51 डॉलर के ऊपर ट्रेड कर रहा था। बुधवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 83.71 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 73.87 रुपए प्रति लीटर थी। 30 दिसंबर 2019 के मुकाबले ब्रेंट क्रूड का प्राइस बुधवार को पूरे 25 फीसदी नीचे था, जबकि पेट्रोल के प्राइस में 8.67 रुपए या 11.55 फीसदी प्रति लीटर और डीजल के प्राइस में 6.09 रुपए या 8.98 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है।

कीमत बढ़ने का मुख्य कारण है केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी व राज्य सरकार का वैट

क्रूड प्राइस में ऐतिहासिक गिरावट का लाभ पेट्रोल-डीजल उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाने का मूल कारण है देश का पेट्रोलियम टैक्स स्ट्रक्चर। इसके तहत दिल्ली में पेट्रोल पर करीब 200 फीसदी का कुल टैक्स लगता है। जबकि डीजल पर 158 फीसदी का कुल टैक्स लगता है। इन टैक्सेज में केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकार का वैट शामिल है।

पेट्रोल प्राइस में 64% हिस्सा टैक्स का होता है

पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में प्रति लीटर पेट्रोल के 83.71 रुपए प्राइस में से तेल का बेस प्राइस यानी मूल लागत 32 फीसदी या 26.34 रुपए प्रति लीटर है। कुल प्राइस में टैक्स और ड्यूटी का हिस्सा 64 फीसदी या करीब 52.35 रुपए प्रति लीटर है। केंद्र सरकार पेट्रोल के बेस प्राइस पर 125 फीसदी या 32.98 रुपए की एक्साइज ड्यूटी लगाती है। दिल्ली सरकार बेस प्राइस पर 72 फीसदी या 19 रुपए का वैट लगाती है। कुल प्राइस का 4 फीसदी हिस्सा डीलर्स कमीशन व अन्य खर्च का होता है। पेट्रोल पर डीलर्स कमीशन प्रति लीटर 3.65 रुपए है।

डीजल प्राइस में 59% से ज्यादा हिस्सा टैक्स का होता है

दिल्ली में डीजल का बेस प्राइस सिर्फ 27.08 रुपए प्रति लीटर है। डीलर्स कमीशन प्रति लीटर 2.53 रुपए है। दिल्ली में पेट्रोल पंप पर डीजल के कुल प्राइस में टैक्स और ड्यूटी का हिस्सा 59 फीसदी से ज्यादा या 42.81 रुपए प्रति लीटर है। केंद्र सरकार डीजल के बेस प्राइस पर 117 फीसदी से ज्यादा या 31.83 रुपए की एक्साइज ड्यूटी लगाती है। दिल्ली सरकार बेस प्राइस पर 39 फीसदी से ज्यादा या 10.64 रुपए का वैट लगाती है।

महामारी और प्राइस वार के कारण क्रूड ने इस साल ऐतिहासिक निचला स्तर छुआ

कोरोनावायरस महामारी और सऊदी अरब व रूस के प्राइस वार के कारण इस साल क्रूड के प्राइस में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख अमेरिकी क्रूड WTI ने 21 अप्रैल को -40.32 डॉलर प्रति बैरल का निचला स्तर छू लिया, जो इसके इतिहास का सबसे निचला स्तर था। इसी दिन ग्लोबल क्रूड बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ने 15.98 डॉलर प्रति बैरल का निचला स्तर छू लिया था, जो पिछले 20 साल का सबसे निचला स्तर था।

अब भी एक साल पहले के स्तर से 25% नीचे है क्रूड का भाव

ओपेक प्लस समूह के उत्पादन कटौती के फैसले ने क्रूड प्राइस को निचले स्तर से उठाया, लेकिन महामारी का निदान नहीं हो पाने के कारण तेल की मांग अब भी पूरी तरह से खुली नहीं है। बुधवार 30 दिसंबर को क्रू्ड का भाव एक साल पहले के मुकाबले करीब 25 फीसदी नीचे था। 30 दिसंबर 2019 को ब्रेंट क्रूड का भाव 68.6 डॉलर प्रति बैरल था, जो बुधवार को 51 डॉलर के ऊपर ट्रेड कर रहा था। वहीं WTI क्रूड 30 दिसंबर 2019 को 63.05 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था, जो बुधवार को 48 डॉलर से ऊपर ट्रेड कर रहा था।

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