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छोटे साइज से कम हुई पॉपुलैरिटी:कोविड-19 ने घटाई किफायती स्टूडियो अपार्टमेंट की डिमांड, WFH और ऑनलाइन स्टडी के लिए बड़े मकानों की मांग बढ़ी

3 महीने पहले
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कोविड-19 के चलते लोगों के खान-पान और रहन-सहन में बड़े बदलाव हुए। लॉकडाउन के बीच पनपे वर्क फ्रॉम होम (WFH) कल्चर से बड़े मकानों की डिमांड बढ़ी। मिलेनियल्स, नव दंपतियों और बिजनेस ट्रैवलर्स के बीच स्टूडियो अपार्टमेंट का अट्रैक्शन घटा। 2013 से पिछले साल तक ये इतने पॉपुलर रहे कि टॉप 7 शहरों में आने वाले हर प्रोजेक्ट में ऐसे अपार्टमेंट जरूर होते थे। दिग्गज प्रॉपर्टी कंसल्टेंट फर्म एनारॉक के मुताबिक, 2020 में कोविड-19 ने इस ट्रेंड को पलट दिया।

स्टूडियो अपार्टमेंट में होता है एक कमरा, किचन, टॉयलेट बाथरूम

एनारॉक रिसर्च के हालिया रिसर्च के मुताबिक 2020 में टॉप 7 शहरों में कुल 884 प्रोजेक्ट लॉन्च हुए थे। उनमें से लगभग 130 यानी 15% प्रोजेक्ट में स्टूडियो अपार्टमेंट ऑफर किए गए थे। लेकिन उससे पिछले साल यानी 2019 में 1,921 प्रोजेक्ट लॉन्च हुए थे और उनमें से 368 यानी 19% में डिवेलपर्स ने स्टूडियो अपार्टमेंट ऑफर किए थे। स्टूडियो अपार्टमेंट आमतौर पर छोटे किचन के स्पेस वाले वन रूम फ्लैट होते हैं। इकलौते कमरे को लिविंग और बेडरूम की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे फ्लैट में बाथरूम सिर्फ अलग होता है।

2019 में टॉप 7 शहरों में स्टूडियो अपार्टमेंट वाले थे 19% प्रोजेक्ट

साइज छोटा होने और ज्यादा तामझाम इंटीरियर नहीं होने से स्टूडियो अपार्टमेंट कम बजट वालों के बीच काफी पॉपुलर थे। एनारॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स अनुज पुरी के मुताबिक, 'स्टूडियो अपार्टमेंट का मजबूत ट्रेंड आंकड़ों में आसानी से दिख जाता है। 2013 में लॉन्च हुए 2102 प्रोजेक्ट में 75 यानी 4% में ऐसे अपार्टमेंट थे। यह आंकड़ा 2014 में बढ़कर 5% हो गया और उसमें बढ़ोतरी का ट्रेंड 2019 तक जारी रहा। 2019 में टॉप 7 शहरों में कुल 1921 प्रोजेक्ट लॉन्च हुए जिनमें से 19% प्रोजेक्ट में स्टूडियो अपार्टमेंट ऑफर किए गए थे।'

कोविड-19 के चलते WFH और स्टडी ऐट होम का चलन बढ़ा

पुरी बताते हैं, '2020 में कोविड-19 के साथ WFH और स्टडी ऐट होम का चलन बढ़ा जिससे बड़े मकानों की मांग भी बढ़ी। इसके साथ ही अचानक मकानों की मांग महंगे मेन इलाकों से ज्यादा किफायती उपनगरीय इलाकों में शिफ्ट हो गई। इस सबके बीच सिर्फ एक साल में स्टूडियो अपार्टमेंट की नई सप्लाई घटकर 15% पर आ गई।'

स्टूडियो अपार्टमेंट की सबसे ज्यादा डिमांड मुंबई और पुणे में रही है

एनारॉक के मुताबिक पिछले सात साल में स्टूडियो अपार्टमेंट की सबसे ज्यादा डिमांड मुंबई और पुणे में रही है। 2013 से 2020 के बीच टॉप 7 शहरों में स्टूडियो अपार्टमेंट वाले जितने भी प्रोजेक्ट आए उनमें इन दो शहरों का हिस्सा सबसे ज्यादा (96%) रहा था। इस दौरान मुंबई में कुल 5,442 प्रोजेक्ट लॉन्च हुए जिनमें से कम-से-कम 25% में स्टूडियो अपार्टमेंट ऑफर किए गए थे। बेंगलुरू, चेन्नई और हैदराबाद में स्टूडियो अपार्टमेंट का चलन नहीं रहा। इन तीनों शहरों में पिछले सात साल में स्टूडियो अपार्टमेंट वाले सिर्फ 34 प्रोजेक्ट आए।

सबसे बड़ा एवरेज साइज दिल्ली NCR, मुंबई में सबसे कम

अगर साइज की बात करें तो स्टूडियो अपार्टमेंट का सबसे ज्यादा एवरेज साइज दिल्ली NCR (400 वर्ग फुट) और सबसे कम मुंबई में (300 वर्ग फुट) था। इसको देखते हुए कहा जा सकता है कि 2020 में स्टूडियो अपार्टमेंट कम ऑफर किए जाने की एक वजह उनका छोटा साइज भी हो सकता है। कोविड-19 के चलते होम ऑफिस और बच्चों के ऑनलाइन स्टडी स्पेस के लिए बड़े मकानों की मांग बढ़ी जिसके चलते डेवलपर्स ने बड़े साइज वाले फ्लैट ऑफर करना शुरू कर दिया है।

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