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महंगाई की मार:बीते 11 महीनों में 72% महंगा हुआ सोयाबीन तेल, आने वाले दिनों में और महंगा हो सकता है खाने-पीने का सामान

नई दिल्ली2 महीने पहले
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RBI के अनुसार देश में कोरोना की दूसरी लहर यदि बेकाबू होती है तो आवाजाही पर लंबे समय प्रतिबंध लागू रहेंगे। इससे सप्लाई चेन प्रभावित होगी। ऐसा होने पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा देश में एग्री प्रोडक्ट्स का सबसे बड़ा वायदा बाजार (फ्यूचर मार्केट) नेशनल कमोडिटी एंड डेरीवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) देश में तेजी से बढ़ती महंगाई की ओर इशारा कर रहा है। इसके अनुसार बीते 11 महीनों में सोयाबीन तेल 72% महंगा हो गया है। एक्सपर्ट्स के अनुसार आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है।

1435 के करीब पहुंचा NCDEX
NCDEX पर कुछ प्रमुख कृषि उत्पादों का सूचकांक यानी एग्रीडेक्स बीते 11 महीन में ही 44% बढ़ा है। इससे पता चलता है कि देश में खाने-पीने के सामान की कीमतें कितनी तेजी से बढ़ी हैं। मई में जब इसकी शुरुआत हुई थी तो ये 1000 पाइंट पर था जो अब 1435 पर पहुंच गया है।

11 में ही 72% महंगा हुआ सोयाबीन का तेल
कोरोना काल में तेल और तिलहनों की खपत बढ़ने से इसके दाम में भी जोरदार इजाफा हुआ है। सालभर से भी कम में सोयाबीन तेल की कीमत 72% बढ़ी है। देश में सोयाबीन का भाव प्रति क्विंटल 7 हजार रुपए के पार निकल गया है, जो पिछले साल 4,500 रुपए के करीब था। वहीं, अगर सरसों की बात करें तो ये प्रति क्विंटल 6 हजार के पार निकल गई है। जो पिछले साल 4 हजार के करीब था।

आम तौर पर खाने में सरसों और सोयाबीन का तेल ही इस्तेमाल में लिया जाता है। ऐसे में इनके महंगे होने से आम आदमी की खाने की थाली महंगी हो गई है। इसके अलावा मसाले और चना दाल महंगे होने से भी आम आदमी के रसोई का बजट बिगाड़ा है। हालांकि, इससे किसानों को अपनी फसल का अच्छा दाम मिल रहा है।

बीते 11 महीनों में कैसा रहा NCDEX एग्रीडेक्स?

आइटमअभी का भाव11 महीनों में कितना बढ़ा (% में)
सोयाबीन7080.087.11
रिफाइंड सोया तेल1416.872.18
सरसों6987.066.47
चना5291.026.19
कॉटनसीड ऑयलकेक2685.042.32
धनिया6720.014.29
जीरा13850.0-0.25
ग्वारसीड4084.019.56
ग्वारगम6196.023.35
कैस्टरसीड5210.36.28

एग्रीडेक्स से पता चलता है देश में बढ़ रही महंगाई
केडिया एडवायजरी के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि 2021 के शुरुआती सवा तीन महीनों में ही एग्रीडेक्स 24% बढ़ा है। इंडेक्स में आई ये तेजी जबरदस्त कृषि उत्पादों की बढ़ती कीमतों की ओर इशारा करती है। उन्होंने बताया कि बीते एक साल में सोयाबीन 82% बढ़ा है।

देश में जब भी अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता है तो महंगाई भी बढ़ती है
अजय केडिया कहते हैं कि हमेशा देखा गया है कि जब भी कोरोना महामारी या किसी अन्य समस्या के कारण अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता है तो महंगाई भी बढ़ती है। 2008 में भी पूरी दुनिया के साथ हमारे देश में भी वित्तीय संकट के हालात बन गए थे। इससे देश में महंगाई बढ़ गई थी और इस महंगाई को काबू में करने में 2 से 3 साल का समय लग गया था।

लोग खाने पीने की चीजें कर रहे स्टोर
अजय केडिया कहते हैं कि कई शहरों में लॉकडॉन आगे बढ़ाया गया है ऐसे में लोगों को डर है कि कहीं ये लॉकडाडन लंबा चला तो उनके पास खाने पीने की चीजों की कमी हो सकती है। इस कारण लोग खाने पीने की चाजों को स्टोर कर रहे है ताकि लॉकडॉउन के लम्बे चलने पर भी उनके पास खाने की कमी न रहे। लोगों के ऐसा करने के कारण भी बाजार में खाने-पीने के सामान की मांग बढ़ गई है इससे भी महंगाई बढ़ी है।

1550 तक पहुंच सकता है एग्रीडेक्स
अजय को उम्मीद है कि मई तक NCDEX 1500 पॉइंट पर पहुंच सकता है। निवेशकों को अच्छे रिटर्न के लिए इसमें निवेश की सलाह होगी। कमोडिटी प्राइस मापने वाला यह इंडेक्स बढ़ता है तो महंगाई भी बढ़ेगी। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ने वाली है।

26 मई को हुई थी शुरुआत
NCDEX पर कुछ प्रमुख कृषि उत्पादों का सूचकांक यानी एग्रीडेक्स ने केवल 11 महीने के कारोबार में ही 44% बढ़ गया है। NCDEX ने पिछले साल 26 मई को 10 लिक्विड कमोडिटीज के मूल्यों पर आधारित सूचकांक एग्रीडेक्स लांच किया था। इन 10 एग्री कमोडिटीज में सोयाबीन, रिफाइंड सोया तेल, चना, सरसों, धनिया, जीरा, कॉटनसीड ऑयलकेक, ग्वारसीड और ग्वारगम हैं। 26 मई को 1000 हजार पॉइंट के साथ इसकी शुरुआत हुई थी, जो अब 1,43 पॉइंट पर पहुंच गया है।