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वोकल टू लोकल /Tiktok का विकल्प ROPOSO और चिंगारी ऐप, ब्यूटी प्लस और यू कैम परफेक्ट की जगह इंडियन सेल्फी कैमरा और शेयर इट की बजाय जेड शेयर का कर सकते हैं भारतीय यूजर्स इस्तेमाल

गलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सोमवार को केन्द्र सरकार ने चीन पर डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक किया है गलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सोमवार को केन्द्र सरकार ने चीन पर डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक किया है

  • सरकार ने टिकटॉक समेत 59 चाइनीज ऐप पर रोक लगाने का फैसला लिया है
  • Roposo ऐप इंडियन शॉर्ट वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म है, हाल ही में इसका लेटेस्ट वर्जन जारी किया गया है
  • ये सभी भारतीय ऐप चीनी ऐप्स को टक्कर देने के लिए तैयार किए गए थे

मनी भास्कर

Jun 30,2020 12:13:26 PM IST

नई दिल्ली. गलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सोमवार को केन्द्र सरकार ने चीन पर डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक किया है। सरकार ने टिकटॉक समेत 59 चाइनीज ऐप पर रोक लगाने का फैसला लिया है। सरकार ने इन ऐप्स से भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को खतरा बताया है।
बता दें कि भारत में इन ऐप्स के करोड़ों में यूजर्स हैं। लेकिन इन यूजर्स के पास अब चीनी ऐप्स की जगह भारतीय यानी की देसी ऐप्स के विकल्प भी मौजूद हैं। हम आपको बता रहे हैं कुछ मशहूर चीनी ऐप्स के विकल्प के तौर पर भारतीय ऐप्स के बारे में....

टिकटॉक के विकल्प में Roposo App

Roposo एक भारतीय वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म है, जहां यूजर्स वीडियो और इमेज शेयर करते हैं। इस ऐप को साल 2014 में 19 नवंबर को रिलीज किया गया था और ऐप के लेटेस्ट वर्जन को 10 जून, 2020 को रिलीज किया गया है। टिकटॉक के विकल्प में भारतीय यूजर्स के पास Roposo ऐप है। शुरू से ही इस ऐप को टिकटॉक का प्रतिद्वंदी माना जाता रहा है। खास बात ये है कि सरकार का सिटीजन इंगेजमेंट प्लेटफॉर्म MyGovIndia भी इसका हिस्सा है। यूजर्स अब इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। ये ऐप एंड्रॉयड और iOS दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद है। यह 10 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। इस ऐप को IIT दिल्ली के तीन छात्रों ने तैयार किया था। गूगल प्ले स्टोर पर इस ऐप को 50 मिलियन से भी ज्यादा डाउनलोड्स मिले हैं.

टिकटॉक की तरह ही पैसे कमाने का जरिया है यह ऐप-

यह एप्लीकेशन आपको पॉइंट्स के रूप में पैसे देता है। इसमें 10,000 पॉइंट के 10 रुपए मिलते हैं। जब आपके खाते में 5,000 पॉइंट हो जाते है तो आप इनको अपने पेटीएम में ट्रांसफर कर सकते है।

टिक टॉक के टक्कर में लॉन्च हुआ था स्वेदशी एप 'मित्रों'

टिकटॉक को टक्कर देने के लिए हाल ही में स्वदेशी एप मित्रों को लॉन्च किया गया था। खास बात यह है कि इसे भारी संख्या में लोगों ने डाउनलोड भी किया। अभी तक 50 लाख से अधिक लोगों ने इस एप को डाउनलोड किया है। मित्रों एप को आईआईटी, रुड़की के एक छात्र शिवांक अग्रवाल ने तैयार किया है।
पहली नजर में देखने पर मित्रों एप आपको टिकटॉक जैसा ही नजर आएगा। दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि मित्रों टिकटॉक एप का क्लोन है। मित्रों एप ने गूगल प्ले स्टोर पर टॉप फ्री चार्ट में टॉप-10 की लिस्ट में जगह बनाया है। इस एप में आपको टिकटॉक के सभी फीचर्स नहीं मिलेंगे। इस ऐप को प्ले-स्टोर पर 4.7 की रेटिंग्स मिली है। यह ऐप फिलहाल सिर्फ एंड्रॉयड यूजर्स के लिए उपलब्ध है।

चीनी ऐप शेयर इट के विकल्प में देसी ऐप Z share

जेड शेयर एप (Z share App) भारत में शनिवार को लांच किया गया है। यह शेयर इट का विकल्प है। इसके जरिए यूजर्स आसानी से फाइल को शेयर कर सकते हैं। इसके जरिए वीडियो, डाक्यूमेंट्स, गाने आदि को आप भेज सकते हैं। इस एप को श्रवण हेगड़े ने लांच किया है। वे उत्तर कन्नडा जिले से हैं। 21 वर्षीय हेगड़े कर्नाटक यूनिर्वसिटी के छात्र हैं। इस एप को अब तक 10 हजार से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है। पहले 24 घंटे में 5,000 लोगों ने इसे डाउनलोड किया।


चीनी ऐप टिकटाॅक और HELO के विकल्प में भारत का ShareChat

शेयर चैट (ShareChat) ऐप एक सोशल प्लेटफॉर्म है। यह चाइना के हेलो ऐप के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। शेयर चैट इंडियन इेप है। इसका इस्तेमाल जोक, एंटरटेनमेंट, मनपसंद इमेजेज, वीडियो देखने के लिए किया जाता है। शेयर चैट हिंदी समेत अन्य 15 भारतीय भाषाओं में यूजर के लिए उपलब्ध है। इसमें यूजर को अपना एक प्रोफाइल बनाना होता है और उस प्रोफाइल के जरिए अपने फोटोस वीडियोज को अपने शेयर चैट फ्रेंड के साथ शेयर किया जा सकता है। इसके जरिए आप दूसरे यूजर को फॉलो कर सकते हैं। यह Android यूजर्स के लिए उपलब्ध है। इस ऐप को आईआईटी-कानपुर के छात्र अंकुश सचदेव ने साल 2015 में तैयार किया था।


चीन के CamScanner ऐप की जगह भारतीय ऐप Adobe Scan

एडॉब स्कैन (Adobe Scan) यह कैम स्कैनर का एक बेहतरीन विकल्प है। हालांकि यह भारतीय विकल्प नहीं है, पर चीन के विकल्प के रूप में इसका उपयोग किया जा सकता है। इस कैटिगरी में यह एक ट्रस्टेड ऐप है। आप इसे फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं और अपने डाक्यूमेंट को स्कैन कर सकते हैं। इसे ओसीआर जैसी टेक्नोलॉजी पर इंटीग्रेट किया हुआ है।

VivaVideo की जगह Photo Video Maker का करें इस्तेमाल

चीनी ऐप VivaVideo भारत में काफी लोकप्रिय ऐप है। हालांकि अब इसके विकल्प में भारतीय यूजर्स Photo Video Maker का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस फोटो और वीडियो एडिटिंग ऐप है। इसे प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

BeautyPlus और YouCam Perfect की जगह Indian Selfie Camera का करें इस्तेमाल

अब आप चीनी ऐप BeautyPlus और YouCam Perfect की जगह Indian Selfie Camera ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह चीनी ऐप को टक्कर देने के मकसद से ही तैयार किया गया था। इस ऐप के जरिए यूजर फोटो को मनपसंद तरीके से एडिट करके फ्रेड्स के साथ शेयर कर सकते हैं। गूगल प्ले पर इसका रेटिंग 4.8 है।

अब UC Browser की जगह जियो ब्राउजर का करें इस्तेमाल

जियो ब्राउजर (Jio Browser) इसे यूसी ब्राउजर के विकल्प के रूप में देख सकते हैं। यह सबसे तेज और सुरक्षित ब्राउजर एप है। यह ऐप खबरों और मनोरंजन के कंटेंट भी मुहैया कराता है।

भारत-चीन विवाद के बाद कंपनियों ने भारतीय ऐप बनाने पर काम शुरू कर दिया है

बता दें कि जब से चीन और भारत के बीच तनाव शुरू हुआ है, तभी से कुछ कंपनियों वे इसकी तैयारी कर दी थी। अभी तक देशी एप्लीकेशन में बोलो इंडिया, टिक किक जैसे एप लोकप्रिय हैं। टिकटॉक जब लांच हुआ था, तब उसके पहले महीने में 5 मिलियन एप डाउनलोड हुए थे। लेकिन अब टिकटॉक के डाउनलोड में कमी आई है। अप्रैल में इसका डाउनलोड 23.5 मिलियन रहा है जो जून में घटकर 13.9 मिलियन पर आ गया है। पबजी का नया डाउनलोड 9.9 मिलियन अप्रैल में था जो जून में 6.6 मिलियन पर आ गया। बिगो में भी गिरावट दिखी और सका 2.5 मिलियन से घटकर 1.8 मिलियन डाउनलोड हो गया है।
उधर, भारत के एप चिंगारी को अब तक 5 मिलियन लोगों ने डाउनलोड किया है। इसके अलावा जी एंटरटेनमेंट ने भी तनाव के माहौल को देखते हुए इस तरह के एप की शुरुआत की बात कही है। उसके जी 5 चैनल इस नई सर्विस पर काम कर रहा है।

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गलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सोमवार को केन्द्र सरकार ने चीन पर डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक किया हैगलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सोमवार को केन्द्र सरकार ने चीन पर डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक किया है

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