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एयर फेयर पर प्रतिबंध जारी:31 मई तक विमानन कंपनियां नहीं बढ़ा सकेंगी किराया, मंत्रालय ने जारी किया आदेश

मुंबई6 महीने पहले
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13 अप्रैल को करीब 5 महीने में पहली बार यात्रियों की संख्या 2 लाख से नीचे पहुंचकर 1 लाख 83 हजार 331 रह गई थी। डीजीसीए के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में 78 लाख यात्रियों ने यात्रा की, जबकि जनवरी में 77.3 लाख यात्रियों ने यात्रा की थी - Money Bhaskar
13 अप्रैल को करीब 5 महीने में पहली बार यात्रियों की संख्या 2 लाख से नीचे पहुंचकर 1 लाख 83 हजार 331 रह गई थी। डीजीसीए के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में 78 लाख यात्रियों ने यात्रा की, जबकि जनवरी में 77.3 लाख यात्रियों ने यात्रा की थी
  • कोरोना की वजह से पिछले साल से ही फ्लाइट किराए की सीमा पर प्रतिबंध लगा है
  • किराए के अलावा फ्लाइट को 80% क्षमता के साथ ही चलाने का भी नियम है

विमानन कंपनियां 31 मई तक किराया में बढ़ोत्तरी नहीं कर पाएंगी। पहले की ही तरह उन पर किराए को लेकर प्रतिबंध लगा रहेगा। यह जानकारी सिविल एविएशन मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक आदेश में दिया है।

पिछले साल से लगा है प्रतिबंध

गौरतलब है कि कोरोना की वजह से पिछले साल से ही फ्लाइट किराए की सीमा पर प्रतिबंध लगा है। इससे पहले फरवरी में भी इसी तरह का आदेश जारी किया गया था। किराए के अलावा फ्लाइट को 80% क्षमता के साथ ही चलाना होगा। विमानन कंपनियों ने रविवार को ही मंत्रालय से यह अपील की थी कि क्षमता को घटाकर 60% कर दिया जाए क्योंकि अप्रैल में बुकिंग में काफी कमी आई है।

जनवरी से हो रही थी रिकवरी

जनवरी से थोड़ी रिकवरी हो रही थी, पर इस महीने में विमानन कंपनियों को झटका लग सकता है। फरवरी के पहले जो कम से कम किराया तय किया गया था उसमें फरवरी में 10% से 30% की बढ़ोतरी की गई थी। नए प्राइस बैंड के मुताबिक, दिल्ली-मुंबई रूट पर इकोनॉमी क्लास में एक ओर का किराया 3,900-13,000 रुपए के रेंज में तय किया गया था। पहले यह 3,500-10,000 रुपए के रेंज में था।

लॉकडाउन के बाद डोमेस्टिक ऑपरेशन 25 मई से खुला

कोरोना शुरू होने के बाद शेड्यूल्ड डोमेस्टिक ऑपरेशन 25 मार्च 2020 से रोक दिया गया था। 25 मई से इसे कुछ शर्तों और प्री-कोविड लेवल के मुकाबले एक-तिहाई क्षमता के साथ धीरे-धीरे खोलना शुरू किया गया। हवाई किराए पर न्यूनतम और अधिकतम सीमा लगाई गई थी, ताकि विमानन कंपनियां बहुत ज्यादा किराया न लें और सिर्फ जरूरी कार्यों के लिए ही हवाई यात्रा हो। 3 दिसंबर 2020 को फ्लाइट कैपेसिटी को बढ़ाकर प्री-कोविड स्तर के 80% तक कर दिया गया था। इससे पहले यह 70% था।

विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने फरवरी में कहा था कि न्यूनतम और अधिकतम किराया एक असाधारण कदम था, जो असाधारण परिस्थिति में उठाया गया था। ऐसा इसलिए किया गया था ताकि सीमित उपलब्धता के कारण हवाई किराए में बेतहाशा बढ़ोतरी न हो जाए। उन्होंने कहा था कि प्राइस बैंड को परमानेंट रखने का हमारा कोई इरादा नहीं है।

अप्रैल में घट सकती है यात्रियों की संख्या

रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक, अप्रैल में एयर पैसेंजर ट्रैफिक की ग्रोथ में 15 से 17% की गिरावट आ सकती है। मई 2020 के बाद से घरेलू पैसेंजर का ट्रैफिक फरवरी में 64% पर पहुंच गया था। मार्च 2021 में रोजाना औसतन 2.49 लाख यात्रियों ने फ्लाइट से यात्रा की है। 6 अप्रैल से 11 अप्रैल के दौरान मार्च की तुलना में इसमें 12% की अचानक गिरावट आई।

13 अप्रैल को 2 लाख से नीचे पहुंची यात्रियों की संख्या आंकड़ों के मुताबिक, 13 अप्रैल को करीब 5 महीने में पहली बार यात्रियों की संख्या 2 लाख से नीचे पहुंचकर 1 लाख 83 हजार 331 रह गई थी। डीजीसीए के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में 78 लाख यात्रियों ने यात्रा की, जबकि जनवरी में 77.3 लाख यात्रियों ने यात्रा की थी। फरवरी 2021 के दौरान रोजाना 2,296 फ्लाइट्स ने उड़ान भरी, जबकि फरवरी 2020 में यह संख्या 3,137 थी। हालांकि जनवरी 2021 की तुलना में यह संख्या बेहतर रही है। जनवरी 2021 में कुल 2,190 फ्लाइट्स ने रोजाना उड़ान भरी थी।